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दरकने लगा निर्माणाधीन सचिवालय
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Fri, 19 Feb 2016 12:31 AM IST
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सिलावन (ललितपुर)। विकासखंड महरौनी के अंतर्गत ग्राम पंचायत सिलावन में निर्माणाधीन सचिवालय का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है और वह दरकने लगा है। ऐसे में उसकी गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
सरकार ग्राम पंचायतों में लाखों रुपये खर्च कर ग्राम सचिवालयों का निर्माण करा रही है। इसके पीछे उद्देश्य यह है कि ग्रामीणों को गांव के विकास से संबंधित जानकारी के साथ-साथ सरकार द्वारा संचालित लाभार्थी परक योजनाओं की जानकारी करने के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़े और ग्राम पंचायत की बैठकों का नियत स्थान हो।
ग्राम पंचायत सिलावन में सचिवालय निर्माणाधीन अवस्था में है, लेकिन यह भवन कई जगह से दरक गया है, जिससे उक्त भवन कभी भी धराशायी हो सकता है। बिना सरिया के खंभों का निर्माण करा दिया और उस पर बीम व लिंटर डाल दिया। यहां तक तो सब कुछ ठीक रहा, लेकिन ईंट से बने पिलर बीच-बीच में दरक गए। इतना ही नहीं, गिट्टी, सीमेंट व बालू का अनुपात भी काफी कम होने के कारण लिंटर भी खस्ता हाल है। कई खंभों से बीम का साथ छूट गया है। दस लाख रुपये की लागत से तैयार किए जा रहे इस सचिवालय की गुणवत्ता पर ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने इसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
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सरकार ग्राम पंचायतों में लाखों रुपये खर्च कर ग्राम सचिवालयों का निर्माण करा रही है। इसके पीछे उद्देश्य यह है कि ग्रामीणों को गांव के विकास से संबंधित जानकारी के साथ-साथ सरकार द्वारा संचालित लाभार्थी परक योजनाओं की जानकारी करने के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़े और ग्राम पंचायत की बैठकों का नियत स्थान हो।
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ग्राम पंचायत सिलावन में सचिवालय निर्माणाधीन अवस्था में है, लेकिन यह भवन कई जगह से दरक गया है, जिससे उक्त भवन कभी भी धराशायी हो सकता है। बिना सरिया के खंभों का निर्माण करा दिया और उस पर बीम व लिंटर डाल दिया। यहां तक तो सब कुछ ठीक रहा, लेकिन ईंट से बने पिलर बीच-बीच में दरक गए। इतना ही नहीं, गिट्टी, सीमेंट व बालू का अनुपात भी काफी कम होने के कारण लिंटर भी खस्ता हाल है। कई खंभों से बीम का साथ छूट गया है। दस लाख रुपये की लागत से तैयार किए जा रहे इस सचिवालय की गुणवत्ता पर ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने इसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
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