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Lalitpur News: कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी में नहीं हैं आग से बचाव के इंतजाम
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिलावन। महरौनी कस्बे में संचालित कई कोचिंग सेंटरों और निजी लाइब्रेरी में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। अधिकांश संस्थानों में आग से बचाव और आपातकालीन निकासी के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। ऐसे में किसी भी दुर्घटना की स्थिति में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा सकता है।
कस्बे में बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान और निजी लाइब्रेरी संचालित हैं, जहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्र-छात्राएं अध्ययन करते हैं। इसके बावजूद अधिकांश संस्थानों में आग से बचाव, आपातकालीन निकास और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं नाकाफी हैं। कई कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी संकरी गलियों तथा बहुमंजिला भवनों में संचालित हो रहे हैं, जहां आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। साथ ही अधिकांश स्थानों पर अग्निशमन यंत्र भी उपलब्ध नहीं हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई संस्थानों में फायर सेफ्टी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है।
बॉक्स
सुरक्षा के लिए जरूरी हैं ये व्यवस्थाएं
कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी में अग्निशमन यंत्र, डाउनकमर सिस्टम, ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर सिस्टम, ऑटोमैटिक फायर डिटेक्शन एवं अलार्म सिस्टम, मैनुअल इलेक्ट्रिक फायर अलार्म, अंडरग्राउंड और ओवरहेड वाटर टैंक की व्यवस्था होनी चाहिए। इसके अलावा फायर एग्जिट और पलायन मार्ग स्पष्ट, पर्याप्त चौड़े और अवरोध रहित होने चाहिए। आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था भी अनिवार्य है।
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सिलावन। महरौनी कस्बे में संचालित कई कोचिंग सेंटरों और निजी लाइब्रेरी में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। अधिकांश संस्थानों में आग से बचाव और आपातकालीन निकासी के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। ऐसे में किसी भी दुर्घटना की स्थिति में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा सकता है।
कस्बे में बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान और निजी लाइब्रेरी संचालित हैं, जहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्र-छात्राएं अध्ययन करते हैं। इसके बावजूद अधिकांश संस्थानों में आग से बचाव, आपातकालीन निकास और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं नाकाफी हैं। कई कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी संकरी गलियों तथा बहुमंजिला भवनों में संचालित हो रहे हैं, जहां आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। साथ ही अधिकांश स्थानों पर अग्निशमन यंत्र भी उपलब्ध नहीं हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई संस्थानों में फायर सेफ्टी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है।
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सुरक्षा के लिए जरूरी हैं ये व्यवस्थाएं
कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी में अग्निशमन यंत्र, डाउनकमर सिस्टम, ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर सिस्टम, ऑटोमैटिक फायर डिटेक्शन एवं अलार्म सिस्टम, मैनुअल इलेक्ट्रिक फायर अलार्म, अंडरग्राउंड और ओवरहेड वाटर टैंक की व्यवस्था होनी चाहिए। इसके अलावा फायर एग्जिट और पलायन मार्ग स्पष्ट, पर्याप्त चौड़े और अवरोध रहित होने चाहिए। आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था भी अनिवार्य है।
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