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जर्जर पुलियों ने मुसीबत बढ़ाई, जनता की शामत आई

Sat, 30 Jul 2016 12:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 30 Jul 2016 12:16 AM IST
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civic amenities, bridge
bridge, lalitpur hindi news - फोटो : demo
ललितपुर। शहर भर में कई जगह नालों पर बनी पुलिया क्षतिग्रस्त हैं। कई जो खुली हुई हैं। इससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है। इसके पीछे नगर पालिका बजट का अभाव बताकर अपनी जिम्मेदारियों से किनारा काट लेता है, लेकिन इसका खामियाजा स्थानीय लोगों व राहगीरों को भुगतना पढ़ रहा है।
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शहर की सड़कों व गलियों में कई नालियों के ऊपर बनीं पुलिया टूटी होने से स्थानीय लोगों व राहगीरों के लिए मुसीबत बनी हुई है। मुहल्ला आजादपुरा, नईबस्ती, गांधीनगर, नेहरू नगर, बड़ापुरा, खिरकापुरा, सिविल लाइन, रिसालामंदिर, लक्ष्मीपुरा, लेड़ियापुरा, महावीरपुरा, गोविंद नगर आदि में मुहल्लों में स्थित नालियों की पुलिया बरसात के पहले से क्षतिग्रस्त हैं। बारिश के पानी के बहाव के कारण शहर की दो दर्जन से अधिक पुलियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे इन पुलियों पर गढ्ढे हो गए हैं।
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जलभराव के कारण यह दिखाई नहीं देते हैं। इससे आए दिन राहगीर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। अभिलाषा पेट्रोल पंप के पास की पुलिया चार माह से क्षतिग्रस्त है, लेकिन अब तक इसकी मरम्मत नहीं की गई है, इसी तरह की मुख्य मार्ग पर स्थित कई क्षतिग्रस्त पुलिया दुर्घटनाओं को न्यौता दे रही हैं। स्थानीय लोगों द्वारा पुलियों की मरम्मत की मांग नगर पालिका से की गई है, लेकिन नगर पालिका अपने बचाव के लिए बजट के अभाव को ढाल बना लेती है।
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65 नालियों पर गाटर लगाने का काम रुका
शहर की गलियों में सड़क के बीच से निकलने वाली दर्जनों नालियां क्षतिग्रस्त हैं। इससे लोगों को निकलने में परेशानी होती है। वार्ड पार्षदों ने अपने-अपने क्षेत्र की नालियों पर गाटर लगाने की मांग बोर्ड से की है। कुल 65 नालियों पर गाटर लागने की स्वीकृति बोर्ड से मिल गई है। नगर पालिका ने गाटर लगाने का कार्य एक फर्म को सौंप दिया था। कई महीने बीतने के बाद भी अधिक तर ठेकेदार द्वारा नालियों पर गाटर नहीं लगाए गए हैं, इसके पीछे का मुख्य कारण भी विभागीय बजट का अभाव बताया जा रहा है। नगर पालिका पहले से ही ठेकेदारों की कर्जदार है। इससे नगर पालिका कोई भी ठेकेदार निर्माण कार्य करने के लिए तैयार नहीं है।

नहीं सुन रहा पीडब्ल्यूडी
रेलवे स्टेशन से सागर नेशनल हाइवे तक और सदर कांटे से झांसी हाइवे तक का मार्ग शहर का मुख्य मार्ग है। यह सड़क लोक निर्माण विभाग के अधीन है। इस मार्ग पर ललित पैलेस के पास, तुवन चौराहा, मवेशीबाजार, जेल चौराहा समेत आधा दर्जन स्थानों पर लोक निर्माण विभाग द्वारा पुलिया बनवाई गई हैं। इन पुलियों की सफाई विभाग द्वारा वर्षों से नहीं कराई गई, जिससे यह चोक हो गई हैं। इससे जलभराव की हो जाता है। स्थानीय लोगों ने कई बार पुलियों की सफाई की मांग की है। इस संबंध में नगर पालिका हर वर्ष लोक निर्माण विभाग को पत्र भेजती है, लेकिन विभाग की उदासीनता के चलते कार्यवाही नहीं हो पा रही है।


सुविधा के नाम पर बढ़ाई मुसीबत
शहर के मुख्य मार्गों पर डली लोक निर्माण विभाग की सड़क बरसात के कारण गढ्ढों में तब्दील हो गई है। घंटाघर, सावरकर चौक, मवेशीबाजार, चौकाबाग, रेलवे स्टेशन के पास, सदर कांटा आदि स्थानों पर सड़क की स्थिति खराब है। शुक्रवार से इन गढ्ढों को भरने का काम शुरू हो गया है। लेकिन जनता की सुविधा के लिए कराया जा रहा यह काम दुर्घटना का कारण बन गया है। घंटाघर से वीर सावरकर चौराहे के बीच में बने गढ्ढों पर विभाग द्वारा ईटों के बड़े-बड़े टुकड़े डाल दिए गए हैं। इससे आवागमन में परेशानी हो रही है।
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