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बांसी के लोगों के साथ धोखा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 21 Apr 2016 01:34 AM IST
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water problem,lalitpur news
- फोटो : demo
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बांसी( ललितपुर)। पानी की समस्या से जूझ रहे बासी वासियों के साथ एक बार फिर धोखा हुआ है। पुलिस व जल संस्थान के अधिकारियों के समक्ष हुई पंचायत में बनी सहमति के बाद भी ग्रामीणों को पानी नहीं मिल पा रहा है। ठेकेदार ने डीजल का पैसा बढ़ाने की मांग को लेकर पानी की आपूर्ति ठप कर दी है।
बांसी में पांच माह से चल रहे पेयजल संकट को देखते हुए जल संस्थान द्वारा सात टैंकर चलाये जा रहे हैं, लेकिन ठेकेदार द्वारा मनमानी की जा रही है। कभी ट्रैक्टर नियमित नहीं आते हैं तो कभी कुछ ने पूरे चक्कर नहीं लगाए जाते हैं। कभी गंदा और कीड़े युक्त पानी वितरित किया जाता है।
जल संस्थान के अधिकारियों से इस बात की लिखित व मौखिक शिकायतें की गईं, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। समस्या से परेशान होकर जन हित संघर्ष समिति बांसी के लोगों ने निर्णय लिया कि वह अपना दुखड़ा मुख्यमंत्री को सुनाएंगे।
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इस पर सोमवार को पुलिस क्षेत्राधिकारी कुंवर बहादुर सिंह, थानाध्यक्ष जखौरा विजय सिंह, अधिशासी अभियंता जल संस्थान इंजी. रघुवेंद्र व अवर अभियंता डीपी राय बांसी आए और टैंकरों के पूरे चक्कर लगवाकर पानी दिलाने का वादा किया। मंगलवार का दिन टैंकर आदि की सफाई में चला गया और बुधवार से फिर से पुराना ढर्रा लागू हो गया।
बुधवार को टैंकर संचालक ने सभी सात टैंकरों से पानी वितरण रोक दिया। उसका कहना है कि काफी दूर से पानी लाना पड़ता है, इसलिए डीजल हेतु रुपए बढ़ाए जाएं। पानी के लिए टैंकर संचालक को महज तीन टैंकर पानी लाने के लिए दो किलोमीटर दूर भेजने पड़ते हैं, जबकि शेष चार ट्रैक्टर पहले से ही पास से पानी ला रहे हैं, उनका स्थान नहीं बदला गया। टैंकर संचालक द्वारा काम बंद करने से पानी नहीं मिलने से गांववासी एक-एक बूंद के पानी के लिए परेशान हैं। व्यक्तिगत टैंकर वाले बीस से तीस रुपए प्रति टंकी पानी बेच रहे हैं। वहीं, गरीब आदमी चार से छह घंटे तक एक घड़ा पानी हैंडपंप से भरने के लिए धूप में खडे़ रहते हैं।
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बांसी में पांच माह से चल रहे पेयजल संकट को देखते हुए जल संस्थान द्वारा सात टैंकर चलाये जा रहे हैं, लेकिन ठेकेदार द्वारा मनमानी की जा रही है। कभी ट्रैक्टर नियमित नहीं आते हैं तो कभी कुछ ने पूरे चक्कर नहीं लगाए जाते हैं। कभी गंदा और कीड़े युक्त पानी वितरित किया जाता है।
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जल संस्थान के अधिकारियों से इस बात की लिखित व मौखिक शिकायतें की गईं, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। समस्या से परेशान होकर जन हित संघर्ष समिति बांसी के लोगों ने निर्णय लिया कि वह अपना दुखड़ा मुख्यमंत्री को सुनाएंगे।
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इस पर सोमवार को पुलिस क्षेत्राधिकारी कुंवर बहादुर सिंह, थानाध्यक्ष जखौरा विजय सिंह, अधिशासी अभियंता जल संस्थान इंजी. रघुवेंद्र व अवर अभियंता डीपी राय बांसी आए और टैंकरों के पूरे चक्कर लगवाकर पानी दिलाने का वादा किया। मंगलवार का दिन टैंकर आदि की सफाई में चला गया और बुधवार से फिर से पुराना ढर्रा लागू हो गया।
बुधवार को टैंकर संचालक ने सभी सात टैंकरों से पानी वितरण रोक दिया। उसका कहना है कि काफी दूर से पानी लाना पड़ता है, इसलिए डीजल हेतु रुपए बढ़ाए जाएं। पानी के लिए टैंकर संचालक को महज तीन टैंकर पानी लाने के लिए दो किलोमीटर दूर भेजने पड़ते हैं, जबकि शेष चार ट्रैक्टर पहले से ही पास से पानी ला रहे हैं, उनका स्थान नहीं बदला गया। टैंकर संचालक द्वारा काम बंद करने से पानी नहीं मिलने से गांववासी एक-एक बूंद के पानी के लिए परेशान हैं। व्यक्तिगत टैंकर वाले बीस से तीस रुपए प्रति टंकी पानी बेच रहे हैं। वहीं, गरीब आदमी चार से छह घंटे तक एक घड़ा पानी हैंडपंप से भरने के लिए धूप में खडे़ रहते हैं।