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सरकारी कार्यालयों में बायोमैट्रिक हाजिरी बंद
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जिला चिकित्सालय में कोरोना वायरस को लेकर बैठक को संबोधित करते चिकित्सा अधिकारी
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। कोरोना वायरस से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य सरकारी कार्यालयों में बायोमैट्रिक हाजिरी से छूट दे दी गई है। अब पूर्व की तरह रजिस्टरों पर हाजिरी दर्ज की जाएगी। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने एक आपात बैठक बुलाकर सभी चिकित्सकों व स्टाफ को कोरोना से बचाव के उपाय भी बताए, ताकि कोरोना वायरस के संकट से बचा जा सके। वहीं आशा, प्रधान व शिक्षकों के माध्यम से कोरोना से बचाव और भ्रांतियां दूर करने को जागरुकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे, ताकि लो डरें नहीं, बचाव करें।
देश में आए दिन विभिन्न राज्यों व शहरों में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या बढ़ने के चलते लोगों में डर का माहौल बनता जा रहा है और लोगों में कोरोना वायरस को लेकर भ्रांतियां उत्पन्न हो रही हैं। जरा सी खांसी, जुकाम या बीमार होने पर लोगों में कोरोना वायरस जैसे लक्षण की आशंका सताने लगती है और यह चिकित्सकों के पास भी पहुंच रहे हैं कि उन्हें कोरोना वायरस तो नहीं हो गया। ऐसे में चिकित्सकों ने एक बैठक आयोजित कर चिकित्सकों व स्टाफ को कोरोना वायरस के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराई और उसके बचाव व भ्रांतियों को दूर करने की जानकारी दी गई। बताया कि खांसी या जुकाम होना ही मात्र कोरोना वायरस के लक्षण नहीं हैं, जब तक जांच के दौरान उसकी पुष्टि नहीं हो जाती। ऐसे में बचाव जरुर किया जा सकता है। इसके लिए बैठक में एपी डेमियोलॉजिस्ट डा.देशराज दोहरे ने बताया कि जिनमें खांसी, जुकाम या बुखार जैसी स्थिति है और वह यदि दूसरे देश से आने वाले लोगों के संपर्क में रहे हों या फिर ऐसे लोग जो दूसरे लोगों के संपर्क में रहकर दूसरे से मिले हों, तो उनमें कोरोना वायरस जैसे लक्षण होने की संभावना हो सकती है। जहां गांव में या अन्य कालोनियों में जहां दूसरे देश से आने वालों के संपर्क में नहीं रहे हों, उनमें कोरोना वायरस की संभावना नहीं रहती। ऐसे में लोगों को डरने की जरुरत नहीं है, भ्रांतियों से बचें और बचाव करें। वहीं बैठक में कोरोना वायरस से बचाव के बारे में जानकारी दी गई कि अधिक भीड़ भाड़ वाले स्थानों, मेला आदि में जाने से लोगों को बचना चाहिए। एक दूसरे से हाथ मिलाने से बचाव करें और जरुरी हो तो हाथ जोड़कर अभिभादन करें। खांसी, जुकाम होने की स्थिति में मास्क का प्रयोग कर दूसरों से दूरी बनाएं रखें और खुद का बचाव करके ही बीमारी से बचा जा सकता है। साथ ही मास्क को प्रयोग कर कहीं भी नहीं फेंकते हुए निर्धारित कूड़ेदान में फेंके या उसका निस्तारण कर दें। वहीं मुख्यालय से प्राप्त निर्देशों के क्रम में कोरोना के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए आशा, ग्राम प्रधान और शिक्षकों के माध्यम से शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में, स्कूली बच्चों में कोरोना से बचाव के उपाय एवं लक्षणों की जानकारी वाले पंपलैट वितरित कर लोगों में जागरुकता फैलाई जाएगी और सोमवार से इसके लिए क्षेत्रों में गांव-गांव जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शुक्रवार को कोरोना के संबंध में आशाओं को बैठक कर ट्रैनिंग दी गई। बैठक में सीएमओ डा.प्रताप सिंह ने कोरोना से बचाव के संबंध में बताया कि दूसरे देशों से आने वाले लोगों से संपर्क में आने से बचें और हाथ जोड़े, मिलाएं नहीं। साथ ही बताया कि कहीं भी जाने के बाद हाथों को अच्छी प्रकार से साबुन से जरुर धोएं। इस मौके पर सीएमएस डा. एसके वासवानी, डा.एमसी गुुप्ता, डा.मनीष कुमार, डा.चेतनराज, ओपी माहुर, डा.पवन सूद आदि उपस्थित रहे।
आठवीं तक के सभी बोर्ड के विद्यालय 22 तक बंद
