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बिजली की खातिर कर रहे रतजगा

Tue, 12 Sep 2017 12:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 12 Sep 2017 12:53 AM IST
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bijli problem
bulb, lalitpur news - फोटो : demo
बिजली ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। रात रात भर बिजली न आने के कारण लोग रतजगा करने को मजबूर हैं। कई शिकायतों के बाद भी बिजली विभाग पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है। लोेगों के काम धंधे भी इससे प्रभावित हो चुके हैं। लोगों ने चेतावनी दी है कि जल्द ही बिजली संबंधी समस्या का हल नहीं निकला तो लोग बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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नगर में इस समय बिजली समस्या बड़ी समस्या बनकर उभर रही है। रात में हो रही बिजली कटौती के चलते मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। अघोषित विद्युत कटौती से आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो रहा है। जिससे क्षेत्रवासियों में आक्रोश बढ़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से रात की बिजली कटौती बंद कराने की मांग करते हुये आंदोलन की चेतावनी दी है। नगर समेत सैदपुर, क्योलारी, सिलावन व सुनवाहा के उपभोक्ताओं को करीब एक सप्ताह से शुरू हुई रात की बिजली कटौती की समस्या से जूझना पड़ रहा है। रात में जैसे ही लोग सोने की तैयारी करते हैं तो बिजली गुल हो जाती है। 2 से 3 घंटे की इस बिजली कटौती का कोई समय भी निश्चित नहीं है। कभी रात 10 तो कभी 11 बजे यह कटौती शुरू हो जाती है। वहीं, कभी - कभी मध्यरात्रि में भी मनमान ढ्रंग से कटौती कर दी जाती है। इस समय उमस भरी गर्मी पड़ रही है, जिससे लोग बेहाल हैं।
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वहीं मच्छरों का प्रकोप भी जारी है। लोग बीमार हो रहे हैं। ऐसे में जब रात को बिजली कटौती होती है तो लोगों की दिक्कतों में इजाफा हो जाता है। रात के सन्नाटे को चीरते हुये बच्चों के बिलखने की आवाजें गूंजती रहती हैं।लोग रतजगे करने को विवश हैं जिससे उनकी दिनचर्या अस्त व्यस्त हो रही है। साथ ही वह अवसाद के शिकार हो रहे हैं। रात के साथ साथ दिन में भी अंधाधुंध बिजली कटौती जारी है जिससे लोगों के कामकाज व व्यापार पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि नयी सरकार से उनको काफी उम्मीदें थीं, लेकिन मुख्यमंत्री के चौबीस घंटे बिजली देने के वादे हवा हवाई साबित हो रहे हैं। जनता को पर्याप्त बिजली आपूर्ति देने के मामले में सरकार विफल नजर आ रही है, जिससे लोग निराश हैं। स्थानीय लोगों  कहना है कि अगर शीघ्र ही रात की बिजली कटौती नहीं रोकी गयी तो वह आंदोलन के लिये बाध्य होंगे ।
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विद्युत उपखंड महरौनी से रात की बिजली कटौती नहीं की जा रही है बल्कि यह कटौती पनकी कंट्रोल रूम से हो रही है। वहीं से इमरजेंसी रोस्टिंग का मैसेज आता है। यही हाल अन्य जगहों का भी है। प्रदेश में बिजली संकट के चलते यह इमरजेंसी रोस्टिंग हो रही है। स्थानीय स्तर से यह कटौती बंद कर पाना संभव नहीं है।
सौरभ पटैरिया
एसडीओ - महरौनी
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