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Lalitpur News: स्वेटर न जूते-मोजे, ठिठुरते हुए विद्यालय पहुंच रहे बच्चे
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिलावन/ललितपुर। महरौनी क्षेत्र के अधिकांश परिषदीय विद्यालयों के नौनिहाल सुबह ठंड में ठिठुरते जा रहे हैं। उन्हें अब तक न स्वेटर मिला और न जूते-मोजे।
नौनिहालों को सर्दी से बचाने के लिए सरकार स्वेटर और जूते-मोजे खरीदने की धनराशि भेजती है। यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूते-मोजे, बैग आदि के लिए 1200 रुपये की राशि प्रति बच्चा अभिभावक के खाते में भेजी जा रही है। लेकिन, ज्यादातर विद्यालयों में नौनिहालों को समय से इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
विकास खंड महरौनी के परिषदीय विद्यालयों के 95 फीसदी अभिभावकों के खाते में धनराशि आने के बाद भी बच्चे बिना स्वेटर व जूते-मोजे के विद्यालय जाने को मजबूर हैं। मंगलवार सुबह कई विद्यालय के बच्चे बिना स्वेटर व जूते मोजे के सर्दी से ठिठुरते हुए जाते देखे गए।
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विकास खंड महरौनी के 95 फीसदी अभिभावकों के खाते में धनराशि पहुंच गई है। शेष पांच फीसदी बच्चाें के आधार कार्ड में गड़बड़ी के चलते धनराशि नहीं पहुंच सकी है। उसे दुरुस्त कर धनराशि अभिभावकों के खाते में पहुंचाई जाएगी। -राजकुमार पुरोहित, बीईओ, महरौनी।
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सिलावन/ललितपुर। महरौनी क्षेत्र के अधिकांश परिषदीय विद्यालयों के नौनिहाल सुबह ठंड में ठिठुरते जा रहे हैं। उन्हें अब तक न स्वेटर मिला और न जूते-मोजे।
नौनिहालों को सर्दी से बचाने के लिए सरकार स्वेटर और जूते-मोजे खरीदने की धनराशि भेजती है। यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूते-मोजे, बैग आदि के लिए 1200 रुपये की राशि प्रति बच्चा अभिभावक के खाते में भेजी जा रही है। लेकिन, ज्यादातर विद्यालयों में नौनिहालों को समय से इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
विकास खंड महरौनी के परिषदीय विद्यालयों के 95 फीसदी अभिभावकों के खाते में धनराशि आने के बाद भी बच्चे बिना स्वेटर व जूते-मोजे के विद्यालय जाने को मजबूर हैं। मंगलवार सुबह कई विद्यालय के बच्चे बिना स्वेटर व जूते मोजे के सर्दी से ठिठुरते हुए जाते देखे गए।
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विकास खंड महरौनी के 95 फीसदी अभिभावकों के खाते में धनराशि पहुंच गई है। शेष पांच फीसदी बच्चाें के आधार कार्ड में गड़बड़ी के चलते धनराशि नहीं पहुंच सकी है। उसे दुरुस्त कर धनराशि अभिभावकों के खाते में पहुंचाई जाएगी। -राजकुमार पुरोहित, बीईओ, महरौनी।
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