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अधिवक्ता व वादकारी विवाद मामले में दोनों पक्षों के अठारह पर मुकदमा दर्ज
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ललितपुर। अधिवक्ताओं और वादकारियों के बीच शनिवार को हुए विवाद के मामले में कोतवाली पुलिस ने दोनों पक्षों के 18 नामजद एवं 10 अज्ञात अधिवक्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर आगे की जांच व कार्रवाई शुरू कर दी है। नामजदों में तीन अधिवक्ता भी शामिल हैं।
पहले मामले में ग्राम अड़वाहा के मजरा प्रतापपुरा निवासी अधिवक्ता सुरेंद्र कुमार रजक ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया कि चार दिसंबर को दोपहर तीन बजे वह अपनी पक्षकार महिला की फाइल लेकर उसे सिविल जज जूनियर डिवीजन (एफटीसी) की न्यायालय ले जा रहा था। रास्ते में पक्षकार का तालबेहट क्षेत्र अंतर्गत एक मोहल्ला निवासी पति, उसकी सास, ससुर व एक अन्य महिला एवं चार अज्ञात लोगों को लेकर आए और उसके साथ गाली गलौज की। उसे जाति सूचक शब्दों से अपमानित किया। उसने यह भी कहा कि कहा कि मुकदमा वापस करा देना। तब उसने विरोध किया तो मौके पर अधिवक्ता जगदीश कुशवाहा ने आकर बीच बचाव की कोशिश की। उन लोगों ने जगदीश कुशवाहा के साथ भी मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी। मौके पर अन्य अधिवक्ताओं ने बीच बचाव किया। कोतवाली पुलिस ने मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है और मामले की जांच सीओ सिटी को सौंप दी है।
दूसरे पक्ष की ओर से तालबेहट क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया कि बीते रोज चार दिसंबर को दोपहर करीब दो बजे उसकाबेटा कचहरी परिसर में न्यायालय से पेशी करके वापस लौट रहा था, तभी विपक्षी उसके बेटे की पत्नी एवं उसके साथ अधिवक्ता जगदीश कुशवाहा व उनका मुंशी रजक दोनों आए और उसके बेटे को गालियां दीं, मना करने पर उन दोनों ने उसके बेटे के साथ लात-घूसों से मारपीट कर दी।
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मौके पर सूचना उसके बेटे ने फोन पर दी तो वह अपने बेटे और पति के साथ कचहरी परिसर पहुंची, जहां पर उसने व परिवार के लोगों ने इस बात का उलाहना दिया कि उन्होंने उसके बेटे को क्यों मारा है, तो इसी बात पर वहां मौजूद उसकी बहू एवं मुंशी सोनू उर्फ सुरेंद्र रजक, जगदीश कुशवाहा एवं उदयभान ने उसे गालियां देते हुए मारपीट शुरू कर दी और आसपास के दस अज्ञात अधिवक्ताओं को बुलाया, जिस पर उन लोगों ने लात घूसों व बेल्टों से मारापीट करते हुए उसकी साड़ी खींचकर बेइज्जत किया और गालियां दीं।
जिस पर वह व उसके परिवारजन किसी प्रकार जान बचाकर वहां से भागे। इस मारपीट में उसके बेटे को पैर एवं हाथ में चोटें आई हैं। वहां मौजूद लोगों ने इस घटना का वीडियो भी बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल भी किया। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने गाली गलौज कर मारपीट करने, जान से मारने को धमकाने एवं छेड़छाड़ की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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पहले मामले में ग्राम अड़वाहा के मजरा प्रतापपुरा निवासी अधिवक्ता सुरेंद्र कुमार रजक ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया कि चार दिसंबर को दोपहर तीन बजे वह अपनी पक्षकार महिला की फाइल लेकर उसे सिविल जज जूनियर डिवीजन (एफटीसी) की न्यायालय ले जा रहा था। रास्ते में पक्षकार का तालबेहट क्षेत्र अंतर्गत एक मोहल्ला निवासी पति, उसकी सास, ससुर व एक अन्य महिला एवं चार अज्ञात लोगों को लेकर आए और उसके साथ गाली गलौज की। उसे जाति सूचक शब्दों से अपमानित किया। उसने यह भी कहा कि कहा कि मुकदमा वापस करा देना। तब उसने विरोध किया तो मौके पर अधिवक्ता जगदीश कुशवाहा ने आकर बीच बचाव की कोशिश की। उन लोगों ने जगदीश कुशवाहा के साथ भी मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी। मौके पर अन्य अधिवक्ताओं ने बीच बचाव किया। कोतवाली पुलिस ने मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है और मामले की जांच सीओ सिटी को सौंप दी है।
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दूसरे पक्ष की ओर से तालबेहट क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया कि बीते रोज चार दिसंबर को दोपहर करीब दो बजे उसकाबेटा कचहरी परिसर में न्यायालय से पेशी करके वापस लौट रहा था, तभी विपक्षी उसके बेटे की पत्नी एवं उसके साथ अधिवक्ता जगदीश कुशवाहा व उनका मुंशी रजक दोनों आए और उसके बेटे को गालियां दीं, मना करने पर उन दोनों ने उसके बेटे के साथ लात-घूसों से मारपीट कर दी।
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मौके पर सूचना उसके बेटे ने फोन पर दी तो वह अपने बेटे और पति के साथ कचहरी परिसर पहुंची, जहां पर उसने व परिवार के लोगों ने इस बात का उलाहना दिया कि उन्होंने उसके बेटे को क्यों मारा है, तो इसी बात पर वहां मौजूद उसकी बहू एवं मुंशी सोनू उर्फ सुरेंद्र रजक, जगदीश कुशवाहा एवं उदयभान ने उसे गालियां देते हुए मारपीट शुरू कर दी और आसपास के दस अज्ञात अधिवक्ताओं को बुलाया, जिस पर उन लोगों ने लात घूसों व बेल्टों से मारापीट करते हुए उसकी साड़ी खींचकर बेइज्जत किया और गालियां दीं।
जिस पर वह व उसके परिवारजन किसी प्रकार जान बचाकर वहां से भागे। इस मारपीट में उसके बेटे को पैर एवं हाथ में चोटें आई हैं। वहां मौजूद लोगों ने इस घटना का वीडियो भी बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल भी किया। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने गाली गलौज कर मारपीट करने, जान से मारने को धमकाने एवं छेड़छाड़ की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।