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कोरोना संकमित न्यायिक अधिकारियों के इलाज की जिम्मेदारी हमारी : ब्रजेश पाठक
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ललितपुर। उत्तर प्रदेश के न्याय मंत्री ब्रजेश पाठक ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ के पदाधिकारियों के साथ वर्चुअल मीटिंग में कोरोना से जान गंवाने वाले न्यायिक अधिकारियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित न्यायिक अधिकारियों के इलाज की जिम्मेदारी हमारी है।
न्याय मंत्री ने उच्च न्यायालय की खंडपीठ, लखनऊ के न्यायमूर्ति स्व. वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों में कार्यरत 11 न्यायिक अधिकारियों स्व. सत्य प्रकाश द्विवेदी एडीजे मुरादाबाद, स्व. राजीव कुमार सिंह एडीजे बदायूं, स्व. विष्णु प्रताप सिंह एडीजे देवरिया, स्व. धीरेन्द्र प्रताप सिंह एडीजे प्रयागराज, स्व. कृष्ण चन्द्र पांडेय एडीजे बस्ती, स्व. अमी सिंह एडीजे भदोही, स्व. शकील अहमद खान प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय संत कबीर नगर, स्व. राजेश कुमार एडीजे लखीमपुर, स्व. तैयब अहमद एडीजे सहारनपुर, स्व. ओमवीर एडीजे ललितपुर एवं स्व. अमित कुमार सिंह सीजेएम एटा को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि यह अप्रत्याशित आपदा काल है। हम सभी को कोरोना से जीतने तक पूरी ताकत के साथ लड़ना है। पूरी सरकार आपके साथ खड़ी है।
उन्होंने सुझाव दिया कि न्यायिक सेवा संघ का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाए ताकि इस आपदा काल में सभी एक दूसरे के संपर्क में रहें और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उन्हें सहायता पहुंचाई जा सके। न्याय मंत्री ने यह भी आश्वस्त किया कि जो भी अधिकारी कोरोना से संक्रमित होगा उसे वह स्वयं पैरवी करके अस्पताल में भर्ती कराने से लेकर उन्हें अच्छी से अच्छी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएंगे और कोरोना पीड़ित अधिकारियों के लगातार संपर्क में रहकर उनके मनोबल को कमजोर नहीं होने देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में जो भी अधिकारी कोरोना संक्रमित होकर अस्पताल में भर्ती हैं, वह लगातार उनके संपर्क में हैं और उनकी जरूरतों के अनुसार उन्हें पर्याप्त चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध करा रहे हैं। न्यायिक सेवा संघ द्वारा बैठक में ही ऑनलाइन एक मांगपत्र दिया गया, जिसमें प्रमुखता से सभी न्यायिक अधिकारियों व उनके परिजनों एवं न्यायालय कर्मियों को फ्रंट लाइन वर्कर मानते हुए अविलंब उनके टीकाकरण सभी न्यायिक अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
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न्याय मंत्री ने उच्च न्यायालय की खंडपीठ, लखनऊ के न्यायमूर्ति स्व. वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों में कार्यरत 11 न्यायिक अधिकारियों स्व. सत्य प्रकाश द्विवेदी एडीजे मुरादाबाद, स्व. राजीव कुमार सिंह एडीजे बदायूं, स्व. विष्णु प्रताप सिंह एडीजे देवरिया, स्व. धीरेन्द्र प्रताप सिंह एडीजे प्रयागराज, स्व. कृष्ण चन्द्र पांडेय एडीजे बस्ती, स्व. अमी सिंह एडीजे भदोही, स्व. शकील अहमद खान प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय संत कबीर नगर, स्व. राजेश कुमार एडीजे लखीमपुर, स्व. तैयब अहमद एडीजे सहारनपुर, स्व. ओमवीर एडीजे ललितपुर एवं स्व. अमित कुमार सिंह सीजेएम एटा को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि यह अप्रत्याशित आपदा काल है। हम सभी को कोरोना से जीतने तक पूरी ताकत के साथ लड़ना है। पूरी सरकार आपके साथ खड़ी है।
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उन्होंने सुझाव दिया कि न्यायिक सेवा संघ का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाए ताकि इस आपदा काल में सभी एक दूसरे के संपर्क में रहें और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उन्हें सहायता पहुंचाई जा सके। न्याय मंत्री ने यह भी आश्वस्त किया कि जो भी अधिकारी कोरोना से संक्रमित होगा उसे वह स्वयं पैरवी करके अस्पताल में भर्ती कराने से लेकर उन्हें अच्छी से अच्छी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएंगे और कोरोना पीड़ित अधिकारियों के लगातार संपर्क में रहकर उनके मनोबल को कमजोर नहीं होने देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में जो भी अधिकारी कोरोना संक्रमित होकर अस्पताल में भर्ती हैं, वह लगातार उनके संपर्क में हैं और उनकी जरूरतों के अनुसार उन्हें पर्याप्त चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध करा रहे हैं। न्यायिक सेवा संघ द्वारा बैठक में ही ऑनलाइन एक मांगपत्र दिया गया, जिसमें प्रमुखता से सभी न्यायिक अधिकारियों व उनके परिजनों एवं न्यायालय कर्मियों को फ्रंट लाइन वर्कर मानते हुए अविलंब उनके टीकाकरण सभी न्यायिक अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
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