{"_id":"671fe06726895079c60e0ae4","slug":"black-marketing-of-fertilizer-is-not-stopping-sacks-of-dap-are-being-sold-for-rs-1600-to-1750-lalitpur-news-c-131-1-ltp1004-123189-2024-10-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: नहीं थम रही खाद की कालाबाजारी, 1600 से 1750 में बेच रहे डीएपी की बोरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: नहीं थम रही खाद की कालाबाजारी, 1600 से 1750 में बेच रहे डीएपी की बोरी
विज्ञापन
ललितपुर। जनपद में कृषि विभाग भले ही खाद को निर्धारित दाम में बेचने का दावा कर रहा हो, लेकिन लगातार खाद की कालाबजारी करने की शिकायतें मिल रही हैं। मंगलवार को भारतीय किसान संघ ने सोसायटी और निजी दुकानों पर खाद की कालाबजारी करने के आरोप को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई करने की मांग की है।
ज्ञापन में बताया कि शासन ने डीएपी का दाम 1350 रुपये प्रति बोरी निर्धारित किया है लेकिन निजी दुकानों और सोसायटी पर अधिक दाम में खाद दिया जा रहा है। किसानों को कतार में लगना पड़ रहा है। वहीं, सोसायटी पर कर्मचारी चहेतों को जल्दी दे रहे हैं। यहां पर अधिक दाम में दिया जा रहा है। वहीं, दुकानों पर 1600 रुपये से 1750 रुपये में खाद बेची जा रही है। इस पर अंकुश लगाने की मांग की है। वहीं, खरीफ फसल के मुआवजा में मनमाने तरीके से भुगतान करने का आरोप लगाया है।
उन्होंने बताया कि फीडिंग वाले पैसा लेकर फीड कर रहे हैं। इसके साथ ही अधिक जमीन वालों को कम पैसों का भुगतान किया जा रहा है। ज्ञापन पर प्रांत उपाध्यक्ष केहर सिंह बुंदेला, सोहन लाल विश्वकर्मा, काशीराम, सुखनंदन सिंह आदि के हस्ताक्षर बने हैं। जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार भारतीय ने कहा कि ज्ञापन की जानकारी नहीं है। शिकायत मिलती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
ज्ञापन में बताया कि शासन ने डीएपी का दाम 1350 रुपये प्रति बोरी निर्धारित किया है लेकिन निजी दुकानों और सोसायटी पर अधिक दाम में खाद दिया जा रहा है। किसानों को कतार में लगना पड़ रहा है। वहीं, सोसायटी पर कर्मचारी चहेतों को जल्दी दे रहे हैं। यहां पर अधिक दाम में दिया जा रहा है। वहीं, दुकानों पर 1600 रुपये से 1750 रुपये में खाद बेची जा रही है। इस पर अंकुश लगाने की मांग की है। वहीं, खरीफ फसल के मुआवजा में मनमाने तरीके से भुगतान करने का आरोप लगाया है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि फीडिंग वाले पैसा लेकर फीड कर रहे हैं। इसके साथ ही अधिक जमीन वालों को कम पैसों का भुगतान किया जा रहा है। ज्ञापन पर प्रांत उपाध्यक्ष केहर सिंह बुंदेला, सोहन लाल विश्वकर्मा, काशीराम, सुखनंदन सिंह आदि के हस्ताक्षर बने हैं। जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार भारतीय ने कहा कि ज्ञापन की जानकारी नहीं है। शिकायत मिलती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन