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Lalitpur News: स्वच्छ पानी का संकट, नहीं स्टॉक एलम जिले में स्टॉक
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ललितपुर। जिले में एलम का स्टॉक न होने के कारण शहर व ग्रामीण इलाकों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति का संकट गहराया हुआ है। पानी को शुद्ध व पीने योग्य बनाने के लिए ब्लीचिंग एवं एलम का प्रयोग किया जाता है, ऐसे में जिले में पर्याप्त स्टॉक न होने के कारण इसका शुद्ध पानी का संकट गहरा सकता है।
भले ही सरकारें शहर से ग्रामीण इलाकों में शुद्ध पेयजल पहुंचाने का दावा कर रही हो, लेकिन पानी को शुद्ध बनाने के लिए जिस एलम का उपयोग होता है। उसकी स्टॉक जल संस्थान के पास नहीं है। यही कारण है टुकड़ों में आपूर्ति मंगा कर कार्य किया जा रहा है। विभागीय सूत्रों की मानें तो झांसी के मंडलीय कार्यालय में मार्च माह में पूरा स्टॉक क्रय कर लिया जाता था। लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया गया। अब टुकड़ों में एलम मंगाई जा रही है, जबकि बरसात में नदियों का पानी काफी गंदा हो जाता है। जिससे ब्लीचिंग एवं एलम की खपत बड़ जाती है। ऐसे में शहरी व ग्रामीण इलाकों मे पानी को पीने योग्य बनाने के लिए पर्याप्त मात्रा में एलम मौजूद ही नहीं है। विभाग में एक दिन का स्टॉक बताया जा रहा है। तो वहीं कई पाइप पेयजल योजनाओं में पानी शुद्ध करने के लिए वहां पर एलम स्टॉक ही नहीं है।
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एलम को समय-समय पर झांसी मंगाया जा रहा है। पूर्व के वर्षों की भांति स्टॉक नहीं है, लेकिन इसकी आपूर्ति नियमित की जा रही है। रात्रि तक एलम की आपूर्ति होने की संभावना है।-राजेश श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे।
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भले ही सरकारें शहर से ग्रामीण इलाकों में शुद्ध पेयजल पहुंचाने का दावा कर रही हो, लेकिन पानी को शुद्ध बनाने के लिए जिस एलम का उपयोग होता है। उसकी स्टॉक जल संस्थान के पास नहीं है। यही कारण है टुकड़ों में आपूर्ति मंगा कर कार्य किया जा रहा है। विभागीय सूत्रों की मानें तो झांसी के मंडलीय कार्यालय में मार्च माह में पूरा स्टॉक क्रय कर लिया जाता था। लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया गया। अब टुकड़ों में एलम मंगाई जा रही है, जबकि बरसात में नदियों का पानी काफी गंदा हो जाता है। जिससे ब्लीचिंग एवं एलम की खपत बड़ जाती है। ऐसे में शहरी व ग्रामीण इलाकों मे पानी को पीने योग्य बनाने के लिए पर्याप्त मात्रा में एलम मौजूद ही नहीं है। विभाग में एक दिन का स्टॉक बताया जा रहा है। तो वहीं कई पाइप पेयजल योजनाओं में पानी शुद्ध करने के लिए वहां पर एलम स्टॉक ही नहीं है।
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एलम को समय-समय पर झांसी मंगाया जा रहा है। पूर्व के वर्षों की भांति स्टॉक नहीं है, लेकिन इसकी आपूर्ति नियमित की जा रही है। रात्रि तक एलम की आपूर्ति होने की संभावना है।-राजेश श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे।