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वन विभाग की टीम के हाथ नहीं लगा भालू
lalitpur
Updated Thu, 25 Aug 2016 01:58 AM IST
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श्ािकार
- फोटो : amar ujala
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ललितपुर। शहर से करीब 10 किमी की दूरी पर स्थित ग्राम घटवार में भालू के अचानक आने से दहशत का माहौल बना रहा। वन विभाग की टीम ने उसे पकड़ने की कोशिश की। लेकिन, हाथ नहीं लगने पर जंगल में वापस पहुंचाने की योजना पर काम किया। देर रात्रि तक झाड़ियों में छिपा रहा। इसके कारण ग्रामीणों को खौफ के साये में रात गुजारनी पड़ी।
पेड़ों के अवैध कटान से जंगल सूने-सूने से नजर आने लगे हैं। इससे जंगली जानवर अब बस्तियों की ओर रुख करने लगे हैं। बीते महीनों में कई जानवरों ने गांवों में दस्तक दी है। बुधवार को सुबह करीब सात बजे विभागीय अफसरों को सूचना लगी कि ग्राम घटवार में भालू आ गया है। इस पर वन विभाग की टीम उसे पकड़ने के लिए मौके पर पहुंच गई। जब तक टीम गांव पहुंचती तब तक तो भालू ने ग्रामीणों को काफी खौफजदां कर दिया था। हुआं यूं कि भालू एक खेत से दूसरे खेत में भाग रहा था, उसी दौरान एक खेत में एक बच्ची खड़ी थी, तब लोगों को लगा कि भालू उस पर हमला करने वाला है, जिसे देख मौके पर खड़े लोगों ने हल्ला मचाना शुरू कर दिया, जिससे भालू और तेज भागने लगा। वन विभाग की टीम ने मौका पाकर भालू पर जाल डाल दिया। लेकिन, भालू ने एक झटके में जाल को काट दिया। जिसके बाद भालू वन विभाग की टीम के हाथ नहीं लगा। शाम होते-होते वन अफसरों ने पकड़ने की जगह उसे सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर निकालने की योजना बनाई। देर शाम तक भालू झाड़ियों में छिपा रहा। वन विभाग की टीम उसके निकलने का इंतजार कर रही थी। लेकिन, समाचार लिखे जाने तक वह झाड़ियों से निकला नहीं था। मौके पर मुख्य वन संरक्षक झांसी देवेंद्र कुमार, डीएफओ वीके जैन, एसडीओ आरके त्रिपाठी, वन रेंजर गणेश प्रसाद शुक्ला, जयनारायण, लेखराम आदि थे। उधर, डीएफओ वीके जैन ने बताया कि भालू की उम्र करीब छह साल होगी और वह देवगढ़ के जंगल से होकर गांव में घुस आया है। ग्रामीणों को चेतावनी दे दी गई है कि कोई भी व्यक्ति खेत व सुनसान इलाके में न जाएं। उसके निकलने का इंतजार किया जा रहा है। उसे सुरक्षित रास्ता दे दिया गया है।
कई गांवों में आ चुके जानवर
बीते महीनों में गौना वन रेंज के एक गांव में तेंदुआ आ गया था। जिसे ग्रामीणों ने मार दिया था। वहीं, मड़ावरा वन रेंज के सटे गांव में तेदुआ आने की सूचना से हड़कंप मच गया था। उस दौरान भी वन विभाग की टीम जंगली जानवर को पकड़ नहीं पाई थी। बाद में उसे अफसरों ने सियार करार दे दिया था।
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पेड़ों के अवैध कटान से जंगल सूने-सूने से नजर आने लगे हैं। इससे जंगली जानवर अब बस्तियों की ओर रुख करने लगे हैं। बीते महीनों में कई जानवरों ने गांवों में दस्तक दी है। बुधवार को सुबह करीब सात बजे विभागीय अफसरों को सूचना लगी कि ग्राम घटवार में भालू आ गया है। इस पर वन विभाग की टीम उसे पकड़ने के लिए मौके पर पहुंच गई। जब तक टीम गांव पहुंचती तब तक तो भालू ने ग्रामीणों को काफी खौफजदां कर दिया था। हुआं यूं कि भालू एक खेत से दूसरे खेत में भाग रहा था, उसी दौरान एक खेत में एक बच्ची खड़ी थी, तब लोगों को लगा कि भालू उस पर हमला करने वाला है, जिसे देख मौके पर खड़े लोगों ने हल्ला मचाना शुरू कर दिया, जिससे भालू और तेज भागने लगा। वन विभाग की टीम ने मौका पाकर भालू पर जाल डाल दिया। लेकिन, भालू ने एक झटके में जाल को काट दिया। जिसके बाद भालू वन विभाग की टीम के हाथ नहीं लगा। शाम होते-होते वन अफसरों ने पकड़ने की जगह उसे सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर निकालने की योजना बनाई। देर शाम तक भालू झाड़ियों में छिपा रहा। वन विभाग की टीम उसके निकलने का इंतजार कर रही थी। लेकिन, समाचार लिखे जाने तक वह झाड़ियों से निकला नहीं था। मौके पर मुख्य वन संरक्षक झांसी देवेंद्र कुमार, डीएफओ वीके जैन, एसडीओ आरके त्रिपाठी, वन रेंजर गणेश प्रसाद शुक्ला, जयनारायण, लेखराम आदि थे। उधर, डीएफओ वीके जैन ने बताया कि भालू की उम्र करीब छह साल होगी और वह देवगढ़ के जंगल से होकर गांव में घुस आया है। ग्रामीणों को चेतावनी दे दी गई है कि कोई भी व्यक्ति खेत व सुनसान इलाके में न जाएं। उसके निकलने का इंतजार किया जा रहा है। उसे सुरक्षित रास्ता दे दिया गया है।
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कई गांवों में आ चुके जानवर
बीते महीनों में गौना वन रेंज के एक गांव में तेंदुआ आ गया था। जिसे ग्रामीणों ने मार दिया था। वहीं, मड़ावरा वन रेंज के सटे गांव में तेदुआ आने की सूचना से हड़कंप मच गया था। उस दौरान भी वन विभाग की टीम जंगली जानवर को पकड़ नहीं पाई थी। बाद में उसे अफसरों ने सियार करार दे दिया था।
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