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बर्बाद फसल का दिलाया जाए मुआवजा

Thu, 03 Sep 2015 11:47 PM IST
ललितपुर ब्यूरो
ललितपुर ब्यूरो Updated Thu, 03 Sep 2015 11:47 PM IST
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Compensation should be made ??of crop waste
ललितपुर। खरीफ व रबी की फसलों पर प्रकृति का प्रकोप पड़ने से किसान बर्बादी के कगार पर पहुंच गए हैं। अब उनके सामने घर चलाने का संकट खड़ा हो गया है। बृहस्पतिवार को आधा दर्जन गांवों के सैकड़ों किसानों ने जल्द से जल्द आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है। ऐसा नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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पिछले साल खरीफ और अब रबी के सीजन के दौरान समय पर बारिश नहीं होने से किसानों की खेतों में ही उर्द, मूंग, सोयाबीन की फसल पीली हो गई है। फसल पिछली बार अधिक बारिश व ओलावृष्टि की भेंट चढ़ गई थी। पिछले साल का अधिकांश किसानों तक मुआवजा नहीं पहुंचा है। अब दोबारा फसल मरने से किसानों के सामने घर चलाने का संकट खड़ा हो गया है। जिलाधिकारी जुहेर बिन सगीर को दिए गए प्रार्थना पत्र में ग्राम बरौदिया राइन के ग्रामीणों ने बताया कि पिछले फसल नष्ट होने के बाद साहूकारों व केसीसी से कर्ज लेकर रबी की फसल बोई, थी लेकिन इस बार बारिश नहीं होने से यह खेतों में पीली पड़ गई है, जिससे इसमें फली लगना भी बंद हो गया है। उन्होंने सर्वे करवाने व मुआवजा दिलाने की मांग की है। प्रार्थनापत्र पर अमोल सिंह, ताहर सिंह, पारथ सिंह, अंगद, जगदीश, रजत सिंह, हरिश्चंद्र, अजय पाल, करंजू, रामजी सहाय, भगत सिंह, रामदेव, संजीव, रामदेव, विक्रम, कुलदीप, राघवेंद्र, अजय प्रताप सिंह, माधव सिंह, मुकेश कुमार, देवसिंह, देवेंद्र सिंह सहित अन्य ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।
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 नहीं मिला मुआवजा
ललितपुर। सदर तहसील अंतर्गत ग्राम चीरा व पाचौनी के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर बताया कि फसल बर्बाद होने के बाद उनको अब तक मुआवजा नहीं मिल सका है। उन्होंने खरीफ का मुआवजा दिलाने व रबी का सर्वे करवाने की मांग की है।
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जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थनापत्र में ग्रामीणों ने बताया कि पिछले साल गेहूं, चना व मटर की फसल बारिश से खेतों में सड़ गई, उसका अब तक मुआवजा नहीं मिल सका है। अब उर्द, मूंग व सोयाबीन की फसल पानी के अभाव में मर गई है। किसान बर्बादी के कगार पर पहुंच गए हैं। ऐसी स्थिति में मुआवजा नहीं मिला तो उनके सामने भुखमरी की स्थिति खड़ी हो जाएगी। उन्होंने खरीफ की फसल का मुआवजा दिलाने व रबी की फसल का सर्वे करके क्षतिपूर्ति की मांग की है। प्रार्थनापत्र पर श्याम सुंदर शुक्ला, प्रकाश नारायण, राजीव चौबे, रामकुमार शुक्ला, प्रेमनारायण शुक्ला, काशीराम, रामकंकन, महादेव प्रसाद, लक्ष्मी नारायण चौबे, रूप नारायण शुक्ला, ईश्वरदास आदि के हस्ताक्षर हैं। वहीं, ग्राम इमलिया, कारीटोरन, देवरान, हीरापुर, धोवनखेरी, खोंखरा, कारीटोरन के ग्रामीणों ने भी मुआवजा की मांग की। मांग करने वालों में अनिल पटैरिया, रामजी पाठक, जसविंद पाठक, पुनीत पाठक, हेमंत झां, देवेंद्र, मनोज सेन, दिनेश, प्रकाश रामकिबतर, राजीेश तिवारी, मनीराम, नरेंद्र, हजारी, अनुराग, विंद्रावन, सुकलाल, विश्वकर्मा, अभिषेक दुबे, नीरज कोंते, मुलु सेन, दीनू झां, गिरधारी झां आदि के नाम शामिल हैं।



 किसानों के साथ हो रहा भेदभाव
ललितपुर। स्वामी ब्रह्मानंद यूथ ब्रिगेड ने सर्वे व मुआवजा वितरण में किसानों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में बताया गया कि लगातार फसल मरने के बाद भी अब तक किसी एक फसल का पूरा मुआवजा नहीं दिया गया है। सर्वे में भी राजस्व कर्मी लगातार गड़बड़ियां करते चले आ रहे हैं। इसके बाद भी किसी एक कर्मचारी पर कार्रवाई नहीं हुई है। अब तक खरीफ के सभी किसानों को मुआवजा नहीं मिल पाया है। अब रबी की फसल मर गई है। उन्होंने भेदभाव न करने की मांग करते हुए जल्द से जल्द मुआवजा वितरण की मांग की है। ज्ञापन पर जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार लोधी सहित अन्य ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।
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