ललितपुर। विश्व पर्यटन दिवस पर बुंदेलखंड मिरर द्वारा धरोहरों के प्रति जागरूकता पैदा करने हेतु ग्राम में निवास करने वाले उन स्थानीय बच्चों को प्राकृतिक नैसर्गिक सुंदरता के धनी पर्यटन स्थल बंदरगुढ़ा की पर्यटन यात्रा करवाई। यहां का सौंदर्य देखकर बच्चे प्रसन्नचित हो उठे।
पर्यटन मित्र फिरोज इकबाल ने उपस्थित सभी बच्चों एवं लोगों को विरासत शिक्षा संकलन पत्र देते हुए ऐतिहासिक स्थल देवगढ़, रणछोर घाम, चांदपुर जहाजपुर के बारे में विस्तार से बताते हुये कहा कि देवगढ़ जैन एवं वैष्णव सम्प्रदाय की मूर्ति कला का केन्द्र रहा है। बुंदेलखंड में प्राप्त गुप्तकालीन प्रतिमाओं में दशावतार मंदिर ही ऐसा देवालय है, जहां हमें श्रेष्ठ व कलात्मक प्रतिमाओं को देखा जा सकता है। यमुना से नर्मदा तक विंध्यपर्वत शृंखला से घिरा बुंदेलखंड एक प्राचीन क्षेत्र है, जो मध्यभाग में होने के कारण इतिहास का स्वर्णिम पृष्ठ है। मुख्य अतिथि आरएसएस प्रचारक आलेख ने कहा कि प्राचीन विरासत और पर्यटन स्थलों की सैर करके ही हम अच्छे से समझ सकते हैं। विरासतों को देखने से इतिहास, कला की जानकारी होगी। विशिष्ट अतिथि मुकेश जी ने कहा की नैतिक मूल्यों व सामाजिक सरोकारों का निर्वहन कर भी धरोहरों की सेवा कर सकते है। विशिष्ट अतिथि अमित ने कहा कि हमारी विरासत हमारे गौरवशाली अतीत एवं प्राचीन काल में समृद्ध कला व रचनात्मकता की परिचायक है। विशिष्ट अतिथि ज्ञानेन्द्र ने कहा कि हमें संकल्प लेना चाहिये कि हम प्राकृतिक, नैसर्गिक, पुरातात्विक धरोहरों का सम्मान करेंगे। अतिथियों ने स्थानीय बच्चों को उनके ग्राम में ही मौजूद स्थल की सैर करवाने के लिए पर्यटन मित्र फिरोज इकबाल डायमंड को बधाई दी। इस अवसर पर अजय यादव, बिहारी साहू, सचिन मौजूद रहे।