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दलित और आदिवासी विरोधी राजस्व संहिता वापस ली जाए
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Wed, 03 Feb 2016 12:37 AM IST
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ललितपुर। कांग्रेस पार्टी ने नई राजस्व संहिता का विरोध किया है। पार्टी ने दलित और आदिवासी विरोधी राजस्व संहिता को वापस लेने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम एमके त्रिवेदी को सौंपा।
मंगलवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने कहा कि उप्र जमींदारी विनोश और भूमि व्यवस्था अधिनियम की धारा 157 (क) के अंतर्गत अनुसूचित जाति के भूमिधर की जमीनों को गैर अनुसूचित जाति के सदस्यों के खरीदने पर लगे प्रतिबंधों को यथावत रखा जाए। विकास कार्यों के नाम पर अर्जित भूमि के बीच में पड़ने वाली लोक उपयोगिता की श्रेणी बदलने के लिए सरकार को सक्षम बनाया गया है। यह जनविरोधी कदम है, इसे वापस लिया जाए। दलित और गरीब समुदाय के अधिकारों और हितों को देखते हुए पूरी राजस्व संहिता का परीक्षण कराया जाए। इसके बाद ही इसे लागू किया जाए।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष दुर्गाप्रसाद कुशवाहा, नगर अध्यक्ष हरीबाबू शर्मा, हरीकिशन बाबा, वीरेंद्र राजा, बिट्टूराजा, अमित प्रिय जैन, अनिल जैन सीमा, रामस्वरूप देवलिया, जयकुमार कुशवाहा, हरचरन कुशवाहा, इंद्रजीत सिंह, प्रेम भैया नामदेव, अमरपाल श्रीवास, आनंद कुशवाहा, अजय श्रीवास्तव, अजय तोमर, बायजू राजा, पावर्ती, अंकित यादव, डा. सुनील खजुरिया, मोंटी शुक्ला, समद खां, मु आसिफ, वैभव, रमेश सहरिया, अमित बुंदेला, लखन सहरिया, सोनू पाठक आदि मौजूद रहे।
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मंगलवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने कहा कि उप्र जमींदारी विनोश और भूमि व्यवस्था अधिनियम की धारा 157 (क) के अंतर्गत अनुसूचित जाति के भूमिधर की जमीनों को गैर अनुसूचित जाति के सदस्यों के खरीदने पर लगे प्रतिबंधों को यथावत रखा जाए। विकास कार्यों के नाम पर अर्जित भूमि के बीच में पड़ने वाली लोक उपयोगिता की श्रेणी बदलने के लिए सरकार को सक्षम बनाया गया है। यह जनविरोधी कदम है, इसे वापस लिया जाए। दलित और गरीब समुदाय के अधिकारों और हितों को देखते हुए पूरी राजस्व संहिता का परीक्षण कराया जाए। इसके बाद ही इसे लागू किया जाए।
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इस मौके पर जिलाध्यक्ष दुर्गाप्रसाद कुशवाहा, नगर अध्यक्ष हरीबाबू शर्मा, हरीकिशन बाबा, वीरेंद्र राजा, बिट्टूराजा, अमित प्रिय जैन, अनिल जैन सीमा, रामस्वरूप देवलिया, जयकुमार कुशवाहा, हरचरन कुशवाहा, इंद्रजीत सिंह, प्रेम भैया नामदेव, अमरपाल श्रीवास, आनंद कुशवाहा, अजय श्रीवास्तव, अजय तोमर, बायजू राजा, पावर्ती, अंकित यादव, डा. सुनील खजुरिया, मोंटी शुक्ला, समद खां, मु आसिफ, वैभव, रमेश सहरिया, अमित बुंदेला, लखन सहरिया, सोनू पाठक आदि मौजूद रहे।
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