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शराब की दुकान संचालित होने के मामले में घिरे पूर्व नपाध्यक्ष
Updated Sun, 25 Feb 2018 01:52 AM IST
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शराब की दुकान संचालित होने के मामले में घिरे पूर्व नपाध्यक्ष
ललितपुर। राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन पुस्तकालय के पास स्थित मां कर्माबाई कांप्लेक्स में शराब की दुकान संचालित होने के मामले में पूर्व नपाध्यक्ष घिर गए हैं। ईओ (अधिशासी अधिकारी) ने इसे पालिका अनुबंधों के विपरीत बताते हुए नोटिस जारी किया है। एक पत्र आबकारी आयुक्त को भी लिखा गया है।
नगर पालिका परिषद की दुकानों में शराब की बिक्री नहीं करने का प्राविधान है। इसके बाद भी नियमों को ताक पर रखकर मां कर्माबाई कांप्लेक्स में शराब की दुकान चलाई जा रही है। इस दुकान से मां कर्माबाई कांप्लेक्स सहित सुपर मार्केट के दुकानदार भी प्रभावित हैं। शाम होते ही यहां शराबियों का जमावड़ा लग जाता है। यही नहीं, पास में बने राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन पुस्तकालय में भी बुद्धिजीवी पठन-पाठन से कतराते हैं। इस दुकान को हटाने की मांग को लेकर यहां के दुकानदार कई बार शिकायती पत्र अफसरों को दे चुके हैं। लेकिन. मामला तब तक दबा रहा जब तक कि वह पालिका के अध्यक्ष रहे।
पिछले दिनों जिले के प्रभारी मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने सुपर मार्केट का औचक निरीक्षण कर लिया था। उन्होंने पाया था कि शराबी यहां-वहां बैठकर शराब पीते हैं। इसके बाद नगर पालिका परिषद हरकत में आ गई। पालिका के ईओ अवनींद्र कुमार ने पूर्व पालिकाध्यक्ष सुभाष जायसवाल को नोटिस जारी कर दिया। इसमें कहा गया कि वह सात दिवस के अंदर शराब का व्यवसाय परिवर्तित कर लें। अन्यथा की स्थिति में दुकान आवंटन के निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त एक पत्र आबकारी आयुक्त को भी लिखा है। इसमें उन्होंने शराब की दुकान का नवीनीकरण नहीं करने का अनुरोध किया।
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पालिका के अनुबंधों के विपरीत शराब की दुकान नहीं चलने दी जाएगी। शीघ्र ही अंतिम नोटिस निर्गत की जाएगी।
रजनी साहू, पालिकाध्यक्ष, ललितपुर
सिकमी के मामले में नपा मौन
मां कर्माबाई कांप्लेक्स में पूर्व नपाध्यक्ष के नाम आठ व दस दुकान का आवंटन बताया गया है। लेकिन, जो दुकान पालिकाध्यक्ष के नाम है, उस दुकान का अनुज्ञापी कोई दूसरा है। इससे स्पष्ट है कि दुकान सिकमी के रूप में चलाई जा रही है। यह इकलौती दुकान नहीं है, बल्कि शहर की अधिकांश दुकानों में सिकमी दुकानदार घुसे हैं। इस पर नगर पालिका की नजर नहीं है। इससे पालिका को राजस्व की चपत लग रही है।
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ललितपुर। राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन पुस्तकालय के पास स्थित मां कर्माबाई कांप्लेक्स में शराब की दुकान संचालित होने के मामले में पूर्व नपाध्यक्ष घिर गए हैं। ईओ (अधिशासी अधिकारी) ने इसे पालिका अनुबंधों के विपरीत बताते हुए नोटिस जारी किया है। एक पत्र आबकारी आयुक्त को भी लिखा गया है।
नगर पालिका परिषद की दुकानों में शराब की बिक्री नहीं करने का प्राविधान है। इसके बाद भी नियमों को ताक पर रखकर मां कर्माबाई कांप्लेक्स में शराब की दुकान चलाई जा रही है। इस दुकान से मां कर्माबाई कांप्लेक्स सहित सुपर मार्केट के दुकानदार भी प्रभावित हैं। शाम होते ही यहां शराबियों का जमावड़ा लग जाता है। यही नहीं, पास में बने राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन पुस्तकालय में भी बुद्धिजीवी पठन-पाठन से कतराते हैं। इस दुकान को हटाने की मांग को लेकर यहां के दुकानदार कई बार शिकायती पत्र अफसरों को दे चुके हैं। लेकिन. मामला तब तक दबा रहा जब तक कि वह पालिका के अध्यक्ष रहे।
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पिछले दिनों जिले के प्रभारी मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने सुपर मार्केट का औचक निरीक्षण कर लिया था। उन्होंने पाया था कि शराबी यहां-वहां बैठकर शराब पीते हैं। इसके बाद नगर पालिका परिषद हरकत में आ गई। पालिका के ईओ अवनींद्र कुमार ने पूर्व पालिकाध्यक्ष सुभाष जायसवाल को नोटिस जारी कर दिया। इसमें कहा गया कि वह सात दिवस के अंदर शराब का व्यवसाय परिवर्तित कर लें। अन्यथा की स्थिति में दुकान आवंटन के निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त एक पत्र आबकारी आयुक्त को भी लिखा है। इसमें उन्होंने शराब की दुकान का नवीनीकरण नहीं करने का अनुरोध किया।
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पालिका के अनुबंधों के विपरीत शराब की दुकान नहीं चलने दी जाएगी। शीघ्र ही अंतिम नोटिस निर्गत की जाएगी।
रजनी साहू, पालिकाध्यक्ष, ललितपुर
सिकमी के मामले में नपा मौन
मां कर्माबाई कांप्लेक्स में पूर्व नपाध्यक्ष के नाम आठ व दस दुकान का आवंटन बताया गया है। लेकिन, जो दुकान पालिकाध्यक्ष के नाम है, उस दुकान का अनुज्ञापी कोई दूसरा है। इससे स्पष्ट है कि दुकान सिकमी के रूप में चलाई जा रही है। यह इकलौती दुकान नहीं है, बल्कि शहर की अधिकांश दुकानों में सिकमी दुकानदार घुसे हैं। इस पर नगर पालिका की नजर नहीं है। इससे पालिका को राजस्व की चपत लग रही है।