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ीमा क्लेम के नाम पर विभाग कर रहा किसानों को गुमराह
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ललितपुर। किसानों को लेकर शासन भले ही सुविधाएं देने को लेकर गंभीर हो, लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण किसानों को परेशान होना पड़ रहा है। खरीफ फसल के बीमा क्लेम को लेकर किसान विभाग के चक्कर काट रहे हैं। विभागीय अधिकारी किसानों को गुमराह कर रहे हैं। हकीकत तब सामने आई, जब किसानों ने जिलाधिकारी को बताया कि पैसा नहीं आया है, जबकि विभाग ने पहले घोषणा कर दी थी कि पैसा आ गया है।
केंद्र सरकार ने किसानों को दैवीय आपदाओं से राहत देने के लिए फसल बीमा योजना संचालित की है, जिससे किसान अपनी फसल का बीमा कराकर आपदाओं से होने वाले नुकसान से राहत पा सकें। लेकिन, जिनके कंधों पर योजनाओं का भार है, वह उदासीनता बरत रहे हैं। इससे किसानों को परेशान होना पड़ रहा है। ऐसी ही स्थिति जिला मुख्यालय पर स्थिति उप कृषि निदेशक कार्यालय की है। यहां किसान खरीफ फसल के बीमा क्लेम की जानकारी करने आए किसान से कार्यालयों में बैठे अधिकारी ने फरवरी के मध्य आने का भरोसा दे दिया था। समय बीत गया तो फरवरी के अंत में आने का आश्वासन दे दिया।
इस पर भारतीय किसान संघ के कार्यकर्ताओं ने उप कृषि निदेशक कार्यालय पर अनशन शुरू कर दिया। इस पर जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी मौके पर गए और उन्हें एक सप्ताह में बीमा का पैसा आने का आश्वासन दिया। इस पर अनशन समाप्त कर दिया गया। एक सप्ताह बीतने के बाद कृषि विभाग के अधिकारी ने कहा कि बीमा क्लेम का लगभग 25 करोड़ रुपये जारी हो गया है। किसान बैंकों में पहुंच कर लाइनों में लगकर बीमा क्लेम की जांच कराते रहे, लेकिन बीमा का पैसा न आने की सूचना पाकर मायूस हो जाते हैं। कुछ किसान दोबारा कृषि विभाग के कार्यालय पहुंचे तो उन्हें कुछ दिनों का आश्वासन दे दिया गया। इससे किसान गुमराह और परेशान होते रहे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अफसर किसानों के प्रति कितने गंभीर हैं।
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जिले के किसानों को खरीफ की फसल का बीमा क्लेम 125 करोड़ रुपये दिया जाना है। इसमें से 25 करोड़ रुपये की राशि एक सप्ताह में जारी हो जाएगी।
- अनिल कुमार मिश्र
अपर जिलाधिकारी
तीन माह से दे रहे आश्वासन
खरीफ फसल के बीमा क्लेम के भुगतान में लापरवाही बरतने को लेकर भारतीय किसान संघ ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन में बताया कि केंद्र सरकार किसानों की दशा सुधारने के लिए किसान बीमा योजना संचालित की है, लेकिन किसानों को इसका समय पर लाभ नहीं मिल पा रहा है। वर्ष 2019 में किसानों की खरीफ की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई थी, जिसका सर्वे केंद्र सरकार की टीम द्वारा किया गया था। बीमा क्लेम की राशि शासन द्वारा बीमा कंपनी को भुगतान की जा चुकी है, लेकिन जिले में कार्यरत बीमा कंपनी द्वारा अब तक भुगतान नहीं किया गया है। तीन माह से किसानों को परेशान किया जा रहा है। शीघ्र ही बीमा क्लेम का भुगतान कराया जाए। इस मौके पर बाबूलाल दुबे, जगदीश तिवारी, नवनीत शर्मा, देवीलाल आदि मौजूद रहे।
