फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   beema claim hope, farmer, commisner intruction

किसानों को जागी वर्ष 2019 बीमा क्लेम मिलने की उम्मीद

Mon, 06 Sep 2021 01:26 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 06 Sep 2021 01:26 AM IST
विज्ञापन
beema claim hope, farmer, commisner intruction
ललितपुर। जनपद में वर्ष 2019 में अतिवृष्टि से नष्ट हुई खरीफ फसल का बीमा न मिलने की उम्मीद खो चुके 7551 किसानों में अब क्लेम मिलने की आस जाग गई है। बैंक की गलती से किसानों का डाटा पोर्टल पर अपलोड न होने से क्लेम नहीं मिल पा रहा था। अब मंडलायुक्त ने बैंकों पर आरसी काटने के निर्देश दिए तो बैंक के शाखा प्रबंधकों व जिम्मेदार विभागों में हड़कंप मच गया है।
विज्ञापन

वर्ष 2019 में खरीफ की फसल पक कर तैयार हो गई थी। कटाई के समय पर ही लगातार दस दिन तक भारी बारिश होने से नष्ट हो गई थी। तब किसानों व किसान संगठनों ने नष्ट फसल की सर्वे की मांग की थी, कई गांव के किसानों ने प्रदर्शन किया था। किसान फसल के नष्ट होने से पूरी तरह से बर्बाद हो गया था। किसानों की मांग पर केंद्र व राज्य सरकार की टीमों द्वारा संयुक्त रूप से नष्ट फसल की जांच की गई थी। जांच में 70 प्रतिशत से अधिक नुकसान पाया गया था। तब लगभग एक लाख 51 हजार से अधिक किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत फसल का बीमा कराया था।
विज्ञापन

इस दौरान 7551 किसानों की प्रीमियम राशि बैंकों ने काट ली, लेकिन किसानों का डाटा पोर्टल पर तय तिथि में अपलोड नहीं किया। इससे किसान क्लेम पाने से वंचित रह गए थे। किसानों ने बैंकों, कृषि विभाग व बीमा कंपनी के कार्यालयों में चक्कर काटे, पर कहीं क्लेम नहीं मिल सका।
विज्ञापन
विज्ञापन

मंडलायुक्त के निर्देश पर बीमा क्लेम पाने की उम्मीद खो चुके किसानों को अब पाने की आस जाग गई है। मंडलायुक्त अजय शंकर पांडेय ने बीमा क्लेम से वंचित करने वाली बैैंकों पर आरसी काटने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बैंकों की आरसी काटकर किसानों को बीमा क्लेम दिलाया जाए। निर्देश के बाद बैंकों व संबंधित विभागीय कर्मियों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं किसानों को क्लेम मिलने का रास्ता नजर आ रहा है। किसानों का कहना कि बीमा क्लेम मिल गया तो कर्ज से राहत मिल जाएगी। आर्थिक रूप से भी मजबूत हो जाएंगे।
---
वर्ष 2019 में कर्ज लेकर खरीफ की फसल बोई थी। पक कर तैयार हुई और कटाई से पहले ही बारिश होने से नष्ट हो गई है। इससे अब तक कर्ज नहीं चुका पाया है। रामकिशोर
----
खरीफ फसल के बीमा क्लेम पाने के लिए कई बार बैंक व बीमा कंपनी और उप कृषि निदेशक कार्यालय गया, जहां पर क्लेम के नाम पर आश्वासन ही दिया गया। कैलाश रजक
----
बीमा क्लेम की उम्मीद तक खो चुके थे। अब मंडलायुक्त के निर्देश से उम्मीद जगी है। नष्ट फसल का क्लेम मिलने से आर्थिक समस्याएं खत्म हो जाएंगी। अधार सिंह बरेजा

----
कर्ज लेकर फसल की बुवाई व कीटनाशक दवा का छिड़काव किया। बारिश होने से फसल नष्ट हो गई थी। बीमा को लेकर परेशान थे। अब उम्मीद है कि जल्द बीमा मिलेगा। अखिलेश यादव
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed