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जल स्तर सुधारने के लिए संवरेंगे बुंदेलखंड के तालाब
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 28 Apr 2017 01:39 AM IST
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- फोटो : demo
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अंकित द्विवेदी
ललितपुर। बुंदेलखंड में गिरते जलस्तर को सुधारने के लिए यहां के तालाबों को संवारा जाएगा। केंद्रीय जल बोर्ड आयोग आरआरआर स्कीम (रिपेयर, रिनुअल और रीस्ट्रक्चर) के तहत यह काम करेगा। इसके लिए जनपद में चंदेल और बुंदेलवंश के शासकों द्वारा बनाए गए तालाबों को चिह्नित किया जाएगा। इसके लिए सर्वे शुरू हो गया है। जल बोर्ड यह स्कीम आंध्र प्रदेश में अपना चुका है, जिसमें सफलता मिली है।
केंद्रीय जल आयोग के मुख्य अभियंता एएस गोयल ने बताया कि बुंदेलखंड के सूखाग्रस्त इलाकों की स्थिति आंध्र प्रदेश से मिलती-जुलती है।
समतल जमीन न होने से यहां का भूगर्भ जल स्तर ऊंचा करना सरल नहीं है। ऐसे में सिर्फ तालाबों और कुओं के माध्यम से बरसात का जल बचाया जा सकता है। पुराने समय में चंदेल और बुंदेल वंश के राजपूतों ने वर्षा जल संरक्षित करने के लिए टैंकों और तालाबों का निर्माण करवाया था। समय के साथ इनकी स्थिति दयनीय होती गई और यह विलुप्त या अतिक्रमण का शिकार होते गए। आरआरआर स्कीम के तहत इनको गहरा कराने के साथ अतिक्रमण मुक्त कराने की योजना है। आयोग ने आंध्र प्रदेश में अपनाई गई स्कीम यहां अपनाने के लिए कुछ दिन पहले टीम भेजी थी। अब आंध्र प्रदेश की तर्ज पर ही बुंदेलखंड समेत महाराष्ट्र और उड़ीसा के सूखाग्रस्त इलाकों में भी यह स्कीम अपनाई जाएगी। इसके लिए बुंदेलखंड जल संरक्षण कार्यक्रम स्कीम की शुरुआत की जा रही है। इसमें पुराने समय में बने सभी तालाबों को चिह्नित कर उनको जिंदा किया जाएगा। इसके लिए सर्वे किया जा रहा है। प्रदेश सरकार के पास प्रस्ताव भी भेज दिया गया है।
कें द्र और राज्य सरकार देगी राशि
चंदेल और बुंदेल वंश के शासकों द्वारा बनवाए गए तालाबों के चयन के लिए केंद्रीय जल आयोग की टीम सर्वे कर रही है। इन तालाबों को सुधारने में आने वाले खर्च को केंद्र ओर राज्य सरकार मिलकर पूरा करेंगी। केंद्र सरकार 80 प्रतिशत अनुदान राशि देगी, जबकि राज्य सरकार 20 प्रतिशत अनुदान राशि प्रदान करेगी।
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1821 जल निकायों में लगेंगे 49 करोड़
बुंदेलखंड में 0.49 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र के लगभग 1821 जल निकाय हैं। वहीं, 297 जल निकाय पांच हेक्टेयर से बड़े हैं। इनमें से बहुतों में मरम्मत, नवीनीकरण एवं पुनरुद्धार की आवश्यकता है। इसमें 49.50 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत और 3000 हेक्टेयर की सिंचाई क्षमता वाले 20 जल निकाय केंद्रीय सहायता के लिए पीएमकेएसवाई के अंतर्गत शामिल किए गए हैं।
उमा भारती आज करेंगी शुभारंभ
आरआरआर स्कीम का शुक्रवार को केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती शुभारंभ करेंगी। इसके लिए तालाबों के चिन्हीकरण का काम चल रहा है। जल्द ही इस पर काम शुुरू होगा। इस योजना से पूरे बुंदेलखंड का भूजल स्तर उठेगा। वहीं, लोगों को सिंचाई के लिए लाभ मिलेगा और बरसात का जल भी संचित होगा।
