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शौच करने गए लोगों पर भालू किया दो हुए घायल
Mon, 18 Feb 2019 01:16 AM IST
देवेंद्र कुमार
lalitpur
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Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Mon, 18 Feb 2019 01:16 AM IST
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थाना नाराहट अंतर्गत ग्राम पारौल में भालूू का कहर जारी है। रविवार को शाम करीब पांच बजे जंगल के किनारे शौच क्रिया करने गए लोगों पर भालू ने हमला बोल दिया। इसमें दोनों ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को एंबुलेंस से इलाज के लिए जिला अस्पताल भिजवाया गया है। बता दें कि दो दिन पहले भालू ने तीन चरवाहों पर हमला किया था। इसमें एक युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि दो अन्य घायल हुए थे।
ग्राम पारौल को ओडीएफ घोषित कर दिया गया था। इसके बाद भी गांव में खुले में शौच पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाई है। तमाम महिला-पुरुष आज भी गांव से लगे गौना रेंज के जंगल में गाय, भैंस चराने जाते हैं तो कई लोग खुले में शौच करने के लिए जंगल के करीब पहुंच जाते हैं। मौजूदा समय में जंगल के खतरनाक जानवर ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गए हैं। जंगली भालू ने तो ग्रामीणों को भयभीत कर दिया है। इसी हफ्ते में भालू जहां एक युवक की जान ले चुका है तो दो ग्रामीणों को बुरी तरह घायल कर चुका है। रविवार को ग्राम पारौल निवासी परशुराम (45) वर्ष पुत्र बालचंद विश्वकर्मा, रामसिंह लोधी निवासी घर में बने शौचालय की जगह रोज की तरह शौच क्रिया के लिए गांव के बाहर गये थे। इसी दौरान घात लगाए बैठा जंगली भालू ने परशुराम पर अचानक हमला कर दिया। भालू ने नुकीले पंजों एवं दांतों से उसे बुरी तरह जख्मी कर दिया। साथी राम सिंह लोधी ने परशुराम को भालू से छुड़ाने का प्रयास किया तो वह उस पर भी टूटा पड़ा। घायलों की चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग सैकड़ों की संख्या एकत्रित होकर मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बड़ी मुश्किल से घायलों को भालू के चंगुल से छुड़ाया। दो दिन पहले ही जंगली भालू ने तीन चरवाहों पर हमला किया था। जिसमें एक की मौंके पर दर्दनाक मौत हो गई थी। इसमें पारौल निवासी सुखदेन परिहार पुत्र वंशीलाल, लोकेंद्र सिंह बरोदिया निवासी बरोदिया गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जिसका उपचार झांसी अस्पताल में चल रहा है। ग्रामीणों द्वारा बताया गया है कि भालू ने इंसान का खून चख लिया है। यदि उसे शीघ्र ही नहीं पकड़वाया गया तो वह और भी लोगों की जान ले लेगा। उधर, वन विभाग द्वारा क्षेत्र में (एनाउंसमेंट) मुनादी करवाई गई है कि कोई व्यकि जंगल में नहीं जाए। अब भालू जंगल से बाहर निकलकर गांव के किनारे पहुंचने वाले लोगों पर हमला कर रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गत दिवस ग्रामीणों ने केन्द्रीय मंत्री उमा भारती से आयोजित चौपाल के दौरान जंगली भालू को पकड़वाने की मांग की थी। इस पर केन्द्रीय मंत्री ने डीएफओ को निर्देशित किया था लेकिन वन विभाग के अफसरों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
आश्वासन देकर निकल लिए वन अफसर
गत दिवस झांसी मंडल के वन संरक्षक अशोक कुमार सिंह व प्रभारी डीएफओ मनोज कुमार शुक्ला ग्राम पारौल में पीड़ित परिवार के घर पहुंचे थे। यहां अधिकारी पीड़ितों को मदद का आश्वासन देकर निकल लिए। लेकिन जंगली भालू के लिए कुछ नहीं किया। नतीजा यह हुआ कि भालू ने एक बार फिर ग्रामीणों पर हमला बोल दिया है।
