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हजारों क्विंटल गेहूं रोज जा रहा मध्य प्रदेश

Sun, 14 May 2017 12:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 14 May 2017 12:11 AM IST
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Being thousands of quintals of wheat day Madhya Pradesh
mandi, lalitpur news - फोटो : demo
तालबेहट (ललितपुर)।
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प्रशासनिक अधिकारियों की लचरता के चलते इस समय क्षेत्र से प्रतिदिन हजारों क्विंटल गेहूं मध्य प्रदेश बिकने जा रहा है। सरकार को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व की हानि हो रही है। क्षेत्रीय दुकानदार मायूस हैं।       
सरकार द्वारा किसानों का उनकी उपज का वाजिब दाम मुहैया कराने के लिए गेहूं क्रय केंद्र खोले गए है। इसके अलावा उनकी सुविधा के लिए गांव-गांव कृषि मंडी बनवाई गई है। क्रय केंद्रों पर फसल का भुगतान देर से होने और साहूकारों को प्रतिमाह व्याज के रूप में मोटी रकम अदा करने के चलते किसान अपनी फसल कम कीमत पर बेंच रहा है। इसके चलते नगर में और समीपवर्ती मध्य प्रदेश में गेहूं के दामों में काफी अंतर होने के कारण किसान अपना गेहूं मध्य प्रदेश के चकरपुर ले जा रहा है।       
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गेहूं के थोक खरीददारों ने बताया कि उत्तर प्रदेश में चार फीसदी टैक्स और 2.5 फीसदी मंडी टैक्स है। जबकि मध्य प्रदेश में सैल टैक्स नहीं है,  इसके अलावा वहां मात्र 2.2 फीसदी मंडी शुल्क है। ऐसी स्थिति में यहां एक बोरे पर किसानों को लगभग 4.3 फीसदी टैक्स देना पड़ता है। इसके चलते किसान अधिक मुनाफा के चक्कर में अपना गेहूं मध्य प्रदेश बेच रहा है। इससे किसानों को अधिक कीमत मिल जाती है।
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इस कार्य को अंजाम देने वालों लोग काफी शातिर दिमाग है। वह गांव के आसपास के लोगों की जोत बही लेकर जाते है। पकड़े जाने पर किसानों की जोत वही दिखा देते है। जबकि किसान को इस बात का पता ही नहीं होता है कि उसकी किसान वही का उपयोग किया जा रहा है। इसके अलावा पहले इस कारोबार को पिकअप से किया जाता था जो जगह-जगह चेक की जाती थी। परन्तु इस बार लोगों द्वारा पिकप के स्थान पर ट्रैक्टरों से कारोबार को अंजाम दिया जा रहा है।
गौरतलब बात यह है कि इसकी जानकारी सैल टैक्स, मंडी परिषद, पुलिस और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को है, परन्तु कुछ अपने स्वार्थ के चलते और कुछ एक दूसरे की जिम्मेदारी बता कर अपना पल्ला झाड़ रहे है। ऐसी स्थिति में नुकसान सरकार का हो रहा है।       

बॉक्स में      

पूराविरधा मार्ग है गढ़      
तालबेहट (ललितपुर)। सबसे अधिक गेहूं पूराविरधा मार्ग से होकर जा रहा है। यह मार्ग टैक्स चोरों के लिए काफी मुफीद है। इस मार्ग पर एम मात्र नत्थीखेड़ा पुलिस चौकी के अलावा और कोई रोक टोक नहीं है, न ही कोई टोल टैक्स है। इस मार्ग से पूरे समय पिकप और छोटा हाथी गेहूं भरकर निकलते रहते है। जानकारी के बाद पुलिस, मंडी और सेल्स टैक्स विभाग पूरी तरह से अनजान बने हुए हैं।
       
बॉक्स में       
किसी ने आज तक नहीं दी जानकारी: सीओ
तालबेहट (ललितपुर)। इस संबंध में जब पुलिस क्षेत्राधिकारी कुंवर बहादुर सिंह से जानकारी ली तो उनका कहना था कि आज तक इस संबंध में किसी ने उन्हें कोई जानकारी नहीं दी। इस कार्य के लिए मंडी विभाग तथा बिक्री कर विभाग को ध्यान देना चाहिए। फिर भी वह अपने स्तर  से कार्रवाई अवश्य करेंगे।


स्विच ऑफ मिला मोबाइल
तालबेहट (ललितपुर)। इस संबंध में मंडी सचिव अनिल यादव से बात करने के लिए उनके मोबाइल फोन 9410053615 पर कई बार बात करने का प्रयास किया गया। परंतु उनका फोन स्विच ऑफ मिला।
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