{"_id":"636a88fdaae3d927d10c57d7","slug":"chit-fund-company-fraud-case-angry-people-jammed-and-protested-at-indira-crossroads-lalitpur-news-jhs2324822191","type":"story","status":"publish","title_hn":"चिटफंड कंपनी धोखाधड़ी मामला: आक्रोशित लोगों ने किया जाम लगाकर इंदिरा चौराहे पर किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चिटफंड कंपनी धोखाधड़ी मामला: आक्रोशित लोगों ने किया जाम लगाकर इंदिरा चौराहे पर किया प्रदर्शन
विज्ञापन
महरौनी। चिटफंड कंपनी में रुपया गंवाने वाले जमाकर्ताओं ने मुकदमा दर्ज होने के बाद भी अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज होकर ग्राम दरौना से निकले महरौनी-मड़ावरा राजमार्ग और इंदिरा चौराहे पर जाम लगा दिया। पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन मिलने के बाद आक्रोशित लोग शांत हुए और जाम हटाया।
महरौनी पुलिस ने पांच अक्तूबर को श्यामजी राजा सेंगर और उनके सहयोगियों के विरुद्ध मुक़द्दमा दर्ज किया था। इन पर चिटफंड कंपनी के नाम पर लोगों का रुपया हड़पने का आरोप था। मुकदमा दर्ज होने के एक माह बाद भी आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी। जिस कारण से चिटफंड कंपनी में रुपया गंवाने वाले लोगों में पुलिस के प्रति आक्रोश व्याप्त है। मंगलवार को चिटफंड कंपनी के पीड़ित लोगों को सूचना मिली कि चिटफंड कंपनी किसान एग्रो टेक कॉपरेटिव सुसायटी के संचालक श्यामजी का भाई और मुकदमें का सहअभियुक्त रविंद्र प्रताप सिंह ग्राम दरौना में अपने घर पर मौजूद है। इस पर सैंकड़ों की संख्या में लोग पुलिस को सूचना देने के बाद ग्राम दरौना पहुंच गए। यहां जानकारी मिली कि आरोपी सुबह ही घर से भाग गया है।
सूचना पर कोतवाली महरौनी प्रभारी निरीक्षक पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन आक्रोशित लोग शांत नहीं हुए। ठोस कार्रवाई के आश्वासन के बाद लोगों ने जाम खोला। मामला यही शांत नहीं हुआ। दरौना के बाद चिटफंड कंपनी के पीड़ित लोग कस्बा महरौनी इंदिरा चौराहे पर एकत्रित हुए और प्रदर्शन करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोपियों को गिरफ्तार करने का दो दिन का समय दिया। इस दौरान गिरफ्तारी न होने पर पुन: आंदोलन करने की बात कही गई।
विज्ञापन
लखनऊ तक पहुंच चुके हैं चिटफंड कंपनी के पीड़ित
किसान एग्रो टेक कॉपरेटिव सुसायटी नाम से चिंटफंड कंपनी बनाकर लोगों से रुपये जमा करावाकर उन्हें हड़प करने का मामला कस्बा महरौनी में इस समय काफी चर्चित है। कोतवाली महरौनी पुलिस ने चिटफंड कंपनी के संचालक श्यामजी सेंगर व उसके साथियों के विरुद्घ मुकदमा दर्ज किया था।ा लेडकिन मुकदमा दर्ज होने के बाद और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर एक पखबाड़ा पूर्व पीड़ित लखनऊ पहुंच गए थे। यहां उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग मुख्यमंत्री को दिए प्रार्थना पत्र में की थी। बाबजूद इसके पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया।
विज्ञापन
महरौनी पुलिस ने पांच अक्तूबर को श्यामजी राजा सेंगर और उनके सहयोगियों के विरुद्ध मुक़द्दमा दर्ज किया था। इन पर चिटफंड कंपनी के नाम पर लोगों का रुपया हड़पने का आरोप था। मुकदमा दर्ज होने के एक माह बाद भी आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी। जिस कारण से चिटफंड कंपनी में रुपया गंवाने वाले लोगों में पुलिस के प्रति आक्रोश व्याप्त है। मंगलवार को चिटफंड कंपनी के पीड़ित लोगों को सूचना मिली कि चिटफंड कंपनी किसान एग्रो टेक कॉपरेटिव सुसायटी के संचालक श्यामजी का भाई और मुकदमें का सहअभियुक्त रविंद्र प्रताप सिंह ग्राम दरौना में अपने घर पर मौजूद है। इस पर सैंकड़ों की संख्या में लोग पुलिस को सूचना देने के बाद ग्राम दरौना पहुंच गए। यहां जानकारी मिली कि आरोपी सुबह ही घर से भाग गया है।
विज्ञापन
सूचना पर कोतवाली महरौनी प्रभारी निरीक्षक पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन आक्रोशित लोग शांत नहीं हुए। ठोस कार्रवाई के आश्वासन के बाद लोगों ने जाम खोला। मामला यही शांत नहीं हुआ। दरौना के बाद चिटफंड कंपनी के पीड़ित लोग कस्बा महरौनी इंदिरा चौराहे पर एकत्रित हुए और प्रदर्शन करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोपियों को गिरफ्तार करने का दो दिन का समय दिया। इस दौरान गिरफ्तारी न होने पर पुन: आंदोलन करने की बात कही गई।
विज्ञापन
लखनऊ तक पहुंच चुके हैं चिटफंड कंपनी के पीड़ित
किसान एग्रो टेक कॉपरेटिव सुसायटी नाम से चिंटफंड कंपनी बनाकर लोगों से रुपये जमा करावाकर उन्हें हड़प करने का मामला कस्बा महरौनी में इस समय काफी चर्चित है। कोतवाली महरौनी पुलिस ने चिटफंड कंपनी के संचालक श्यामजी सेंगर व उसके साथियों के विरुद्घ मुकदमा दर्ज किया था।ा लेडकिन मुकदमा दर्ज होने के बाद और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर एक पखबाड़ा पूर्व पीड़ित लखनऊ पहुंच गए थे। यहां उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग मुख्यमंत्री को दिए प्रार्थना पत्र में की थी। बाबजूद इसके पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया।