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फसलों के अवशेष जला रहे किसान

Sat, 25 Apr 2020 01:45 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 25 Apr 2020 01:45 AM IST
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Burn awashes from crop
ललितपुर। खेतों में हार्वेस्टर के साथ रीपर नहीं चलाए जाने से खेतों में डंठल व अवशेष खड़े हैं। किसान इनमें आग लगाकर पराली जला रहे हैं। इससे खेतों की उर्वरा शक्ति कम होने का खतरा मंडरा रहा है।
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शासन ने खेतों में फसलों के अवशेष, डंठल व भूसा जलाने पर रोक लगाई है। खेतों में अवशेषों को समाप्त करने के लिए हार्वेस्टर चलने के साथ ही रीपर चलाना अनिवार्य किया गया है, जिससे अवशेष न बचें और जानवरों को भूसा भी मिल सके। साथ ही खेतों में आग लगाने से होने वाले वायु प्रदूषण को रोका जा सके। साथ ही खेतों के लाभदायक जीवाणुओं को जलने से बचाया जा सके।
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लेकिन, अधिकांश किसानों ने शीघ्र ही उपज को पाने के चलते हार्वेस्टिंग करा ली। रीपर नहीं चलवाया। इससे कई ग्रामीण क्षेत्र के खेतों में अवशेष खड़े रह गए हैं। अब स्थिति यह है कि किसान अपने खेतों को साफ करना चाहता है। इससे खेतों के अवशेषों व डंठलों को मौका पाकर जला भी रहे हैं। इसके साथ ही वायु प्रदूषित हो रही है।
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खेतों में पराली जलाने से किसान अपनी उपज की पैदावार को कम कर रहे हैं। खेतों में फसल के अवशेष जलने से लाभदायक जीवाणु जल जाते हैं, जिससे खेतों की उर्वरा शक्ति कम हो रही है। इससे किसानों की उपज कम होगी, जिससे आर्थिक स्थिति भी खराब होगी। ऐसी ही स्थिति जनपद के अधिकांश क्षेत्रों की है। जहां पर किसानों ने फसलों के अवशेष को जला दिए हैं। लेकिन, इसकी जांच के लिए गठित टीमों ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। इससे टीमों की कार्यप्रणाली का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
नहीं आई गठित टीमें काम
जिला प्रशासन द्वारा पराली को आग से रोकने के लिए टीमों का गठन किया है, जिसमें जिलास्तर व तहसील स्तर पर उपजिलाधिकारी की देखरेख में न्याय पंचायत स्तर पर कर्मचारियों का सचल दल गठित किया गया। पराली जलाने की स्थिति में संबंधित लेखपाल एवं ग्राम प्रधान द्वारा इसकी सूचना व्हाट्सएप ग्रुप एवं दूरभाष के माध्यम से तहसील स्तर पर गठित सचल दस्ते को सूचना देने का कार्य सौंपा गया है। ताकि, किसानों से जुर्माना वसूल किया जा सके। जुर्माना राशि किसानों की जमीन के हिसाब से तय की जाएगी।

यह है जुर्माना
जिन किसानों के पास दो एकड़ जमीन है, उनसे ढाई हजार रुपये जुर्माना एलिया जाएगा। दो एकड़ से अधिक और पांच एकड़ तक वाले किसानों से पांच हजार रुपये एवं पांच एकड़ से अधिक जमीन वाले किसानों से पंद्रह हजार रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर थानाध्यक्ष द्वारा रिपोर्ट दर्ज भी कराई जाएगी।
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फसलों के अवशेष जलाए जाने का मामला संज्ञान में आया है। संबंधित अधिकारियों को सूचना देकर अग्रिम कार्रवाई कराई जाएगी।
- संतोष कुमार सविता
उप कृषि निदेशक
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