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---जब बीएसए ने लिपिक के चैम्बर में जड़ा ताला
Updated Sat, 29 Sep 2018 03:16 AM IST
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बीएसए ने लिपिक के चैंबर में जड़ा ताला
ललितपुर। बीएसए कार्यालय में कार्यरत एक लिपिक को अपने ही अधिकारी का आदेश नहीं मानना महंगा पड़ गया। शुक्रवार को बीएसए ने लिपिक के चैंबर में ताला लगवा दिया। जिससे उसे अन्य जगह विभागीय कामकाज निपटाना पड़ा।
बीएसए कार्यालय में लिपिक वर्ग की मनमानी किसी से छिपी नहीं है। यहां कई लिपिक अपने पटलों पर नहीं बैठकर इधर-उधर मंडराते रहते हैं तो कई कार्यालय समयावधि के पहले जनपद छोड़ देते हैं। एक बाबू तो ऐसा है जिसने कार्यालय में अपने सहयोग के लिए अन्य व्यक्ति लगा लिया है। नियमता, कोई भी लिपिक किसी बाहरी व्यक्ति की मदद नहीं ले सकता है। इसके बाद भी बाबू अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं। जिसका परिणाम है कि विभागीय कामकाज को गति नहीं मिल पा रही है। बृहस्पतिवार को ऐसा ही हुआ। एक लिपिक ने कार्यालय समयावधि के पहले स्टेशन छोड़ दिया। इसी दौरान बीएसए मायाराम को संबंधित पटल की सूचनाओं की आवश्यकता पड़ गई। उन्हें संबंधित सूचनाएं शासन को भेजनी थी लेकिन पटल सहायक फोन पर हुई वार्ता के बाद भी कार्यालय वापस नहीं लौटे। इससे बीएसए का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। शुक्रवार को उन्होंने लिपिक के चैंबर में ताला जड़वा दिया। इससे लिपिक को बैठने की समस्या हो गई। उसने बीएसए का गुस्सा शांत करने का काफी प्रयास किया लेकिन वह रियायत देने के मूड में नहीं दिखे। इसके बाद उसने कार्यालय में अन्य जगह बैठकर काम निपटाया।
.....
नोटिस देंगे
लिपिक ने दिए निर्देशों की अनदेखी की। जिस वजह से चैंबर में ताला लगवाया। अब उसे लापरवाही के लिए नोटिस दिया जा रहा है।
मायाराम
बीएसए ललितपुर।
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ललितपुर। बीएसए कार्यालय में कार्यरत एक लिपिक को अपने ही अधिकारी का आदेश नहीं मानना महंगा पड़ गया। शुक्रवार को बीएसए ने लिपिक के चैंबर में ताला लगवा दिया। जिससे उसे अन्य जगह विभागीय कामकाज निपटाना पड़ा।
बीएसए कार्यालय में लिपिक वर्ग की मनमानी किसी से छिपी नहीं है। यहां कई लिपिक अपने पटलों पर नहीं बैठकर इधर-उधर मंडराते रहते हैं तो कई कार्यालय समयावधि के पहले जनपद छोड़ देते हैं। एक बाबू तो ऐसा है जिसने कार्यालय में अपने सहयोग के लिए अन्य व्यक्ति लगा लिया है। नियमता, कोई भी लिपिक किसी बाहरी व्यक्ति की मदद नहीं ले सकता है। इसके बाद भी बाबू अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं। जिसका परिणाम है कि विभागीय कामकाज को गति नहीं मिल पा रही है। बृहस्पतिवार को ऐसा ही हुआ। एक लिपिक ने कार्यालय समयावधि के पहले स्टेशन छोड़ दिया। इसी दौरान बीएसए मायाराम को संबंधित पटल की सूचनाओं की आवश्यकता पड़ गई। उन्हें संबंधित सूचनाएं शासन को भेजनी थी लेकिन पटल सहायक फोन पर हुई वार्ता के बाद भी कार्यालय वापस नहीं लौटे। इससे बीएसए का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। शुक्रवार को उन्होंने लिपिक के चैंबर में ताला जड़वा दिया। इससे लिपिक को बैठने की समस्या हो गई। उसने बीएसए का गुस्सा शांत करने का काफी प्रयास किया लेकिन वह रियायत देने के मूड में नहीं दिखे। इसके बाद उसने कार्यालय में अन्य जगह बैठकर काम निपटाया।
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नोटिस देंगे
लिपिक ने दिए निर्देशों की अनदेखी की। जिस वजह से चैंबर में ताला लगवाया। अब उसे लापरवाही के लिए नोटिस दिया जा रहा है।
मायाराम
बीएसए ललितपुर।