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पड़ितों की सुनवाई करने की वजाय भेजा जेल
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पीड़ितों की सुनवाई करने की जगह भेजा जेल
ललितपुर। थाना जाखलौन के ग्राम सगौरिया में आदिवासी सहरिया परिवार को पहले गांव के लोगों द्वारा उनके टपरा, गेहूं और सामान जलाकर उत्पीड़न किया और शिकायत करने पर पीड़ितों की सुनवाई की जगह उल्टा पुलिस द्वारा उन्हीं लोगों को जेल भेजने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की है। जबकि, प्रभारी निरीक्षक ने आरोप नकार दिए हैं।
ग्राम सगौरिया के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर बताया कि आदिवासी परिवार के देव सिंह उर्फ कल्लू व उसकी पत्नी धनुषरानी के खेत के डंठलों में कुछ लोगों ने 28 मई को आग लगा दी थी, जिससे उसका टपरा, गेहूं, अन्य सामान जल गया था। आग से गाय व बछिय की मौत हो गई थी। इसकी शिकायत थाना जाखलौन में की थी, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। सहरिया परिवार चार जून को घंटाघर पर अनशन पर न्याय मांगने को बैठा, लेकिन पुलिस ने उसी रात को करीब 11 बजे अनशन स्थल से जबरन उठा दिया। आरोप है कि थाना में बुलाकर उसके पक्ष के लोगों की मारपीट की, इससे पूरे शरीर पर चोटों के निशान हैं। घायल अवस्था में उनका चालान कर जेल भेज दिया गया। उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई करने, उत्पीड़न कर आग लगाने वालों के खिलाफ मुकदमा लिखे जाने और जांच कराकर दोषी अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन पर हरनारायण, जयकुमार, लक्ष्मन, लखन, हल्के, पूरन, रामकिशोर पटेल, सुख सिंह, द्वारिका पटेल, अंकुर, दयाराम, देवत सिंह, भगवान सिंह आदि के हस्ताक्षर हैं।
इस संबंध में थाना जाखलौन के प्रभारी निरीक्षक एके सिंह चौहान ने बताया कि आग लगाने का मुकदमा पहले लिखा जा चुका है। बीते रोज दोनों पार्टियों के लोग झगड़ा कर रहे थे, जिससे दोनों पक्षों के लोगों को शांतिभंग में जेल भेजा गया है।
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ललितपुर। थाना जाखलौन के ग्राम सगौरिया में आदिवासी सहरिया परिवार को पहले गांव के लोगों द्वारा उनके टपरा, गेहूं और सामान जलाकर उत्पीड़न किया और शिकायत करने पर पीड़ितों की सुनवाई की जगह उल्टा पुलिस द्वारा उन्हीं लोगों को जेल भेजने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की है। जबकि, प्रभारी निरीक्षक ने आरोप नकार दिए हैं।
ग्राम सगौरिया के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर बताया कि आदिवासी परिवार के देव सिंह उर्फ कल्लू व उसकी पत्नी धनुषरानी के खेत के डंठलों में कुछ लोगों ने 28 मई को आग लगा दी थी, जिससे उसका टपरा, गेहूं, अन्य सामान जल गया था। आग से गाय व बछिय की मौत हो गई थी। इसकी शिकायत थाना जाखलौन में की थी, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। सहरिया परिवार चार जून को घंटाघर पर अनशन पर न्याय मांगने को बैठा, लेकिन पुलिस ने उसी रात को करीब 11 बजे अनशन स्थल से जबरन उठा दिया। आरोप है कि थाना में बुलाकर उसके पक्ष के लोगों की मारपीट की, इससे पूरे शरीर पर चोटों के निशान हैं। घायल अवस्था में उनका चालान कर जेल भेज दिया गया। उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई करने, उत्पीड़न कर आग लगाने वालों के खिलाफ मुकदमा लिखे जाने और जांच कराकर दोषी अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन पर हरनारायण, जयकुमार, लक्ष्मन, लखन, हल्के, पूरन, रामकिशोर पटेल, सुख सिंह, द्वारिका पटेल, अंकुर, दयाराम, देवत सिंह, भगवान सिंह आदि के हस्ताक्षर हैं।
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इस संबंध में थाना जाखलौन के प्रभारी निरीक्षक एके सिंह चौहान ने बताया कि आग लगाने का मुकदमा पहले लिखा जा चुका है। बीते रोज दोनों पार्टियों के लोग झगड़ा कर रहे थे, जिससे दोनों पक्षों के लोगों को शांतिभंग में जेल भेजा गया है।
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