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Lalitpur News: छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में भाकियू का प्रदर्शन, डीएम को सौंपा ज्ञापन
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में नारेबाजी की और जिलाधिकारी सत्य प्रकाश को कलक्ट्रेट गेट पर रोककर पंद्रह सूत्री विभिन्न मांगों का एक ज्ञापन दिया।
भाकियू कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री को संबोधित 15 सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपते हुए भारत-अमेरिका व्यापार समझौते तथा अन्य मुक्त व्यापार समझौतों पर चिंता जताई। ज्ञापन में कहा गया कि कृषि और डेयरी क्षेत्र को पर्याप्त सुरक्षा उपायों के बिना विदेशी प्रतिस्पर्धा के लिए खोलने से छोटे एवं सीमांत किसानों, दुग्ध उत्पादकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
संगठन ने सभी फसलों के लिए स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप सी-2 लागत पर 50 प्रतिशत लाभ जोड़कर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी देने तथा सरकारी खरीद कानून लागू करने की मांग की। इसके अलावा गन्ने का राज्य परामर्श मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने, किसानों और कृषि मजदूरों के लिए संपूर्ण ऋणमाफी योजना लागू करने, कृषि कार्य के लिए निशुल्क बिजली उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण और घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की मांग उठाई गई।
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ज्ञापन में चारों श्रम संहिताएं, बीज विधेयक, राष्ट्रीय कृषि विपणन नीति और राष्ट्रीय सहकारिता नीति वापस लेने की मांग भी की गई। इस दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। ज्ञापन पर लाखन सिंह पटेल, मलखान सिंह, शब्बीर खां मंसूरी, पहाड़ सिंह, रंजीत सिंह, राजपाल यादव, रमेश सहित अन्य पदाधिकारियों के हस्ताक्षर हैं।।
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ललितपुर। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में नारेबाजी की और जिलाधिकारी सत्य प्रकाश को कलक्ट्रेट गेट पर रोककर पंद्रह सूत्री विभिन्न मांगों का एक ज्ञापन दिया।
भाकियू कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री को संबोधित 15 सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपते हुए भारत-अमेरिका व्यापार समझौते तथा अन्य मुक्त व्यापार समझौतों पर चिंता जताई। ज्ञापन में कहा गया कि कृषि और डेयरी क्षेत्र को पर्याप्त सुरक्षा उपायों के बिना विदेशी प्रतिस्पर्धा के लिए खोलने से छोटे एवं सीमांत किसानों, दुग्ध उत्पादकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
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संगठन ने सभी फसलों के लिए स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप सी-2 लागत पर 50 प्रतिशत लाभ जोड़कर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी देने तथा सरकारी खरीद कानून लागू करने की मांग की। इसके अलावा गन्ने का राज्य परामर्श मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने, किसानों और कृषि मजदूरों के लिए संपूर्ण ऋणमाफी योजना लागू करने, कृषि कार्य के लिए निशुल्क बिजली उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण और घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की मांग उठाई गई।
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ज्ञापन में चारों श्रम संहिताएं, बीज विधेयक, राष्ट्रीय कृषि विपणन नीति और राष्ट्रीय सहकारिता नीति वापस लेने की मांग भी की गई। इस दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। ज्ञापन पर लाखन सिंह पटेल, मलखान सिंह, शब्बीर खां मंसूरी, पहाड़ सिंह, रंजीत सिंह, राजपाल यादव, रमेश सहित अन्य पदाधिकारियों के हस्ताक्षर हैं।।