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गन के अभाव में नहीं पकड़ पा रहे भालू
ग्रामीणों को जंगल में जाने के लिए मना किया गया है। स्थानीय वन कर्मियों के पास भालू पकड़ने के पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। सेल्कूलाइजन गन उपलब्ध होते ही भालू पकड़ने की कार्रवाई की जाएगी।
आरके शाही वन क्षेत्राधिकारी गौना
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ग्राम पारौल को ओडीएफ घोषित कर दिया गया था। इसके बाद भी गांव में खुले में शौच पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाई है। तमाम महिला-पुरुष आज भी गांव से लगे गौना रेंज के जंगल में गाय, भैंस चराने जाते हैं तो कई लोग खुले में शौच करने के लिए जंगल के करीब पहुंच जाते हैं। मौजूदा समय में जंगल के खतरनाक जानवर ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गए हैं। जंगली भालू ने तो ग्रामीणों को भयभीत कर दिया है। इसी हफ्ते में भालू जहां एक युवक की जान ले चुका है तो दो ग्रामीणों को बुरी तरह घायल कर चुका है। रविवार को ग्राम पारौल निवासी परशुराम (45) वर्ष पुत्र बालचंद विश्वकर्मा, रामसिंह लोधी निवासी घर में बने शौचालय की जगह रोज की तरह शौच क्रिया के लिए गांव के बाहर गये थे। इसी दौरान घात लगाए बैठा जंगली भालू ने परशुराम पर अचानक हमला कर दिया। भालू ने नुकीले पंजों एवं दांतों से उसे बुरी तरह जख्मी कर दिया। साथी राम सिंह लोधी ने परशुराम को भालू से छुड़ाने का प्रयास किया तो वह उस पर भी टूटा पड़ा। घायलों की चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग सैकड़ों की संख्या एकत्रित होकर मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बड़ी मुश्किल से घायलों को भालू के चंगुल से छुड़ाया। दो दिन पहले ही जंगली भालू ने तीन चरवाहों पर हमला किया था। जिसमें एक की मौंके पर दर्दनाक मौत हो गई थी। इसमें पारौल निवासी सुखदेन परिहार पुत्र वंशीलाल, लोकेंद्र सिंह बरोदिया निवासी बरोदिया गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जिसका उपचार झांसी अस्पताल में चल रहा है। ग्रामीणों द्वारा बताया गया है कि भालू ने इंसान का खून चख लिया है। यदि उसे शीघ्र ही नहीं पकड़वाया गया तो वह और भी लोगों की जान ले लेगा। उधर, वन विभाग द्वारा क्षेत्र में (एनाउंसमेंट) मुनादी करवाई गई है कि कोई व्यकि जंगल में नहीं जाए। अब भालू जंगल से बाहर निकलकर गांव के किनारे पहुंचने वाले लोगों पर हमला कर रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गत दिवस ग्रामीणों ने केन्द्रीय मंत्री उमा भारती से आयोजित चौपाल के दौरान जंगली भालू को पकड़वाने की मांग की थी। इस पर केन्द्रीय मंत्री ने डीएफओ को निर्देशित किया था लेकिन वन विभाग के अफसरों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
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आश्वासन देकर निकल लिए वन अफसर
गत दिवस झांसी मंडल के वन संरक्षक अशोक कुमार सिंह व प्रभारी डीएफओ मनोज कुमार शुक्ला ग्राम पारौल में पीड़ित परिवार के घर पहुंचे थे। यहां अधिकारी पीड़ितों को मदद का आश्वासन देकर निकल लिए। लेकिन जंगली भालू के लिए कुछ नहीं किया। नतीजा यह हुआ कि भालू ने एक बार फिर ग्रामीणों पर हमला बोल दिया है।
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गन के अभाव में नहीं पकड़ पा रहे भालू
ग्रामीणों को जंगल में जाने के लिए मना किया गया है। स्थानीय वन कर्मियों के पास भालू पकड़ने के पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। सेल्कूलाइजन गन उपलब्ध होते ही भालू पकड़ने की कार्रवाई की जाएगी।
आरके शाही वन क्षेत्राधिकारी गौना