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देश की अदालत में अपराधी होना महापाप : मुनि सुधा सागर
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धर्मसभा को संबोधित करते मुनि सुधासागर महाराज
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। क्षेत्रपाल मंदिर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव सुधा सागर महाराज ने कहा कि जीवन में कोई ऐसा कार्य नहीं करना जिससे देश की अदालत में अपराधी बन जेल की सजा भोगना पडे़। ऐसा अपराधी होना और उसे बचाना दोनों ही महापाप है। उन्होंने कहा हमें ऐसा कार्य नहीं करना जिससे मां बाप को शर्मिंदगी महसूस हो वरन ऐसा कार्य करना जिससे हमारे मां बाप का मस्तिष्क गर्व से ऊंचा रहे। जिंदगी जब हमें मिली है तो उसको बर्बाद करने की अपेक्षा संवारनी होगी। उसी में कल्याण है।
रविवार प्रात:काल मूलनायक वेदी पर अभिषेक के उपरांत शांतिधारा मुनि सुधासागर महाराज के मुखार बिंद से हुई। इसके उपरांत आचार्य श्री के चित्र का अनावरण श्रावक श्रेष्ठी परिवार द्वारा किया गया। मुनि संघ की आहारचर्या के लिए श्रावक अपने घरों में चौका लगाकर पड़गाहन के लिए क्षेत्रपाल मंदिर पहुंचे। जहां भक्तिपूर्वक पड़गाहन की क्रियाएं हुईं। मुनि सुधा सागर महाराज को रविवार को आहारदान शीलचंद जिनेंद्र जैन, नगर गौरव पूज्य सागर महाराज को अंकित जैन परिवार, ऐलक धैर्य सागर महाराज को सुरेश जैन, आकाश जैन एवं क्षुल्लक गंभीर सागर महाराज को मनीष जैन परिवार को पड़गाहन का सौभाग्य मिला। सायंकाल जिज्ञासा समाधान में मुनि सुधासागर महाराज श्रावकों की जिज्ञासा का समाधान कर रहे हैं। मुनि संघ की व्यवस्थाओं में संजीव जैन,विजय जैैन, सुधीर जैन,जिनेंद्र जैन, यशवंत जैन, सिवर्थ जैन, नितिन जैन, अर्पित जैन बंटी, आयुष जैन, अर्पित जैन अंशुल, विमल पारौल, अंतिम जैन, अनुराग सिंघई, अभिनंदन, जितेंद्र जैन राजू, शुवेंदु जैन के अतिरिक्त मीना इमलया, अनीता मोदी, नीलम सराफ, सरोज सिमरा, सपना समैया, अनुपमा, मीना, मधु, सुनीता टडैया आदि का सक्रिय योगदान रहा।
श्रावक संस्कार शिविर में होगा संयम साधना का संगम
ललितपुर। निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव सुधासागर महाराज के सानिध्य में जनपद के जैन समाज को पर्यूषण पर्व पर धर्म साधना करने का सुयोग्य अवसर मिलने पर श्रावक जहां उत्साहित हैं। वहीं दस दिनी श्रावक संस्कार शिविर में सम्मलित होने के लिए दूरांचलों से श्रावक पहुंचेंगे। शिविर में मुनिश्री के सानिध्य में जहां धार्मिक पूजन, विधान एवं संस्कारों का बोध कराया जाएगा। वहीं श्रावक संयम साधना के साथ संस्कारित दिनचर्या के माध्यम से खुद को धार्मिकता से जोड़ने के लिए प्रयास करेंगे।
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श्रावक संस्कार शिविर में श्रावक प्रात: मंगलध्वनि शंकार के साथ जागरण के उपरांत सामूहिक प्रार्थना के बाद दैनिक क्रियाओं से निवृत्त होकर ध्यान स्थल पर पहुंचकर ध्यान करेंगे। प्रभु अभिषेक, सामूहिक पूजन के उपरांत तत्वार्थ सूत्र का वाचन एवं अर्घ्य समर्पण की क्रियाएं होंगी। दशलक्षण धर्म पर मुनि सुधासागर महाराज के प्रेरणादायी प्रवचनों के उपरांत श्रावकों के निवास पर शिविरार्थियों की आहार चर्या के बाद श्रावकों का सामूहिक सामायिक, अध्ययन, पठन पाठन, मध्याह्न में छहढाला की सामूहिक कक्षा मुनिश्री पूज्य सागर महाराज द्वारा दी जाएगी। सायंकाल सामूहिक प्रतिक्रमण ऐलक धैर्यसागर महाराज द्वारा एवं जिज्ञासा समाधान मुनिश्री द्वारा किया जाएगा। इसके बाद शिविरार्थी आवास पर पहुंचेंगे जहां उपचार वैयावृत्ति अध्ययन के उपरांत पूर्ण विश्राम किया जाएगा। शिविरार्थियों की आवास व्यवस्था स्याद्वाद बाल संस्कार केंद्र, वर्णी जैन कान्वेंट स्कूल, दीपचंद चौधरी महाविद्यालय में की गई है। जहां व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