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बीमा कंपनी ने बताया था कि पैसा भेज दिया है, इस कारण हमें भी किसानों को बताना पड़ा कि पैसा आ गया है। लेकिन, अब तक पैसा नहीं भेजा गया है। सोमवार को बैठक बुलाई गई है। इसके बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
- एस के सविता, उप कृषि निदेशक
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केंद्र सरकार ने किसानों को दैवीय आपदाओं से राहत देने के लिए फसल बीमा योजना संचालित की है, जिससे किसान अपनी फसल का बीमा कराकर आपदाओं से होने वाले नुकसान से राहत पा सकें। लेकिन, जिनके कंधों पर योजनाओं का भार है, वह उदासीनता बरत रहे हैं। इससे किसानों को परेशान होना पड़ रहा है। ऐसी ही स्थिति जिला मुख्यालय पर स्थिति उप कृषि निदेशक कार्यालय की है। यहां किसान खरीफ फसल के बीमा क्लेम की जानकारी करने आए किसान से कार्यालयों में बैठे अधिकारी ने फरवरी के मध्य आने का भरोसा दे दिया था। समय बीत गया तो फरवरी के अंत में आने का आश्वासन दे दिया।
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इस पर भारतीय किसान संघ के कार्यकर्ताओं ने उप कृषि निदेशक कार्यालय पर अनशन शुरू कर दिया। इस पर जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी मौके पर गए और उन्हें एक सप्ताह में बीमा का पैसा आने का आश्वासन दिया। इस पर अनशन समाप्त कर दिया गया। एक सप्ताह बीतने के बाद कृषि विभाग के अधिकारी ने कहा कि बीमा क्लेम का लगभग 25 करोड़ रुपये जारी हो गया है। किसान बैंकों में पहुंच कर लाइनों में लगकर बीमा क्लेम की जांच कराते रहे, लेकिन बीमा का पैसा न आने की सूचना पाकर मायूस हो जाते हैं। कुछ किसान दोबारा कृषि विभाग के कार्यालय पहुंचे तो उन्हें कुछ दिनों का आश्वासन दे दिया गया। इससे किसान गुमराह और परेशान होते रहे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अफसर किसानों के प्रति कितने गंभीर हैं।
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जिले के किसानों को खरीफ की फसल का बीमा क्लेम 125 करोड़ रुपये दिया जाना है। इसमें से 25 करोड़ रुपये की राशि एक सप्ताह में जारी हो जाएगी।
- अनिल कुमार मिश्र
अपर जिलाधिकारी
तीन माह से दे रहे आश्वासन
खरीफ फसल के बीमा क्लेम के भुगतान में लापरवाही बरतने को लेकर भारतीय किसान संघ ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन में बताया कि केंद्र सरकार किसानों की दशा सुधारने के लिए किसान बीमा योजना संचालित की है, लेकिन किसानों को इसका समय पर लाभ नहीं मिल पा रहा है। वर्ष 2019 में किसानों की खरीफ की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई थी, जिसका सर्वे केंद्र सरकार की टीम द्वारा किया गया था। बीमा क्लेम की राशि शासन द्वारा बीमा कंपनी को भुगतान की जा चुकी है, लेकिन जिले में कार्यरत बीमा कंपनी द्वारा अब तक भुगतान नहीं किया गया है। तीन माह से किसानों को परेशान किया जा रहा है। शीघ्र ही बीमा क्लेम का भुगतान कराया जाए। इस मौके पर बाबूलाल दुबे, जगदीश तिवारी, नवनीत शर्मा, देवीलाल आदि मौजूद रहे।
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बीमा कंपनी ने बताया था कि पैसा भेज दिया है, इस कारण हमें भी किसानों को बताना पड़ा कि पैसा आ गया है। लेकिन, अब तक पैसा नहीं भेजा गया है। सोमवार को बैठक बुलाई गई है। इसके बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
- एस के सविता, उप कृषि निदेशक
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