नोवेल कोरोना वायरस के फैलाव के कारण प्रदेश शासन के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राम प्रवेश ने बताया कि कक्षा एक से आठवीं तक के समस्त परिषदीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त, अन्य बोर्ड के सभी विद्यालयों को 14 मार्च से 22 मार्च तक बंद रहेंगे। वहीं सभी परिषदीय विद्यालयों में जो परीक्षा 16 से 23 मार्च के मध्य संपन्न कराई जानी थीं, उसे 23 मार्च से 28 मार्च की अवधि में संपन्न कराया जाएगा। उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया कि कोरोना वायरस से बचाव संबंधी पोस्टर प्रत्येक विद्यालय में दो प्रमुख स्थानों पर जागरुकता की दृष्टि से चस्पा कराया जाना भी सुनिश्चित किया जाए।
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देश में आए दिन विभिन्न राज्यों व शहरों में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या बढ़ने के चलते लोगों में डर का माहौल बनता जा रहा है और लोगों में कोरोना वायरस को लेकर भ्रांतियां उत्पन्न हो रही हैं। जरा सी खांसी, जुकाम या बीमार होने पर लोगों में कोरोना वायरस जैसे लक्षण की आशंका सताने लगती है और यह चिकित्सकों के पास भी पहुंच रहे हैं कि उन्हें कोरोना वायरस तो नहीं हो गया। ऐसे में चिकित्सकों ने एक बैठक आयोजित कर चिकित्सकों व स्टाफ को कोरोना वायरस के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराई और उसके बचाव व भ्रांतियों को दूर करने की जानकारी दी गई। बताया कि खांसी या जुकाम होना ही मात्र कोरोना वायरस के लक्षण नहीं हैं, जब तक जांच के दौरान उसकी पुष्टि नहीं हो जाती। ऐसे में बचाव जरुर किया जा सकता है। इसके लिए बैठक में एपी डेमियोलॉजिस्ट डा.देशराज दोहरे ने बताया कि जिनमें खांसी, जुकाम या बुखार जैसी स्थिति है और वह यदि दूसरे देश से आने वाले लोगों के संपर्क में रहे हों या फिर ऐसे लोग जो दूसरे लोगों के संपर्क में रहकर दूसरे से मिले हों, तो उनमें कोरोना वायरस जैसे लक्षण होने की संभावना हो सकती है। जहां गांव में या अन्य कालोनियों में जहां दूसरे देश से आने वालों के संपर्क में नहीं रहे हों, उनमें कोरोना वायरस की संभावना नहीं रहती। ऐसे में लोगों को डरने की जरुरत नहीं है, भ्रांतियों से बचें और बचाव करें। वहीं बैठक में कोरोना वायरस से बचाव के बारे में जानकारी दी गई कि अधिक भीड़ भाड़ वाले स्थानों, मेला आदि में जाने से लोगों को बचना चाहिए। एक दूसरे से हाथ मिलाने से बचाव करें और जरुरी हो तो हाथ जोड़कर अभिभादन करें। खांसी, जुकाम होने की स्थिति में मास्क का प्रयोग कर दूसरों से दूरी बनाएं रखें और खुद का बचाव करके ही बीमारी से बचा जा सकता है। साथ ही मास्क को प्रयोग कर कहीं भी नहीं फेंकते हुए निर्धारित कूड़ेदान में फेंके या उसका निस्तारण कर दें। वहीं मुख्यालय से प्राप्त निर्देशों के क्रम में कोरोना के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए आशा, ग्राम प्रधान और शिक्षकों के माध्यम से शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में, स्कूली बच्चों में कोरोना से बचाव के उपाय एवं लक्षणों की जानकारी वाले पंपलैट वितरित कर लोगों में जागरुकता फैलाई जाएगी और सोमवार से इसके लिए क्षेत्रों में गांव-गांव जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शुक्रवार को कोरोना के संबंध में आशाओं को बैठक कर ट्रैनिंग दी गई। बैठक में सीएमओ डा.प्रताप सिंह ने कोरोना से बचाव के संबंध में बताया कि दूसरे देशों से आने वाले लोगों से संपर्क में आने से बचें और हाथ जोड़े, मिलाएं नहीं। साथ ही बताया कि कहीं भी जाने के बाद हाथों को अच्छी प्रकार से साबुन से जरुर धोएं। इस मौके पर सीएमएस डा. एसके वासवानी, डा.एमसी गुुप्ता, डा.मनीष कुमार, डा.चेतनराज, ओपी माहुर, डा.पवन सूद आदि उपस्थित रहे।
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आठवीं तक के सभी बोर्ड के विद्यालय 22 तक बंद
नोवेल कोरोना वायरस के फैलाव के कारण प्रदेश शासन के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राम प्रवेश ने बताया कि कक्षा एक से आठवीं तक के समस्त परिषदीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त, अन्य बोर्ड के सभी विद्यालयों को 14 मार्च से 22 मार्च तक बंद रहेंगे। वहीं सभी परिषदीय विद्यालयों में जो परीक्षा 16 से 23 मार्च के मध्य संपन्न कराई जानी थीं, उसे 23 मार्च से 28 मार्च की अवधि में संपन्न कराया जाएगा। उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया कि कोरोना वायरस से बचाव संबंधी पोस्टर प्रत्येक विद्यालय में दो प्रमुख स्थानों पर जागरुकता की दृष्टि से चस्पा कराया जाना भी सुनिश्चित किया जाए।
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