{"_id":"58091d314f1c1b722b703793","slug":"away","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वच्छ वातावरण का सपना अभी दूर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वच्छ वातावरण का सपना अभी दूर
Updated Fri, 21 Oct 2016 01:08 AM IST
विज्ञापन
toun, lalitpiur news
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। नगर पालिका की सुस्ती से शहर में कचरा निस्तारण के लिए सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट नहीं बन पा रहा है। ऐसे में जनता को स्वच्छ वातावरण में सांस लेने का सपना जल्द पूरा होता नहीं दिख रहा है।
भारत सरकार द्वारा नगरीय क्षेत्रों का कायाकल्प करने के लिए चलाई जा रही अटल मिशन फॉर रेजुवेनशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (अमृत मिशन) के प्रथम चरण में नगर की पेयजल व्यवस्था, पार्क व ग्रीन स्पेस, स्वच्छता और ई-गवर्नेंस को प्रमुखता दी गई है। पेयजल व्यवस्था, पार्क निर्माण और ई-गवर्नेंस के तहत विभागीय वेबसाइट बनाने के लिए नगर पालिका द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को शासन ने पहले ही स्वीकृति दे दी है। लेकिन, सबसे जरूरी कार्य कचरा निस्तारण के लिए बनने वाले वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए नगर पालिका ने प्रस्ताव नहीं भेजा है। अधिकारियों की सुस्ती के चलते मामला लटका हुआ है। जबकि अफसर प्लांट की स्थापना के लिए जमीन न होने की बात कह रहे हैं। शासन ने प्लांट निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी नगर पालिका व जिलाधिकारी को सौंपी है। महीनों बीतने के बाद भी अभी तक जिला प्रशासन व नगर पालिका प्लांट के लिए जमीन नहीं तलाश पाया है। प्लांट निर्माण के लिए करीब 30 एकड़ जमीन की आवश्यकता है।
जानकारों के मुताबिक प्लांट की स्थापना के लिए सबसे पहले जल निगम की निर्माण इकाई सीएनडीएस ने काम किया। पूर्व कार्य योजना के अनुसार विभाग ने ग्राम अमरपुर में करीब दस एकड़ भूमि चिह्नित थी। लेकिन नवीन गल्ला मंडी के पास बने हवाई अड्डे की सुरक्षा के लिए रक्षा विभाग से तय मानकों का पेंच फंस गया। इस पर पालिका ने रक्षा विभाग की एनओसी पाने के लिए कई बार पत्राचार किए, लेकिन वहां से जबाब नहीं आया है। कुछ माह पूर्व हवाई अड्डा शुरू होने की सुगबुगाहट के बाद पालिका ने अमरपुर की भूमि के बारे सोचना ही बंद कर दिया है। अब नगर पालिका अमृत योजना के तहत सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की स्थापना कराने के लिए जिला प्रशासन की मदद से 30 एकड़ जमीन तलाश रही है। वहीं पालिका व जिला प्रशासन की कार्य योजना है कि प्लांट ऐसे स्थान पर स्थापित कराया जाए, जहां पूरे जनपद का कचरा आसानी से निस्तारित किया जा सके।
विज्ञापन
कहां डालें कचरा, डंपिंग स्थल फुल
नगर से प्रतिदिन करीब पांच मैट्रिक टन कचरा निकलता है। कचरे को मुहल्ला रामनगर में स्थित टिंचिंग ग्राउंड में डंप किया जाता है। यह डंपिंग स्थल करीब तीन एकड़ क्षेत्र में फैला है, करीब सात-आठ वर्षों से यहां पर कचरा डंप किया जा रहा है। इससे यहां हजारों मीट्रिक टन कचरा जमा हो गया है। अब यहां जगह नहीं बची है। कुछ साल पहले तक कचरे को कंपोस्ट खाद्य के रूप में उपयोग के लिए किसान ले जाया करते थे। लेकिन अब प्लास्टिक अधिक आने पर किसान भी इसे नहीं ले जाते हैं। इस स्थिति में यहां कचरा अधिक हो गया है और जगह कम। कचरे के ढेर इतने ऊंचे हो गए हैं कि वह विद्युत लाइन से छूने ही वाले हैं। करंट के डर से कर्मचारी भी डंपिंग स्थल के अंदर जाने से बचने लगे हैं। यदि विभाग इन ढेरों को समतल करा दे तो कुछ समय के लिए अस्थाई तौर पर आसानी हो सकती है।
तीनों नगर पंचायतों को होगा फायदा
प्लांट बनने पर नगर पालिका क्षेत्र के साथ-साथ तीनों नगर पंचायत क्षेत्रों व समस्त ग्रामीण क्षेत्रों से निकलने वाले कचरे का निस्तारण हो सकेगा। जनपद की कुल जनसंख्या चौदह लाख के करीब पहुंच गई है। इतनी बड़ी आबादी के बीच प्रत्येक दिन में पचास मीट्रिक टन से अधिक कचरा निकलता है, लेकिन इतनी अधिक मात्रा में निकलने वाले कचरे के निस्तारण के लिए जनपद में एक भी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट स्थापित नहीं है।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बनने के लिए अभी जमीन नहीं मिल पाई है। इसी वजह से अभी तक प्रस्ताव नहीं भेजा जा सका है। जिला प्रशासन के सहयोग से जमीन की तलाश की जा रही है, जमीन मिलते ही शासन को प्रस्ताव भेज दिया जाएगा।
