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बिजली विभाग की जांच में पकड़ा उपभोक्ताओं से ठगी का मामला
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ललितपुर। फर्जी रसीद से उपभोक्ताओं के बिजली बिल को कम राशि की रसीद देकर उपभोक्ताओं के साथ ठगी का मामला सामने आया है। बिजली विभाग की जांच में उपभोक्ता द्वारा जमा किए गए बिजली बिल की दिखाई गई रसीद फर्जी निकली है। उस नंबर की रसीद का मिलान न तो सही पाया गया और न ही उपभोक्ता के बिल की कोई राशि ही जमा की गई है।
मोहल्ला पिसनारी निवासी राजेश कुशवाहा पुत्र शोभाराम ने पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती पत्र दिया था। जिसमें उसने बताया था कि उसकी बुआ का बिजली का बिल 12 दिसंबर 2019 को 27,558 रुपये आया था। जिस पर एक व्यक्ति ने उससे कहा कि वह उसका बिल 15 हजार रुपये में पूरा भरवा देगा। जिस पर उसने अपनी बिल भरने के लिए उक्त व्यक्ति को 27 अगस्त 2019 को पंद्रह हजार रुपये दे दिए। तो उक्त व्यक्ति ने उसे 22 अक्तूबर 2019 को 8280 रुपये की फर्जी रसीद दे दी।
जब कुछ दिन बाद उका बिल आया तो उसमें जमा की गई राशि काटी नहीं गई थी। जब उसने व्यक्ति से कहा कि उसके पैसे दे दो तो वह गालियां देने लगा और धमकी दी। मामले में पीड़ित ने एसपी से कार्रवाई की मांग की थी। मामले में बिजली विभाग के अवर अभियंता केके वर्मा ने जब रसीद की जांच कराई तो कोई धनराशि जमा नहीं पाई गई। यह भी बताया कि विभागीय काउंटर से जारी की जाने वाली रसीद में रसीद संख्या के शुरुआती पांच अंक उपभोक्ता के खाता संख्या से मिलते हैं। इस रसीद में दोनों संख्या भिन्न हैं।
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चिप लगाकर मीटरों में भी पकड़ा गया था फर्जीवाड़ा
बिजली विभाग की चेकिंग में बीते दस दिन पहले जांच के दौरान शहर में कई बिजली मीटरों की जांच में चिप लगाकर मीटर धीमा होना पाया गया था। जिस पर विभाग ने ऐसे संदिग्ध मीटरों को उतारकर उपभोक्ताओं के खिलाफ बिजली थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। वहीं अब भी बिजली चेकिंग में कई संदिग्ध मीटर आए दिन पकड़े जा रहे हैं, जिन्हें विभाग द्वारा जांच के लिए लैब में भेजा जा रहा है।
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मोहल्ला पिसनारी निवासी राजेश कुशवाहा पुत्र शोभाराम ने पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती पत्र दिया था। जिसमें उसने बताया था कि उसकी बुआ का बिजली का बिल 12 दिसंबर 2019 को 27,558 रुपये आया था। जिस पर एक व्यक्ति ने उससे कहा कि वह उसका बिल 15 हजार रुपये में पूरा भरवा देगा। जिस पर उसने अपनी बिल भरने के लिए उक्त व्यक्ति को 27 अगस्त 2019 को पंद्रह हजार रुपये दे दिए। तो उक्त व्यक्ति ने उसे 22 अक्तूबर 2019 को 8280 रुपये की फर्जी रसीद दे दी।
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जब कुछ दिन बाद उका बिल आया तो उसमें जमा की गई राशि काटी नहीं गई थी। जब उसने व्यक्ति से कहा कि उसके पैसे दे दो तो वह गालियां देने लगा और धमकी दी। मामले में पीड़ित ने एसपी से कार्रवाई की मांग की थी। मामले में बिजली विभाग के अवर अभियंता केके वर्मा ने जब रसीद की जांच कराई तो कोई धनराशि जमा नहीं पाई गई। यह भी बताया कि विभागीय काउंटर से जारी की जाने वाली रसीद में रसीद संख्या के शुरुआती पांच अंक उपभोक्ता के खाता संख्या से मिलते हैं। इस रसीद में दोनों संख्या भिन्न हैं।
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चिप लगाकर मीटरों में भी पकड़ा गया था फर्जीवाड़ा
बिजली विभाग की चेकिंग में बीते दस दिन पहले जांच के दौरान शहर में कई बिजली मीटरों की जांच में चिप लगाकर मीटर धीमा होना पाया गया था। जिस पर विभाग ने ऐसे संदिग्ध मीटरों को उतारकर उपभोक्ताओं के खिलाफ बिजली थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। वहीं अब भी बिजली चेकिंग में कई संदिग्ध मीटर आए दिन पकड़े जा रहे हैं, जिन्हें विभाग द्वारा जांच के लिए लैब में भेजा जा रहा है।