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रविवार प्रात:काल मूलनायक वेदी पर अभिषेक के उपरांत शांतिधारा मुनि सुधासागर महाराज के मुखार बिंद से हुई। इसके उपरांत आचार्य श्री के चित्र का अनावरण श्रावक श्रेष्ठी परिवार द्वारा किया गया। मुनि संघ की आहारचर्या के लिए श्रावक अपने घरों में चौका लगाकर पड़गाहन के लिए क्षेत्रपाल मंदिर पहुंचे। जहां भक्तिपूर्वक पड़गाहन की क्रियाएं हुईं। मुनि सुधा सागर महाराज को रविवार को आहारदान शीलचंद जिनेंद्र जैन, नगर गौरव पूज्य सागर महाराज को अंकित जैन परिवार, ऐलक धैर्य सागर महाराज को सुरेश जैन, आकाश जैन एवं क्षुल्लक गंभीर सागर महाराज को मनीष जैन परिवार को पड़गाहन का सौभाग्य मिला। सायंकाल जिज्ञासा समाधान में मुनि सुधासागर महाराज श्रावकों की जिज्ञासा का समाधान कर रहे हैं। मुनि संघ की व्यवस्थाओं में संजीव जैन,विजय जैैन, सुधीर जैन,जिनेंद्र जैन, यशवंत जैन, सिवर्थ जैन, नितिन जैन, अर्पित जैन बंटी, आयुष जैन, अर्पित जैन अंशुल, विमल पारौल, अंतिम जैन, अनुराग सिंघई, अभिनंदन, जितेंद्र जैन राजू, शुवेंदु जैन के अतिरिक्त मीना इमलया, अनीता मोदी, नीलम सराफ, सरोज सिमरा, सपना समैया, अनुपमा, मीना, मधु, सुनीता टडैया आदि का सक्रिय योगदान रहा।
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श्रावक संस्कार शिविर में होगा संयम साधना का संगम
ललितपुर। निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव सुधासागर महाराज के सानिध्य में जनपद के जैन समाज को पर्यूषण पर्व पर धर्म साधना करने का सुयोग्य अवसर मिलने पर श्रावक जहां उत्साहित हैं। वहीं दस दिनी श्रावक संस्कार शिविर में सम्मलित होने के लिए दूरांचलों से श्रावक पहुंचेंगे। शिविर में मुनिश्री के सानिध्य में जहां धार्मिक पूजन, विधान एवं संस्कारों का बोध कराया जाएगा। वहीं श्रावक संयम साधना के साथ संस्कारित दिनचर्या के माध्यम से खुद को धार्मिकता से जोड़ने के लिए प्रयास करेंगे।
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श्रावक संस्कार शिविर में श्रावक प्रात: मंगलध्वनि शंकार के साथ जागरण के उपरांत सामूहिक प्रार्थना के बाद दैनिक क्रियाओं से निवृत्त होकर ध्यान स्थल पर पहुंचकर ध्यान करेंगे। प्रभु अभिषेक, सामूहिक पूजन के उपरांत तत्वार्थ सूत्र का वाचन एवं अर्घ्य समर्पण की क्रियाएं होंगी। दशलक्षण धर्म पर मुनि सुधासागर महाराज के प्रेरणादायी प्रवचनों के उपरांत श्रावकों के निवास पर शिविरार्थियों की आहार चर्या के बाद श्रावकों का सामूहिक सामायिक, अध्ययन, पठन पाठन, मध्याह्न में छहढाला की सामूहिक कक्षा मुनिश्री पूज्य सागर महाराज द्वारा दी जाएगी। सायंकाल सामूहिक प्रतिक्रमण ऐलक धैर्यसागर महाराज द्वारा एवं जिज्ञासा समाधान मुनिश्री द्वारा किया जाएगा। इसके बाद शिविरार्थी आवास पर पहुंचेंगे जहां उपचार वैयावृत्ति अध्ययन के उपरांत पूर्ण विश्राम किया जाएगा। शिविरार्थियों की आवास व्यवस्था स्याद्वाद बाल संस्कार केंद्र, वर्णी जैन कान्वेंट स्कूल, दीपचंद चौधरी महाविद्यालय में की गई है। जहां व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।