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मुख्य सड़कों को चमकाया, गलियों में नहीं की सफाई
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 03 Oct 2016 12:53 AM IST
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swachta abhiyan, lalitpur news
- फोटो : amar ujala, lalitpur news
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ललितपुर। रविवार को केवल शहर ही नहीं बल्कि जनपद भर में भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी जयंती पर याद किया गया, लेकिन सच्ची श्रद्धासुमन के रुप में अर्पित स्वच्छता मिशन को समस्त राजनीतिक पार्टी व जनप्रतिनिधि द्वारा दरकिनार कर दिया गया है। स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पार्टी भी इसमें शामिल है।
भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भारत वर्ष को अंग्रेजों से आजादी दिलाने के साथ साफ व स्वच्छ भारत वर्ष का सपना देखा था। देश को अंग्रेजों से तो आजादी मिल गई है, लेकिन गंदगी अब भी है। महात्मा गांधीजी के इस अधूरे सपने को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 02 अक्तूबर 2014 से गांधीजी की जयंती के उपलक्ष्य में स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की थी। इसके बाद से गांधी जयंती को स्वच्छता दिवस के रुप में मनाया जाने लगा है। प्रधानमंत्री के साथ-साथ केंद्र सरकार व प्रदेश सरकार दोनों मिलकर इस स्वच्छता मिशन को पूरा करने में जुटे हुए हैं। देश को साफ-सुथरा व खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए जनता को जागरुक करने व इस मिशन में शामिल करने के लिए समय-समय पर विशेष जागरुकता कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा है।
शासन के निर्देशन पर देश भर में 26 सितंबर से 02 अक्तूबर तक स्वच्छ भारत सप्ताह विशेष अभियान चलाया जाना था, ताकि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व स्वच्छता का माहौल बनाकर महात्मा गांधीजी को उनकी जयंती पर सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की जा सके। लेकिन इस विशेष अभियान का जिला मुख्यालय पर कोई खास असर देखने को नहीं मिला है। नगर पालिका के उच्चाधिकारियों ने सफाई कर्मचारियों को काम पर लगाकर शहर की मुख्य सड़कों व चौराहा स्थलों के आस-पास विशेष सफाई अभियान चलाकर चमका दिया था, लेकिन वहीं दूूसरी ओर शहर की किसी भी मुहल्ले की गलियों व सड़कों पर झाड़ू तक नहीं लगाई गई। इससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी है। साथ ही शहर को साफ व स्वच्छ बनाने की शासन की मंशा भी पूरी नहीं हो पाई है।
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शौचालय विहीन परिवारों द्वारा स्थानीय सामुदायिक शौचालयों का भी उपयोग नहीं किया गया, इसके पीछे जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के साथ-साथ इसकी एक मुख्य वजह जनता में स्वच्छता के प्रति जागरुकता का अभाव होना भी है।
सड़कों पर नहीं दिखा स्वच्छता अभियान
प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ समस्त राजनीतिक पार्टियों व विभिन्न संगठनों द्वारा गांधी जयंती के अवसर पर चलाए जाने वाले स्वच्छता अभियान में दिलचस्पी नहीं ली गई है। मिशन की शुरुआत करने वाले प्रधानमंत्री की पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों द्वारा भी इस अभियान में हिस्सा नहीं लिया गया। कार्यालय पर विचार गोष्ठी करके इतिश्री कर ली गई है। यही हाल राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी समेत विभिन्न राजनीतिक, समाजसेवी संगठनों व संस्थाओं का भी है। यह स्थिति केवल गांधी जयंती की ही नहीं, बल्कि मिशन शुरु होने से अब तक किसी जनप्रतिनिधि द्वारा इसमें दिलचस्पी नहीं दिखाई है। मिशन की शुरुआत के दौरान एक बार नपा अध्यक्ष व पार्षदों ने हाथों में झाड़ू लेकर सड़कों पर झाड़ू जरूर लगाई थी, इसके बाद पिछले दो वर्षों में किसी अन्य पार्टी का जनप्रतिनिधि व पदाधिकारी सड़कों पर नहीं दिखाई दिए हैं।
दस गाड़ियों को दिखाई हरी झंडी
शहर में निकलने वाला कचरा का उठान करने के लिए नगर पालिका ने करीब 75 लाख रुपए की लागत से दस कवर्ड आपे गाड़ियों की खरीद की है। इन गाड़ियों को नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल व अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार ने गांधी जयंती के अवसर पर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ईओ राकेश कुमार ने बताया कि इन आपे में हाईड्रोलिग सिस्टम उपलब्ध है। जल्द ही इनमें जीपीएस लगाया जाएगा। लाउड स्पीकर भी लगाया जाएगा जो लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरुक करने का काम करेगा।
