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Lalitpur News: गोविंद सागर और शहजाद बांध की क्षमता व गहराई की होगी जांच

Sat, 01 Feb 2025 12:37 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 01 Feb 2025 12:37 AM IST
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Capacity and depth of Govind Sagar and Shahzad Dam will be investigated.
संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। सबसे पुराने बांधों में शुमार गोविंद सागर और शहजाद बांध के पानी की क्षमता और इसकी गहराई सहित अन्य जांच कराने के लिए सिंचाई विभाग बैथमैट्रिक और टोपोग्राफिक/ड्रोन सर्वे कराएगा। गोविंद सागर बांध का 13.04 लाख और शहजाद बांध का 10.62 लाख रुपये से सर्वे कराया जाएगा। सिंचाई विभाग ने इसकी कार्ययोजना तैयार की है।
विंध्याचल पर्वत की तलहटी में बसे ललितपुर को बांधों-तालाबों का जिला कहा जाता है। यहां 14 बांध परियोजनाएं हैं। गोविंद सागर बांध का निर्माण वर्ष 1953 में हुआ था। इस बांध में साइफन प्रणाली है। बांध पर हवा का दबाव पड़ते ही पानी की निकासी होने लगती है। यह बांध शहर के किनारे शहजाद नदी पर है। बांध की कुल लंबाई करीब साढ़े तीन किलोमीटर है। बांध का पूर्ण जलस्तर 363.93 मीटर और न्यूनतम जलस्तर 357.84 मीटर है।
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इस बांध से किसानों को सिंचाई और शहर के लोगों के लिए पेयजल की आपूर्ति की जाती है। इसी प्रकार तहसील तालबेहट क्षेत्र में शहजाद बांध है। इसका निर्माण वर्ष 1992 में हुआ था। शहजाद नदी पर बना यह बांध करीब चार किलोमीटर लंबा है। इसका पूर्ण जलस्तर 321.00 मीटर और न्यूनतम जलस्तर 310.50 मीटर है।
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इस बांध में संग्रहीत पानी का उपयोग सिंचाई के लिए और पाइप पेयजल परियोजना के लिए किया जाता है। ये दोनों ही बांध क्षेत्र के लोगों के लिए काफी उपयोगी हैं। लेकिन, गोविंद सागर बांध के 72 साल और शहजाद बांध के 33 वर्ष पुराना हो जाने के चलते इसमें सिल्ट और गाद जमा हो गई है। इस कारण से बांध अपनी क्षमता के अनुसार जल संग्रहण नहीं कर पा रहे हैं। बांध के ऑपरेशन मैनुअल एवं डीएसआरपी टीम ने दोनों बांधों का बैथमैट्रिक सर्वे की आवश्यकता बताई थी।
सिंचाई विभाग ने गोविंद सागर और शहजाद बांध का बैथमैट्रिक सर्वे, टोपाेग्राफिक/ ड्रोन सर्वे कराने की कार्ययोजना तैयार की। इस कार्ययोजना को उच्चाधिकारियों से स्वीकृति जल्द मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार बैथमैट्रिक सर्वे के जरिये बांध में संग्रहीत पानी की क्षमता, गहराई का पता चलेगा। टोपोग्राफिक/ड्रोन सर्वे से बांध के भराव क्षेत्र की सीमा की जानकारी मिलेगी। सर्वे से बांध का सुधार करने में काफी मदद मिलेगी।

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गोविंद सागर बांध एक नजर में
- 96.84 एमसीएम पानी भराव क्षमता
- 190 किलोमीटर नहर प्रणाली
- 367.78 वर्ग किलोमीटर कैचमेंट एरिया
- 10820 हेक्टेयर भूमि सिंचित क्षमता
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शहजाद बांध
- 114.39 एमसीएम पानी भरने की क्षमता
- 116.60 किलोमीटर लंबी नहर प्रणाली
- 16002 हेक्टेयर भूमि सिंचाई की क्षमता
- 514 वर्ग किलोमीटर कैचमेंट एरिया
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दोनों बांधों के बैथमैट्रिक सर्वे और टोपोग्राफिक/ड्रोन सर्वे कराने की कार्ययोजना तैयार की गई है। बैथमैट्रिक सर्वे से बांध में पानी की क्षमता और गहराई का आकलन किया जाएगा। टोपोग्राफिक/ ड्रोन सर्वे से बांध के भराव क्षेत्र की सीमा के बारे में जानकारी एकत्रित की जाएगी।
इंजी. शैलेष कुमार, अधिशासी अभियंता, राजघाट निर्माण खंड
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