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महंगा पड़ा नसबंदी शिविर में वसूली करना
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 12 Nov 2016 12:43 AM IST
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fraud jhansi news
- फोटो : demo
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शिकायत पर डीएम के आदेश पर पहुंचे सीएमओ ने स्वास्थ्य कर्मी से रुपये वापस कराए। इस दौरान कर्मचारी के साथ अभद्रता भी की गई।
बानपुर के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया था। शिविर में आयीं महिलाओं का रजिस्ट्रेशन सीएचसी बार में तैनात एक स्वास्थ्य कर्मी करने लगा। आरोप है कि इस दौरान महिलाओं व आशा कार्यकत्रियों से जल्द ऑपरेशन कराने के बदले चार सौ रुपये सुविधा शुल्क की मांग की गई। शिविर में भीड़ को देखते हुए 11 महिलाओं ने रुपये जमा कर दिए, लेकिन जब इसकी जानकारी अन्य लोगों को हुई तो उन्होंने हंगामा करना शुरु कर दिया।
इसी बीच किसी ने ऑपरेशन जल्द कराने के नाम पर रुपये वसूले जाने की सूचना जिलाधिकारी डा रुपेश कुमार को दे दी। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सीएमओ डा प्रताप सिंह को बानपुर जाकर जांच करने के आदेश दिए। सीएमओ नसबंदी शिविर के नोडल अधिकारी डा अजय भाले को लेकर शाम पांच बजे पीएचसी पर पहुंचे। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मी को डांटा। इस दौरान लोगों ने स्वास्थ्य कर्मी के साथ अभद्रता भी की। बाद में सीएमओ ने महिलाओं के रुपये वापस कराए।
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बानपुर के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया था। शिविर में आयीं महिलाओं का रजिस्ट्रेशन सीएचसी बार में तैनात एक स्वास्थ्य कर्मी करने लगा। आरोप है कि इस दौरान महिलाओं व आशा कार्यकत्रियों से जल्द ऑपरेशन कराने के बदले चार सौ रुपये सुविधा शुल्क की मांग की गई। शिविर में भीड़ को देखते हुए 11 महिलाओं ने रुपये जमा कर दिए, लेकिन जब इसकी जानकारी अन्य लोगों को हुई तो उन्होंने हंगामा करना शुरु कर दिया।
इसी बीच किसी ने ऑपरेशन जल्द कराने के नाम पर रुपये वसूले जाने की सूचना जिलाधिकारी डा रुपेश कुमार को दे दी। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सीएमओ डा प्रताप सिंह को बानपुर जाकर जांच करने के आदेश दिए। सीएमओ नसबंदी शिविर के नोडल अधिकारी डा अजय भाले को लेकर शाम पांच बजे पीएचसी पर पहुंचे। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मी को डांटा। इस दौरान लोगों ने स्वास्थ्य कर्मी के साथ अभद्रता भी की। बाद में सीएमओ ने महिलाओं के रुपये वापस कराए।
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