{"_id":"587141a14f1c1b027915859d","slug":"bsp-maintained-a-caste","type":"story","status":"publish","title_hn":"बसपा ने साधे जातीय समीकरण ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बसपा ने साधे जातीय समीकरण
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 08 Jan 2017 12:59 AM IST
विज्ञापन
bsp parti, lalitpur news
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहुजन समाज पार्टी ने वर्ष 2012 के विधानसभा के चुनावी गणित पर भरोसा जताते हुए दोनों उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। ललितपुर विधानसभा क्षेत्र से संतोष कुशवाहा एवं महरौनी विधानसभा क्षेत्र से फेरनलाल अहिरवार को उम्मीदवार बनाया गया है।
वर्ष 2012 विधानसभा चुनाव में बसपा ने ललितपुर विधानसभा से रमेश कुशवाहा व महरौनी विधानसभा से फेरनलाल अहिरवार को उम्मीदवार बनाया था। दोनों ही उम्मीदवार जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। लेकिन, सदर विधायक पार्टी में अपना भरोसा कायम नहीं रख सके। नतीजा यह हुआ कि पार्टी ने वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के लिए सदर विधायक रमेश कुशवाहा की जगह संतोष कुशवाहा को प्रभारी बना दिया था।
यह बात सदर विधायक को रास नहीं आई और वह भाजपा के संपर्क में आ गए जिसके बाद संतोष कुशवाहा को विधानसभा का टिकट मिलना लगभग तय हो गया था। हालांकि सूची जारी होने से पहले कई नेताओं ने ललितपुर विधानसभा के टिकट के लिए जोड़तोड़ की। इस दौरान कई नेताओं के नाम टिकट के लिए उछले भी।
विज्ञापन
वहीं, महरौनी विधायक फेरनलाल अहिरवार के टिकट को लेकर कोई संशय नहीं था। उनका टिकट पहले तय माना जा रहा था। बसपा ने सूची जारी कर सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है। इस सूची में एक बात समान है जो ललितपुर विधानसभा पर लागू होती है। पिछले चुनाव में बसपा की ओर से रमेश कुशवाहा उम्मीदवार थे, अब उनकी जगह संतोष कुशवाहा को प्रत्याशी बनाया गया है जबकि महरौनी में वर्तमान विधायक फेरनलाल अहिरवार पर भरोसा जताया गया है। अब सबकी नजरें भाजपा की टिकटों पर टिक गई हैं। इसकी वजह सदर विधायक रमेश कुशवाहा हैं।
विज्ञापन
वर्ष 2012 विधानसभा चुनाव में बसपा ने ललितपुर विधानसभा से रमेश कुशवाहा व महरौनी विधानसभा से फेरनलाल अहिरवार को उम्मीदवार बनाया था। दोनों ही उम्मीदवार जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। लेकिन, सदर विधायक पार्टी में अपना भरोसा कायम नहीं रख सके। नतीजा यह हुआ कि पार्टी ने वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के लिए सदर विधायक रमेश कुशवाहा की जगह संतोष कुशवाहा को प्रभारी बना दिया था।
विज्ञापन
यह बात सदर विधायक को रास नहीं आई और वह भाजपा के संपर्क में आ गए जिसके बाद संतोष कुशवाहा को विधानसभा का टिकट मिलना लगभग तय हो गया था। हालांकि सूची जारी होने से पहले कई नेताओं ने ललितपुर विधानसभा के टिकट के लिए जोड़तोड़ की। इस दौरान कई नेताओं के नाम टिकट के लिए उछले भी।
विज्ञापन
वहीं, महरौनी विधायक फेरनलाल अहिरवार के टिकट को लेकर कोई संशय नहीं था। उनका टिकट पहले तय माना जा रहा था। बसपा ने सूची जारी कर सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है। इस सूची में एक बात समान है जो ललितपुर विधानसभा पर लागू होती है। पिछले चुनाव में बसपा की ओर से रमेश कुशवाहा उम्मीदवार थे, अब उनकी जगह संतोष कुशवाहा को प्रत्याशी बनाया गया है जबकि महरौनी में वर्तमान विधायक फेरनलाल अहिरवार पर भरोसा जताया गया है। अब सबकी नजरें भाजपा की टिकटों पर टिक गई हैं। इसकी वजह सदर विधायक रमेश कुशवाहा हैं।