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बीयू : माइक्रोबायलॉजी विभाग में अब कैंसर पर की जाएगी रिसर्च
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- ग्वालियर के कैंसर इंस्टीट्यूट से किया गया है एमओयू
- कुलपति ने कहा- मुख्य शोध प्रभावी दवा बनाने पर होगा
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के माइक्रोबायलॉजी विभाग में अब कैंसर रोग पर शोध होगा। शोध शुरुआत में ही कैंसर की पुष्टि होने संबंधी जांच और प्रभावी दवाओं को लेकर होगा। इसको लेकर बीयू ने ग्वालियर के कैंसर इंस्टीट्यूट से एमओयू कर लिया है।
ग्वालियर के कैंसर इंस्टीट्यूट की ओपीडी में रोजाना 200-250 कैंसर रोगी आते हैं। किसी में कैंसर का पता पहली स्टेज में पता चलता है तो किसी में अंतिम समय में। चूंकि बुंदेलखंड में कैंसर रोगियों की संख्या बढ़ रही है, इसलिए माइक्रोबायलॉजी विभाग कैंसर की जांचें, दवाओं, कैंसर की वजह आदि पर शोध करेगा।
कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय ने बताया कि देखा जा रहा है कि ऐसे लोगों को भी कैंसर हो रहा है, जो किसी तरह का व्यसन नहीं करते हैं। किसी को किडनी में कैंसर हो रहा है तो किसी को लिवर, पैंक्रियाज में। अब बीयू का माइक्रोबायलॉजी विभाग कैंसर को लेकर कई बिंदुओं पर शोध करेगा। जिसमें कैंसर के लिए कारगर दवाओं पर शोध अहम होगा। कैंसर से बचाव को लेकर वैक्सीन या प्रभावी तरकीब पर भी शोध किया जाएगा।
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- कुलपति ने कहा- मुख्य शोध प्रभावी दवा बनाने पर होगा
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के माइक्रोबायलॉजी विभाग में अब कैंसर रोग पर शोध होगा। शोध शुरुआत में ही कैंसर की पुष्टि होने संबंधी जांच और प्रभावी दवाओं को लेकर होगा। इसको लेकर बीयू ने ग्वालियर के कैंसर इंस्टीट्यूट से एमओयू कर लिया है।
ग्वालियर के कैंसर इंस्टीट्यूट की ओपीडी में रोजाना 200-250 कैंसर रोगी आते हैं। किसी में कैंसर का पता पहली स्टेज में पता चलता है तो किसी में अंतिम समय में। चूंकि बुंदेलखंड में कैंसर रोगियों की संख्या बढ़ रही है, इसलिए माइक्रोबायलॉजी विभाग कैंसर की जांचें, दवाओं, कैंसर की वजह आदि पर शोध करेगा।
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कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय ने बताया कि देखा जा रहा है कि ऐसे लोगों को भी कैंसर हो रहा है, जो किसी तरह का व्यसन नहीं करते हैं। किसी को किडनी में कैंसर हो रहा है तो किसी को लिवर, पैंक्रियाज में। अब बीयू का माइक्रोबायलॉजी विभाग कैंसर को लेकर कई बिंदुओं पर शोध करेगा। जिसमें कैंसर के लिए कारगर दवाओं पर शोध अहम होगा। कैंसर से बचाव को लेकर वैक्सीन या प्रभावी तरकीब पर भी शोध किया जाएगा।
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