वहीं नगर पालिका द्वारा नेहरू नगर में जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय लोगों को खुले में शौच नहीं करने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान मुख्य सफाई निरीक्षक आरके लवानियां, दिनेश बिरौनिया, योजना प्रभारी अभिषेक कुमार चौबे, रमाकांत तिवारी, हबीब खां, जेई विपिन कुमार, दीपेंद्र कुमार, हेमंत सिंह, महेंद्र यादव, बब्लू यादव, विनोद मिश्रा, नरेंद्र राठौर आदि उपस्थित रहे।
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भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भारत वर्ष को अंग्रेजों से आजादी दिलाने के साथ साफ व स्वच्छ भारत वर्ष का सपना देखा था। देश को अंग्रेजों से तो आजादी मिल गई है, लेकिन गंदगी अब भी है। महात्मा गांधीजी के इस अधूरे सपने को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 02 अक्तूबर 2014 से गांधीजी की जयंती के उपलक्ष्य में स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की थी। इसके बाद से गांधी जयंती को स्वच्छता दिवस के रुप में मनाया जाने लगा है। प्रधानमंत्री के साथ-साथ केंद्र सरकार व प्रदेश सरकार दोनों मिलकर इस स्वच्छता मिशन को पूरा करने में जुटे हुए हैं। देश को साफ-सुथरा व खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए जनता को जागरुक करने व इस मिशन में शामिल करने के लिए समय-समय पर विशेष जागरुकता कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा है।
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शासन के निर्देशन पर देश भर में 26 सितंबर से 02 अक्तूबर तक स्वच्छ भारत सप्ताह विशेष अभियान चलाया जाना था, ताकि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व स्वच्छता का माहौल बनाकर महात्मा गांधीजी को उनकी जयंती पर सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की जा सके। लेकिन इस विशेष अभियान का जिला मुख्यालय पर कोई खास असर देखने को नहीं मिला है। नगर पालिका के उच्चाधिकारियों ने सफाई कर्मचारियों को काम पर लगाकर शहर की मुख्य सड़कों व चौराहा स्थलों के आस-पास विशेष सफाई अभियान चलाकर चमका दिया था, लेकिन वहीं दूूसरी ओर शहर की किसी भी मुहल्ले की गलियों व सड़कों पर झाड़ू तक नहीं लगाई गई। इससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी है। साथ ही शहर को साफ व स्वच्छ बनाने की शासन की मंशा भी पूरी नहीं हो पाई है।
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शौचालय विहीन परिवारों द्वारा स्थानीय सामुदायिक शौचालयों का भी उपयोग नहीं किया गया, इसके पीछे जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के साथ-साथ इसकी एक मुख्य वजह जनता में स्वच्छता के प्रति जागरुकता का अभाव होना भी है।
सड़कों पर नहीं दिखा स्वच्छता अभियान
प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ समस्त राजनीतिक पार्टियों व विभिन्न संगठनों द्वारा गांधी जयंती के अवसर पर चलाए जाने वाले स्वच्छता अभियान में दिलचस्पी नहीं ली गई है। मिशन की शुरुआत करने वाले प्रधानमंत्री की पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों द्वारा भी इस अभियान में हिस्सा नहीं लिया गया। कार्यालय पर विचार गोष्ठी करके इतिश्री कर ली गई है। यही हाल राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी समेत विभिन्न राजनीतिक, समाजसेवी संगठनों व संस्थाओं का भी है। यह स्थिति केवल गांधी जयंती की ही नहीं, बल्कि मिशन शुरु होने से अब तक किसी जनप्रतिनिधि द्वारा इसमें दिलचस्पी नहीं दिखाई है। मिशन की शुरुआत के दौरान एक बार नपा अध्यक्ष व पार्षदों ने हाथों में झाड़ू लेकर सड़कों पर झाड़ू जरूर लगाई थी, इसके बाद पिछले दो वर्षों में किसी अन्य पार्टी का जनप्रतिनिधि व पदाधिकारी सड़कों पर नहीं दिखाई दिए हैं।
दस गाड़ियों को दिखाई हरी झंडी
शहर में निकलने वाला कचरा का उठान करने के लिए नगर पालिका ने करीब 75 लाख रुपए की लागत से दस कवर्ड आपे गाड़ियों की खरीद की है। इन गाड़ियों को नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल व अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार ने गांधी जयंती के अवसर पर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ईओ राकेश कुमार ने बताया कि इन आपे में हाईड्रोलिग सिस्टम उपलब्ध है। जल्द ही इनमें जीपीएस लगाया जाएगा। लाउड स्पीकर भी लगाया जाएगा जो लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरुक करने का काम करेगा।
वहीं नगर पालिका द्वारा नेहरू नगर में जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय लोगों को खुले में शौच नहीं करने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान मुख्य सफाई निरीक्षक आरके लवानियां, दिनेश बिरौनिया, योजना प्रभारी अभिषेक कुमार चौबे, रमाकांत तिवारी, हबीब खां, जेई विपिन कुमार, दीपेंद्र कुमार, हेमंत सिंह, महेंद्र यादव, बब्लू यादव, विनोद मिश्रा, नरेंद्र राठौर आदि उपस्थित रहे।