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Lalitpur News: सीएचसी बार बदहाल, घंटों इंतजार के बाद मिल रहीं दवाइयां, सूने पड़े ओपीडी कक्ष
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर/बार। ब्लॉक बार मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते स्वास्थ्य सेवाएं दम तोड़ रही हैं। यहां ओपीडी में चिकित्सक नदारद रहते हैं तो दवाइयों तक के लिए मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। लाखों की डिजिटल एक्सरे मशीन धूल फांक रही है।
शनिवार दोपहर दो बजे अमर उजाला की टीम ने बार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति जानी। यहां एक ओपीडी में चिकित्सक नदारद मिले। एक अन्य ओपीडी में चिकित्सक मरीजों का उपचार करते नजर आए। एक महिला चिकित्सक मैटरनिटी विंग में उपचार कर रही थीं। वहीं, जब मरीजों ने चिकित्सक से परामर्श ले लिया तो दवा वितरण कक्ष बंद होने से लगभग डेढ़ घंटे तक दवा लेने के लिए इंतजार करना पड़ा। मरीजों को एंटी रैबीज का इंजेक्शन समय से नहीं लग पा रहा है। कक्ष बंद होने से मरीजों को समस्या रही। वे इंतजार करते रहे।
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दवाइयां तक कचरे में डाल रहे जिम्मेदार
अस्पताल के अंदर ही दवाइयों को कचरा में डाला जा रहा है, जबकि मरीजों को दवा के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। ये दवाइयां एक्सपायर भी नहीं हैं। इनकी एक्सपायरी तिथि अप्रैल 2024 लिखी है। ऐसे में अस्पताल में जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली का अंदाजा सहज लगाया जा सकता है।
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जांच के लिए जाना पड़ रहा मुख्यालय
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बार में बीते वर्ष पहले डिजिटल एक्सरे जांच की सुविधा को मशीन आ गई थी। यह मशीन स्थापित भी हो गई, लेकिन एक वर्ष बाद भी डिजिटल एक्सरे जांच की सुविधा शुरू नहीं हो सकी है। जांच के लिए मरीजों को मुख्यालय आना पड़ रहा है।
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यह है स्टॉफ
सीएचसी में अधीक्षक समेत छह चिकित्सक नियुक्त हैं। इनमें पांच पुरुष व एक महिला चिकित्सक है। इसके अलावा फार्मासिस्ट, वार्डबॉय समेत अन्य स्टॉफ है।
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चिकित्सक के गायब रहने व दोपहर में दवा कक्ष बंद होने की जानकारी मिली है। इस पर सीएचसी अधीक्षक से जानकारी ली जाएगी।
- डाॅ. इम्तियाज अहमद, सीएमओ
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ललितपुर/बार। ब्लॉक बार मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते स्वास्थ्य सेवाएं दम तोड़ रही हैं। यहां ओपीडी में चिकित्सक नदारद रहते हैं तो दवाइयों तक के लिए मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। लाखों की डिजिटल एक्सरे मशीन धूल फांक रही है।
शनिवार दोपहर दो बजे अमर उजाला की टीम ने बार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति जानी। यहां एक ओपीडी में चिकित्सक नदारद मिले। एक अन्य ओपीडी में चिकित्सक मरीजों का उपचार करते नजर आए। एक महिला चिकित्सक मैटरनिटी विंग में उपचार कर रही थीं। वहीं, जब मरीजों ने चिकित्सक से परामर्श ले लिया तो दवा वितरण कक्ष बंद होने से लगभग डेढ़ घंटे तक दवा लेने के लिए इंतजार करना पड़ा। मरीजों को एंटी रैबीज का इंजेक्शन समय से नहीं लग पा रहा है। कक्ष बंद होने से मरीजों को समस्या रही। वे इंतजार करते रहे।
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दवाइयां तक कचरे में डाल रहे जिम्मेदार
अस्पताल के अंदर ही दवाइयों को कचरा में डाला जा रहा है, जबकि मरीजों को दवा के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। ये दवाइयां एक्सपायर भी नहीं हैं। इनकी एक्सपायरी तिथि अप्रैल 2024 लिखी है। ऐसे में अस्पताल में जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली का अंदाजा सहज लगाया जा सकता है।
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जांच के लिए जाना पड़ रहा मुख्यालय
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बार में बीते वर्ष पहले डिजिटल एक्सरे जांच की सुविधा को मशीन आ गई थी। यह मशीन स्थापित भी हो गई, लेकिन एक वर्ष बाद भी डिजिटल एक्सरे जांच की सुविधा शुरू नहीं हो सकी है। जांच के लिए मरीजों को मुख्यालय आना पड़ रहा है।
यह है स्टॉफ
सीएचसी में अधीक्षक समेत छह चिकित्सक नियुक्त हैं। इनमें पांच पुरुष व एक महिला चिकित्सक है। इसके अलावा फार्मासिस्ट, वार्डबॉय समेत अन्य स्टॉफ है।
चिकित्सक के गायब रहने व दोपहर में दवा कक्ष बंद होने की जानकारी मिली है। इस पर सीएचसी अधीक्षक से जानकारी ली जाएगी।
- डाॅ. इम्तियाज अहमद, सीएमओ