- राकेश कुमार, नगर पालिका अधिशासी अधिकारी
विज्ञापन
भारत सरकार द्वारा नगरीय क्षेत्रों का कायाकल्प करने के लिए चलाई जा रही अटल मिशन फॉर रेजुवेनशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (अमृत मिशन) के प्रथम चरण में नगर की पेयजल व्यवस्था, पार्क व ग्रीन स्पेस, स्वच्छता और ई-गवर्नेंस को प्रमुखता दी गई है। पेयजल व्यवस्था, पार्क निर्माण और ई-गवर्नेंस के तहत विभागीय वेबसाइट बनाने के लिए नगर पालिका द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को शासन ने पहले ही स्वीकृति दे दी है। लेकिन, सबसे जरूरी कार्य कचरा निस्तारण के लिए बनने वाले वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए नगर पालिका ने प्रस्ताव नहीं भेजा है। अधिकारियों की सुस्ती के चलते मामला लटका हुआ है। जबकि अफसर प्लांट की स्थापना के लिए जमीन न होने की बात कह रहे हैं। शासन ने प्लांट निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी नगर पालिका व जिलाधिकारी को सौंपी है। महीनों बीतने के बाद भी अभी तक जिला प्रशासन व नगर पालिका प्लांट के लिए जमीन नहीं तलाश पाया है। प्लांट निर्माण के लिए करीब 30 एकड़ जमीन की आवश्यकता है।
विज्ञापन
जानकारों के मुताबिक प्लांट की स्थापना के लिए सबसे पहले जल निगम की निर्माण इकाई सीएनडीएस ने काम किया। पूर्व कार्य योजना के अनुसार विभाग ने ग्राम अमरपुर में करीब दस एकड़ भूमि चिह्नित थी। लेकिन नवीन गल्ला मंडी के पास बने हवाई अड्डे की सुरक्षा के लिए रक्षा विभाग से तय मानकों का पेंच फंस गया। इस पर पालिका ने रक्षा विभाग की एनओसी पाने के लिए कई बार पत्राचार किए, लेकिन वहां से जबाब नहीं आया है। कुछ माह पूर्व हवाई अड्डा शुरू होने की सुगबुगाहट के बाद पालिका ने अमरपुर की भूमि के बारे सोचना ही बंद कर दिया है। अब नगर पालिका अमृत योजना के तहत सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की स्थापना कराने के लिए जिला प्रशासन की मदद से 30 एकड़ जमीन तलाश रही है। वहीं पालिका व जिला प्रशासन की कार्य योजना है कि प्लांट ऐसे स्थान पर स्थापित कराया जाए, जहां पूरे जनपद का कचरा आसानी से निस्तारित किया जा सके।
विज्ञापन
कहां डालें कचरा, डंपिंग स्थल फुल
नगर से प्रतिदिन करीब पांच मैट्रिक टन कचरा निकलता है। कचरे को मुहल्ला रामनगर में स्थित टिंचिंग ग्राउंड में डंप किया जाता है। यह डंपिंग स्थल करीब तीन एकड़ क्षेत्र में फैला है, करीब सात-आठ वर्षों से यहां पर कचरा डंप किया जा रहा है। इससे यहां हजारों मीट्रिक टन कचरा जमा हो गया है। अब यहां जगह नहीं बची है। कुछ साल पहले तक कचरे को कंपोस्ट खाद्य के रूप में उपयोग के लिए किसान ले जाया करते थे। लेकिन अब प्लास्टिक अधिक आने पर किसान भी इसे नहीं ले जाते हैं। इस स्थिति में यहां कचरा अधिक हो गया है और जगह कम। कचरे के ढेर इतने ऊंचे हो गए हैं कि वह विद्युत लाइन से छूने ही वाले हैं। करंट के डर से कर्मचारी भी डंपिंग स्थल के अंदर जाने से बचने लगे हैं। यदि विभाग इन ढेरों को समतल करा दे तो कुछ समय के लिए अस्थाई तौर पर आसानी हो सकती है।
तीनों नगर पंचायतों को होगा फायदा
प्लांट बनने पर नगर पालिका क्षेत्र के साथ-साथ तीनों नगर पंचायत क्षेत्रों व समस्त ग्रामीण क्षेत्रों से निकलने वाले कचरे का निस्तारण हो सकेगा। जनपद की कुल जनसंख्या चौदह लाख के करीब पहुंच गई है। इतनी बड़ी आबादी के बीच प्रत्येक दिन में पचास मीट्रिक टन से अधिक कचरा निकलता है, लेकिन इतनी अधिक मात्रा में निकलने वाले कचरे के निस्तारण के लिए जनपद में एक भी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट स्थापित नहीं है।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बनने के लिए अभी जमीन नहीं मिल पाई है। इसी वजह से अभी तक प्रस्ताव नहीं भेजा जा सका है। जिला प्रशासन के सहयोग से जमीन की तलाश की जा रही है, जमीन मिलते ही शासन को प्रस्ताव भेज दिया जाएगा।
- राकेश कुमार, नगर पालिका अधिशासी अधिकारी