- एएस गोयल, मुख्य अभियंता, केंद्रीय जल आयोग
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ललितपुर। बुंदेलखंड में गिरते जलस्तर को सुधारने के लिए यहां के तालाबों को संवारा जाएगा। केंद्रीय जल बोर्ड आयोग आरआरआर स्कीम (रिपेयर, रिनुअल और रीस्ट्रक्चर) के तहत यह काम करेगा। इसके लिए जनपद में चंदेल और बुंदेलवंश के शासकों द्वारा बनाए गए तालाबों को चिह्नित किया जाएगा। इसके लिए सर्वे शुरू हो गया है। जल बोर्ड यह स्कीम आंध्र प्रदेश में अपना चुका है, जिसमें सफलता मिली है।
केंद्रीय जल आयोग के मुख्य अभियंता एएस गोयल ने बताया कि बुंदेलखंड के सूखाग्रस्त इलाकों की स्थिति आंध्र प्रदेश से मिलती-जुलती है।
समतल जमीन न होने से यहां का भूगर्भ जल स्तर ऊंचा करना सरल नहीं है। ऐसे में सिर्फ तालाबों और कुओं के माध्यम से बरसात का जल बचाया जा सकता है। पुराने समय में चंदेल और बुंदेल वंश के राजपूतों ने वर्षा जल संरक्षित करने के लिए टैंकों और तालाबों का निर्माण करवाया था। समय के साथ इनकी स्थिति दयनीय होती गई और यह विलुप्त या अतिक्रमण का शिकार होते गए। आरआरआर स्कीम के तहत इनको गहरा कराने के साथ अतिक्रमण मुक्त कराने की योजना है। आयोग ने आंध्र प्रदेश में अपनाई गई स्कीम यहां अपनाने के लिए कुछ दिन पहले टीम भेजी थी। अब आंध्र प्रदेश की तर्ज पर ही बुंदेलखंड समेत महाराष्ट्र और उड़ीसा के सूखाग्रस्त इलाकों में भी यह स्कीम अपनाई जाएगी। इसके लिए बुंदेलखंड जल संरक्षण कार्यक्रम स्कीम की शुरुआत की जा रही है। इसमें पुराने समय में बने सभी तालाबों को चिह्नित कर उनको जिंदा किया जाएगा। इसके लिए सर्वे किया जा रहा है। प्रदेश सरकार के पास प्रस्ताव भी भेज दिया गया है।
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कें द्र और राज्य सरकार देगी राशि
चंदेल और बुंदेल वंश के शासकों द्वारा बनवाए गए तालाबों के चयन के लिए केंद्रीय जल आयोग की टीम सर्वे कर रही है। इन तालाबों को सुधारने में आने वाले खर्च को केंद्र ओर राज्य सरकार मिलकर पूरा करेंगी। केंद्र सरकार 80 प्रतिशत अनुदान राशि देगी, जबकि राज्य सरकार 20 प्रतिशत अनुदान राशि प्रदान करेगी।
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1821 जल निकायों में लगेंगे 49 करोड़
बुंदेलखंड में 0.49 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र के लगभग 1821 जल निकाय हैं। वहीं, 297 जल निकाय पांच हेक्टेयर से बड़े हैं। इनमें से बहुतों में मरम्मत, नवीनीकरण एवं पुनरुद्धार की आवश्यकता है। इसमें 49.50 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत और 3000 हेक्टेयर की सिंचाई क्षमता वाले 20 जल निकाय केंद्रीय सहायता के लिए पीएमकेएसवाई के अंतर्गत शामिल किए गए हैं।
उमा भारती आज करेंगी शुभारंभ
आरआरआर स्कीम का शुक्रवार को केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती शुभारंभ करेंगी। इसके लिए तालाबों के चिन्हीकरण का काम चल रहा है। जल्द ही इस पर काम शुुरू होगा। इस योजना से पूरे बुंदेलखंड का भूजल स्तर उठेगा। वहीं, लोगों को सिंचाई के लिए लाभ मिलेगा और बरसात का जल भी संचित होगा।
- एएस गोयल, मुख्य अभियंता, केंद्रीय जल आयोग