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कोरोना काल में नहीं आ रहे रक्तदाता, ब्लडबैंक में रक्तका पड़ा टोटा

Wed, 21 Oct 2020 01:51 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 21 Oct 2020 01:51 AM IST
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blood stock shortage
blood bank - फोटो : blood bank
ललितपुर। जिले के रक्तकोष में कभी ब्लड की कमी नहीं हुई, लेकिन कोरोना काल में रक्त का टोटा पड़ गया है। 300 यूनिट की क्षमता वाले ब्लड बैंक में मात्र 18 यूनिट ही शेष बचा है। इससे पहले ब्लड बैंक से जिले के साथ झांसी की भी मांग पूरी होती थी। बी पॉजिटिव ग्रुप की सबसे अधिक कमी महसूस की जा रही है। जबकि सबसे अधिक मांग भी इसी रक्त समूह की है।
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जनपद में 14 लाख की आबादी पर इकलौता रक्तकोष जिला अस्पताल परिसर में हैं, जिसमें 300 यूनिट रखने की क्षमता है। जनपद में 50 प्रतिशत बी पॉजिटिव व शेष में सभी ग्रुप के रक्त का की आवश्यकता है। यहां से प्रतिमाह लगभग 350 यूनिट रक्त मरीजों दिया जाता है। लेकिन बीते सात माहों से आए कोरोना काल से ब्लड बैंक में रक्त की कमी पड़ गई है। जहां रक्तकोष में ढाई सौ यूनिट रक्त स्टॉक में रहता था। अब 20 यूनिट तक नहीं हो पा रहा है। इसका कारण कोरोना वायरस संक्रमण काल है। इससे जिले में न तो रक्तदाता रक्तदान करने के लिए आगे आ रहे हैं और न ही रक्तदान शिविर लग पा रहे हैं।
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ब्लडबैंक से जननी सुरक्षा योजना व थैलेसमियां, कैंसर आदि के मरीजों को निशुल्क रक्त उपलब्ध कराया जाता है। यहां पर एक माह में लगभग 20 यूनिट रक्त बगैर रिप्लेसमेंट के ही दिया जाता है। इसके लिए मरीजों को रिप्लेसमेंट नहीं कराना होता है। चिकित्सक की मांग पर ही दिया जाता है। लेकिन ब्लड की कमी के चलते गंभीर बीमारियों व प्रसूताओं को भी नहीं दिया जा पा रहा है। इसके लिए प्रसूताओं को एक रिप्लेसमेंट के लिए एक डोनर की आवश्यकता पड़ रही है।
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ग्रुप मात्रा
ओ पॉजिटिव - छह यूनिट
ए पॉजिटिव - तीन यूनिट
बी पॉजिटिव - दो यूनिट
एबी पॉजिटिव - एक यूनिट
ए निगेटिव - दो यूनिट
बी निगेटिव - दो यूनिट
ओ निगेटिव - दो यूनिट
झांसी की होती थी पूर्ति
कोरोना काल से पहले लगातार रक्तदान शिविर होने पर रक्तकोष में क्षमता से अधिक हो जाता था, जिस पर यहां से रक्त को झांसी में दिया जाता था। इससे रक्त का सही उपयोग जाता था। इसके अलावा झांसी में कई मरीजों केे ब्लड की आवश्यकता होने पर भी दिया जाता है। यहां से प्रतिमाह लगभग 15 यूनिट रक्त झांसी जाता है। इसके लिए मरीज रिप्लेसमेंट कराकर ले जाते हैं। कई मरीज सीधे डोनर को ही झांसी ले जाते हैं।
14 यूनिट रक्त हुआ खराब
कोरोना काल की शुरुआत में शासन ने मार्च माह ओपीडी सेवा बंद कर दी थी। तब मरीजों की संख्या अधिक घट गई थी, केवल आपाताकालीन सेवाएं जारी थीं, इससे मरीजों कम आ रहे थे। लगातार मरीजों की संख्या कम होने पर अप्रैल माह के अंत में 14 यूनिट रक्त खराब हो गया था।
रक्त की कमी से नहीं होते मरीज रेफर
जनपद के मरीजों केे रक्त की कमी के चलते रेफर नहीं किया गया। आवश्यकता पड़ने पर समाजसेवी संस्थाएं व अन्य लोग रक्त दे देते हैं। इसके अलावा अब तक किसी भी मरीज को रक्त के लिए अन्य जनपद नहीं जाना पड़ा है। स्थानीय क्षेत्र में ही रक्त मुहैया हो जाता है।

कोरोना वायरस संक्रमण के चलते रक्तदान शिविर नहीं लग पा रहे हैं। इससे रक्त की कमी पड़ रही है। वर्तमन में मात्र 18 यूनिट रक्त ही बचा है। हालांकि किसी मरीज को रक्त की कमी के चलते रेफर नहीं किया जा पाता है। इसके लिए संस्थाएं लगातार सहयोग कर रहीं हैं।
प्रतिभा, काउंसलर, रक्तकोष जिला अस्पताल
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