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गले में पहचान पत्र लटकाकर शिक्षण कार्य करेंगे परिषदीय शिक्षक
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ललितपुर। परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को गले में पहचान पत्र लटकाकर शिक्षण कार्य करना होगा। इसके पीछे की मंशा ठेका पर शिक्षण कार्य कराने की घटनाओं पर अंकुश लगाना है। पिछले दिनों बीएसए के निरीक्षण में मड़ावरा ब्लाक के एक स्कूल में एक अन्य व्यक्ति पढ़ाते मिला था। हालांकि, इस मामले में विभागीय कार्रवाई अंजाम तक नहीं पहुंच सकी है।
परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक और शिक्षिकाओं को मोटा वेतन मिलता है। इसके बाद भी कुछ शिक्षक और शिक्षिकाओं को स्कूलों में शिक्षण कार्य रास नहीं आता है। ऐसे शिक्षक विभागीय कर्मियों से साठगांठ कर लंबे समय तक विद्यालय से गायब बने रहते हैं और वे स्कूल नहीं जाकर किसी अन्य व्यक्ति से ठेके पर शिक्षण कार्य कार्य लेते रहते हैं।
बीते दिनों तत्कालीन बीएसए मनोज कुमार वर्मा के निरीक्षण में ऐसा ही मामला संज्ञान में आया था। इस पर उन्होंने संबंधितों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए थे, लेकिन कार्रवाई परवान नहीं चढ़ सकी है। शासन ने लापरवाह शिक्षकों पर नकेल कसने के लिए सभी को परिचय पत्र जारी करने के निर्देश दिए हैं। शासन ने परिचय पत्र के लिए धनराशि भी अवमुक्त कर दी है।
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बेसिक शिक्षा परिषद के उप सचिव अनिल कुमार ने बीएसए को लिखे पत्र में बताया है कि शासन द्वारा अध्यापकों के पहचान पत्र के लिए 50 रुपये प्रति कार्ड की दर से धनराशि अवमुक्त की है। पहचान पत्र का लेमिनेशन फीता सहित संबंधित अध्यापक को उपलब्ध कराया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक अध्यापक व अध्यापिका द्वारा पहचान पत्र अपने पास रखा जाएगा। विद्यालयों में कार्यरत अध्यापकों को दिए जाने वाले पहचान पत्र (परिचय पत्र) पर मानव संपदा पहचान संख्या, अध्यापक का नाम, पद नाम, पिता/पति का नाम, जन्मतिथि, विद्यालय का नाम, ब्लॉक का नाम, वर्तमान पता, मोबाइल नंबर, ब्लड ग्रुप व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के हस्ताक्षर अंकित होंगे। परिचय पत्र शासकीय उपयोग के लिए रखा जाएगा। इसका प्रयोग निजी कार्यो के लिए नहीं किया जाएगा।
परिचय पत्र खोने व नष्ट होने की दशा में इसकी सूचना थाने व बीएसए कार्यालय में जमा करानी होगी। स्थानांतरण होने पर परिचय पत्र बीएसए कार्यालय में जमा करना होगा। इस पर अनाधिकृत रूप से कुछ भी नहीं लिख सकते हैं।
गायब शिक्षकों का मामला ठंडे बस्ते में
महीनों पहले शिक्षा अफसरों ने स्कूलों में लंबे समय से गायब शिक्षक व शिक्षिकाओं को चिह्नित किया था। विभागीय अफसरों ने चिह्नित शिक्षकों को दो नोटिस जारी कर समाचार पत्रों में साक्ष्य सहित बीएसए कार्यालय में उपस्थित होने की सूचना प्रकाशित करा दी थी, लेकिन इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इस मामले में विभागीय अफसर हाथ डालने से बच रहे हैं।
एक माह के अंदर शिक्षक और शिक्षिकाओं को परिचय पत्र उपलब्ध कराए जाने हैं। इस संबंध में शासन के निर्देश जारी हो गए हैं।
- रामप्रवेश, बीएसए
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परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक और शिक्षिकाओं को मोटा वेतन मिलता है। इसके बाद भी कुछ शिक्षक और शिक्षिकाओं को स्कूलों में शिक्षण कार्य रास नहीं आता है। ऐसे शिक्षक विभागीय कर्मियों से साठगांठ कर लंबे समय तक विद्यालय से गायब बने रहते हैं और वे स्कूल नहीं जाकर किसी अन्य व्यक्ति से ठेके पर शिक्षण कार्य कार्य लेते रहते हैं।
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बीते दिनों तत्कालीन बीएसए मनोज कुमार वर्मा के निरीक्षण में ऐसा ही मामला संज्ञान में आया था। इस पर उन्होंने संबंधितों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए थे, लेकिन कार्रवाई परवान नहीं चढ़ सकी है। शासन ने लापरवाह शिक्षकों पर नकेल कसने के लिए सभी को परिचय पत्र जारी करने के निर्देश दिए हैं। शासन ने परिचय पत्र के लिए धनराशि भी अवमुक्त कर दी है।
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बेसिक शिक्षा परिषद के उप सचिव अनिल कुमार ने बीएसए को लिखे पत्र में बताया है कि शासन द्वारा अध्यापकों के पहचान पत्र के लिए 50 रुपये प्रति कार्ड की दर से धनराशि अवमुक्त की है। पहचान पत्र का लेमिनेशन फीता सहित संबंधित अध्यापक को उपलब्ध कराया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक अध्यापक व अध्यापिका द्वारा पहचान पत्र अपने पास रखा जाएगा। विद्यालयों में कार्यरत अध्यापकों को दिए जाने वाले पहचान पत्र (परिचय पत्र) पर मानव संपदा पहचान संख्या, अध्यापक का नाम, पद नाम, पिता/पति का नाम, जन्मतिथि, विद्यालय का नाम, ब्लॉक का नाम, वर्तमान पता, मोबाइल नंबर, ब्लड ग्रुप व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के हस्ताक्षर अंकित होंगे। परिचय पत्र शासकीय उपयोग के लिए रखा जाएगा। इसका प्रयोग निजी कार्यो के लिए नहीं किया जाएगा।
परिचय पत्र खोने व नष्ट होने की दशा में इसकी सूचना थाने व बीएसए कार्यालय में जमा करानी होगी। स्थानांतरण होने पर परिचय पत्र बीएसए कार्यालय में जमा करना होगा। इस पर अनाधिकृत रूप से कुछ भी नहीं लिख सकते हैं।
गायब शिक्षकों का मामला ठंडे बस्ते में
महीनों पहले शिक्षा अफसरों ने स्कूलों में लंबे समय से गायब शिक्षक व शिक्षिकाओं को चिह्नित किया था। विभागीय अफसरों ने चिह्नित शिक्षकों को दो नोटिस जारी कर समाचार पत्रों में साक्ष्य सहित बीएसए कार्यालय में उपस्थित होने की सूचना प्रकाशित करा दी थी, लेकिन इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इस मामले में विभागीय अफसर हाथ डालने से बच रहे हैं।
एक माह के अंदर शिक्षक और शिक्षिकाओं को परिचय पत्र उपलब्ध कराए जाने हैं। इस संबंध में शासन के निर्देश जारी हो गए हैं।
- रामप्रवेश, बीएसए