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बालू घाटों का खनन पट्टा कराने में नहीं दिलचस्पी

Wed, 18 Oct 2017 02:30 AM IST
Updated Wed, 18 Oct 2017 02:30 AM IST
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बालू घाटों का खनन पट्टा कराने में नहीं दिलचस्पी
बालू घाटों का खनन पट्टा कराने में नहीं दिलचस्पी
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-खनन पट्टा कराने, बालू के अवैध खनन पर लगानी होगी रोक
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जनपद की बालू खदानों के पट्टा लेने में बालू कारोबारी खास दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। विभाग द्वारा जनपद की 14 बालू घाटों के खदान पट्टा जारी करने के लिए ई-टेंडरिंग प्रक्रिया अपनाई गई है, लेकिन इसमें मात्र तीन घाटों के लिए आवेदन आए हैं। अब इन घाटों की नीलामी भी ऑनलाइन ही की जाएगी। खनन पट्टा लेने में दिलचस्पी नहीं दिखाने के पीछे मुख्य वजह अवैध खनन और घाटों पर बालू का नहीं होना है।
जिला खनिज विभाग ने जनपद की तहसील महरोनी, तालबेहट और सदर क्षेत्र में स्थित जामनी व शहजाद नदी के कुल 14 घाटों का पांच वर्ष के लिए बालू खनन पट्टा जारी करने के लिए विगत माह ई-टेंडरिंग व ई-नीलामी प्रक्रिया शुरू की थी। आनलाइन आवेदन की प्रक्रिया समाप्त हो गई है, कारोबारियों ने इसमें कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई है। ई-नीलामी प्रक्रिया में कुल 06 घाटों के लिए आवेदन आए हैं, लेकिन इनमें तीन घाटों के लिए मात्र एक-एक ही आवेदन आए हैं जो नियमानुसार स्वत: ही निरस्त हो जाएंगे, क्योंकि कम से कम दो आवेदक होना जरूरी है। तालबेहट तहसील क्षेत्र के ग्राम दिदौरा व पूराकलां और महरौनी के ग्राम कैलगुवां में स्थित घाट के लिए मात्र एक-एक ही आवेदन आए हैं। इसके अलावा महरौनी क्षेत्र के ग्राम कैलगुवां में स्थित जामनी नदी के तीन घाटों के लिए दो-दो आवेदन प्राप्त हुए हैं। गौरतलब है कि जनपद में बिना पट्टे के ही बालू का खनन वर्षों से होता चला आ रहा है। वर्तमान में भले ही जिला प्रशासन व खनिज विभाग बालू के अवैध खनन को लेकर सख्ती बरत रहा है, लेकिन इस समय घाटों पर पर्याप्त मात्रा में बालू नहीं बची हुई है। इस वर्ष जनपद में इतनी बारिस नहीं हुई है कि नदी-नालों में बालू बहकर आए और इससे पहले नदियों में जो बालू थी उसे अवैध खनन करके निकाल लिया गया है। कई खनन माफियाओं का ऐसा भी मानना है कि जब बिना कोई टैक्स दिए चोरी से उनका काम चल रहा है तो फिर वह खदान का पट्टा क्यों कराएं। यही मुख्य वजह है, जिनके चलते बालू कारोबारी जनपद के नदी घाटों पर खनन का पट्टा लेना नहीं चाहते।
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दूसरे चरण में होगी आनलाइन नीलामी
बालू खनन पट्टे की आनलाइन प्रक्रिया का प्रथम चरण पूर्ण हो चुका है, इस दौरान जिन आवेदकों ने आवेदन किए हैं, वह अब दूसरे चरण में ई-नीलामी प्रक्रिया में शामिल होंगे। उक्त तीनों घाटों के लिए दो-दो आवेदन आए हैं केवल यह ही दूसरे चरण में नीलामी प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे। इसके अलावा बांकी अन्य घाटों के पट्टे के लिए आगामी दिनों में जिला प्रशासन पुन: प्रक्रिया अपनाएगा।
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बालू है पर कारोबारी नहीं
जनपद के सभी घाटों पर पर्याप्त बालू है, यहां पर बालू कारोबारियों की कमी है। यदि इसके अलावा भी कोई अन्य वजह है तो इस बारे में भी जानकारी लेंगे। विभाग व जिला प्रशासन द्वारा अवैध खनन रोकने के लिए नियमित प्रयास किए जा रहे हैं और लगभग अवैध खनन पर अंकुुश भी लग चुका है।
-अरविंद कुमार
जिला खनिज अधिकारी, ललितपुर।
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