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बसपा के किले में सेंध लगाने में जुटी भाजपा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 19 Aug 2016 12:45 AM IST
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bjp metting, jhansi news
- फोटो : demo
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ललितपुर। ललितपुर व महरौनी विधानसभा में जमीन तलाश रही भारतीय जनता पार्टी को बसपा ने घर बैठे बैठाए जड़े जमाने का अवसर दे दिया है। कुशवाहा बिरादरी में दखल रखने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य के भाजपा में आने से जहां पार्टी को मजबूती मिली है, वहीं सदर विधायक की बसपा से टिकट कटने से उसके परंपरागत कुुशवाहा वोट में सेंधमारी का तानाबाना बुना जाने लगा है।
जिले में दलितों के बाद कुशवाहा व लोधी वोट निर्णायक की भूमिका में हैं। बहुजन समाज पार्टी ने ललितपुर व महरौनी विधानसभा में जीत सुनिश्चित करने के लिए सोशल इंजीनियरिंग करते हुए जातिगत समीकरण फिट किए। इसमें कुशवाहा वोट उसके लिए निर्णायक साबित हो रहा है। बसपा अपने प्रत्याशियों को दलित व कुशवाहा वोट के गठजोड़ की बदौलत ललितपुर व महरौनी विधानसभा में लगातार जीत दिलाने में सफल हो रही है।
ललितपुर विधानसभा से नाथूराम कुशवाहा, सुमन कुशवाहा व रमेश कुशवाहा विधायक बने हैं। वहीं, महरौनी विधानसभा में कुशवाहा का वोट फेरनलाल कुशवाहा के पक्ष में कराकर उन्हें जीत दिलाने में सफल रही है। इससे पहले रामकुमार तिवारी भी बसपा के प्रत्याशी के रूप में महरौनी से विधायक बन चुके हैं। बसपा के इस समीकरण से विपक्षी दलों को जीत का स्वाद चखना मुश्किल हो रहा है।
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पिछले दिनों बसपा के दिग्गज नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने भाजपा का दामन थाम लिया। वहीं, बसपा ने वर्तमान सदर विधायक रमेश कुशवाहा का टिकट काट दिया और उनके स्थान पर संतोष कुशवाहा हरदीला को टिकट दे दिया। इन दोनों घटनाक्रमों ने जिले की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। मौके का फायदा उठाने के लिए नेता सक्रिय हो गए हैं।
दरअसल जब स्वामी मौर्य ने बसपा छोड़कर भाजपा का दामन थामा तो कुशवाहा समाज के कई लोगों ने मिठाई बांटी। इसमें कई बसपा के सदस्य भी रहे हैं। इसका फायदा भाजपा लेने की जुगत में है। वहीं दूसरे दलों के नेता भी कुशवाहा बिरादरी को अपनी ओर खींचने के लिए जोड़तोड़ कर रहे हैं।
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जिले में दलितों के बाद कुशवाहा व लोधी वोट निर्णायक की भूमिका में हैं। बहुजन समाज पार्टी ने ललितपुर व महरौनी विधानसभा में जीत सुनिश्चित करने के लिए सोशल इंजीनियरिंग करते हुए जातिगत समीकरण फिट किए। इसमें कुशवाहा वोट उसके लिए निर्णायक साबित हो रहा है। बसपा अपने प्रत्याशियों को दलित व कुशवाहा वोट के गठजोड़ की बदौलत ललितपुर व महरौनी विधानसभा में लगातार जीत दिलाने में सफल हो रही है।
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ललितपुर विधानसभा से नाथूराम कुशवाहा, सुमन कुशवाहा व रमेश कुशवाहा विधायक बने हैं। वहीं, महरौनी विधानसभा में कुशवाहा का वोट फेरनलाल कुशवाहा के पक्ष में कराकर उन्हें जीत दिलाने में सफल रही है। इससे पहले रामकुमार तिवारी भी बसपा के प्रत्याशी के रूप में महरौनी से विधायक बन चुके हैं। बसपा के इस समीकरण से विपक्षी दलों को जीत का स्वाद चखना मुश्किल हो रहा है।
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पिछले दिनों बसपा के दिग्गज नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने भाजपा का दामन थाम लिया। वहीं, बसपा ने वर्तमान सदर विधायक रमेश कुशवाहा का टिकट काट दिया और उनके स्थान पर संतोष कुशवाहा हरदीला को टिकट दे दिया। इन दोनों घटनाक्रमों ने जिले की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। मौके का फायदा उठाने के लिए नेता सक्रिय हो गए हैं।
दरअसल जब स्वामी मौर्य ने बसपा छोड़कर भाजपा का दामन थामा तो कुशवाहा समाज के कई लोगों ने मिठाई बांटी। इसमें कई बसपा के सदस्य भी रहे हैं। इसका फायदा भाजपा लेने की जुगत में है। वहीं दूसरे दलों के नेता भी कुशवाहा बिरादरी को अपनी ओर खींचने के लिए जोड़तोड़ कर रहे हैं।