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बाबू ज्ञानचंद अलया के नाम पर बना पार्क बदहाल
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सुपर मार्केट के पीछे बना बाबू ज्ञानचंद अलया पार्क
- फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। बाबू ज्ञानचंद अलया की स्मृति में बना चिंतन पार्क बदहाली का शिकार है। इसके मुख्य गेट के बगल में गंदगी पसरी है। चहारदीवारी पर लोग बोतल व गिलास रखकर शराब पीते हैं। इससे संभ्रांत व्यक्ति पार्क में जाना पसंद नहीं करते हैं। कई बार लोगों ने इस ओर अफसरों का ध्यान खींचा, लेकिन इसके बाद भी शराब के शौकीन यही खड़े होते हैं।
सुपर मार्केट से सटकर चिंतन पार्क बनाया गया है, जिसमें बाबू ज्ञानचंद अलया की मूर्ति स्थापित है। जब पार्क का निर्माण हुआ था, तब आसपास के दुकानदार काफी खुश थे। लेकिन, अब बदली परिस्थितियों में उनमें मायूसी है। वर्तमान में शराब के शौकीन इसके पास खड़े होकर शराब पीते हैं। कई लोग इसकी ओट लेते हैं तो कुछ खुलेआम शराब पीते हैं। इसके बाद खाली गिलास व बोतल पार्क के अंदर फेंक देते हैं। इससे पार्क में आए दिन गंदगी फैली रहती है। इतना ही नहीं, मुख्य गेट के बगल में लोग प्रसाधन करते हैं। इस वजह से पार्क की सुंदरता बिगड़ रही है। नागरिक भी पार्क के अंदर प्रवेश करने से कन्नी काटने लगे हैं।
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पार्कों का सुंदरीकरण आवश्यक है। कम से कम पार्क में बैठने के लिए कुर्सी और बेंच होना ही चाहिए, लेकिन कई पार्कों में इसका अभाव है। नगर पालिका परिषद को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
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- डा तेजस्व श्रीवास्तव
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बाबूजी के नाम से पार्क बना हुआ है। हम लोग पार्क पर ध्यान देते रहते हैं। यदि नगर पालिका के कर्मचारी भी उतना ही ध्यान दें तो पार्क की खूबसूरती में चार चांद लग जाएंगे।
- अक्षय अलया
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शहर की सुंदरता में पार्क चार चांद लगा देते हैं, लेकिन यहां हालात विपरीत हैं। यहां पार्क बना दिए गए, लेकिन उन्हें भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है।
- उत्तम सिंह चौहान, एडवोकेट
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पार्कों को अतिक्रमणमुक्त किया जाए। बाबू ज्ञानचंद अलया की स्मृति में बने पार्क पर नगर पालिका को ध्यान देना चाहिए।
- पीयूष प्रताप बुंदेला जिला संयोजक, विद्यार्थी परिषद
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बाबू ज्ञानचंद अलया पार्क के अंदर गंदगी नहीं फैलने दी जाएगी। यदि शराबियों द्वारा गंदगी फैलाई जा रही है तो उन पर अंकुश लगाया जाएगा।
- निहाल चंद्र
अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका परिषद
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सुपर मार्केट से सटकर चिंतन पार्क बनाया गया है, जिसमें बाबू ज्ञानचंद अलया की मूर्ति स्थापित है। जब पार्क का निर्माण हुआ था, तब आसपास के दुकानदार काफी खुश थे। लेकिन, अब बदली परिस्थितियों में उनमें मायूसी है। वर्तमान में शराब के शौकीन इसके पास खड़े होकर शराब पीते हैं। कई लोग इसकी ओट लेते हैं तो कुछ खुलेआम शराब पीते हैं। इसके बाद खाली गिलास व बोतल पार्क के अंदर फेंक देते हैं। इससे पार्क में आए दिन गंदगी फैली रहती है। इतना ही नहीं, मुख्य गेट के बगल में लोग प्रसाधन करते हैं। इस वजह से पार्क की सुंदरता बिगड़ रही है। नागरिक भी पार्क के अंदर प्रवेश करने से कन्नी काटने लगे हैं।
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पार्कों का सुंदरीकरण आवश्यक है। कम से कम पार्क में बैठने के लिए कुर्सी और बेंच होना ही चाहिए, लेकिन कई पार्कों में इसका अभाव है। नगर पालिका परिषद को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
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- डा तेजस्व श्रीवास्तव
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बाबूजी के नाम से पार्क बना हुआ है। हम लोग पार्क पर ध्यान देते रहते हैं। यदि नगर पालिका के कर्मचारी भी उतना ही ध्यान दें तो पार्क की खूबसूरती में चार चांद लग जाएंगे।
- अक्षय अलया
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शहर की सुंदरता में पार्क चार चांद लगा देते हैं, लेकिन यहां हालात विपरीत हैं। यहां पार्क बना दिए गए, लेकिन उन्हें भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है।
- उत्तम सिंह चौहान, एडवोकेट
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पार्कों को अतिक्रमणमुक्त किया जाए। बाबू ज्ञानचंद अलया की स्मृति में बने पार्क पर नगर पालिका को ध्यान देना चाहिए।
- पीयूष प्रताप बुंदेला जिला संयोजक, विद्यार्थी परिषद
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बाबू ज्ञानचंद अलया पार्क के अंदर गंदगी नहीं फैलने दी जाएगी। यदि शराबियों द्वारा गंदगी फैलाई जा रही है तो उन पर अंकुश लगाया जाएगा।
- निहाल चंद्र
अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका परिषद

चिंतन पार्क की बाउंड्री पर झलक रहे जाम- फोटो : LALITPUR

चिंतन पार्क में पड़े डिस्पोजल- फोटो : LALITPUR