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Lalitpur News: हाथों के सहारे गर्भवती मरीज को ले जाने को मजबूर हुए तीमारदार
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिला महिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं का दंश प्रसूताओं को भुगतना पड़ रहा है। यहां सामान्य मरीजों को ताे दूर प्रसूताओं को स्ट्रेचर तक नसीब नहीं हो रहा है। ऐसा ही नजारा बुधवार को देखने को मिला, जब दर्द से कराह रही एक महिला को तीमारदार हाथों पर लाद कर अस्पताल परिसर में लाए।
प्रसूताओं को उपचार तो दूर, सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। बुधवार दोपहर में एक बजकर 45 मिनट पर एक गर्भवती महिला दर्द से चीख रही थी। परिजन अस्पताल टैक्सी से लाए, जहां चालक सड़क पर ही उतार कर चला गया। तीमारदारों के सामने मरीज को अस्पताल के अंदर लाने तक की दिक्कत आई। परिजनों ने इधर-उधर स्ट्रेचर देखा, लेकिन कहीं नजर नहीं आया। इसके बाद महिला को हाथों के सहारे अंदर ला रहे थे। महिला को असहनीय दर्द होने के चलते तीमारदारों को कई जगह उतारना पड़ा। इसके बाद एक व्यक्ति व दो तीन महिलाएं हाथों पर लादकर अंदर पहुंचीं। उपचार तो दूर महिला का किसी रजिस्टर में पंजीयन तक नहीं किया गया।
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तमाशबीन बने रहे अस्पताल कर्मी
जब दर्द से चिल्ला रही मरीज को तीमारदार हाथों पर लाद कर ला रहे थे, उस समय कई अस्पताल कर्मी इधर-उधर टहल रहे थे। कई कर्मी देखते रहे, लेकिन किसी ने भी महिला को स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं कराया।
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स्ट्रेचर के लिए स्थान बना, लेकिन मौके पर नहीं मौजूद
अस्पताल प्रशासन ने मरीजों को गेट से अंदर व बाहर तक लाने के लिए गेट के बगल में दीवार किनारे स्ट्रेचर व व्हीलचेयर के लिए स्थान निर्धारित किया है। लेकिन, मौके पर न तो स्ट्रेचर और न ही व्हीलचेयर रहती है। ऐसे में मरीजों को परेशान होना पड़ता है।
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अस्पताल में मरीजों को स्ट्रेचर उपलब्ध कराया जाता है। संबंधित कर्मियों से जानकारी की जाएगी।-डॉ. मीनाक्षी सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला महिला चिकित्सालय
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ललितपुर। जिला महिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं का दंश प्रसूताओं को भुगतना पड़ रहा है। यहां सामान्य मरीजों को ताे दूर प्रसूताओं को स्ट्रेचर तक नसीब नहीं हो रहा है। ऐसा ही नजारा बुधवार को देखने को मिला, जब दर्द से कराह रही एक महिला को तीमारदार हाथों पर लाद कर अस्पताल परिसर में लाए।
प्रसूताओं को उपचार तो दूर, सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। बुधवार दोपहर में एक बजकर 45 मिनट पर एक गर्भवती महिला दर्द से चीख रही थी। परिजन अस्पताल टैक्सी से लाए, जहां चालक सड़क पर ही उतार कर चला गया। तीमारदारों के सामने मरीज को अस्पताल के अंदर लाने तक की दिक्कत आई। परिजनों ने इधर-उधर स्ट्रेचर देखा, लेकिन कहीं नजर नहीं आया। इसके बाद महिला को हाथों के सहारे अंदर ला रहे थे। महिला को असहनीय दर्द होने के चलते तीमारदारों को कई जगह उतारना पड़ा। इसके बाद एक व्यक्ति व दो तीन महिलाएं हाथों पर लादकर अंदर पहुंचीं। उपचार तो दूर महिला का किसी रजिस्टर में पंजीयन तक नहीं किया गया।
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तमाशबीन बने रहे अस्पताल कर्मी
जब दर्द से चिल्ला रही मरीज को तीमारदार हाथों पर लाद कर ला रहे थे, उस समय कई अस्पताल कर्मी इधर-उधर टहल रहे थे। कई कर्मी देखते रहे, लेकिन किसी ने भी महिला को स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं कराया।
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स्ट्रेचर के लिए स्थान बना, लेकिन मौके पर नहीं मौजूद
अस्पताल प्रशासन ने मरीजों को गेट से अंदर व बाहर तक लाने के लिए गेट के बगल में दीवार किनारे स्ट्रेचर व व्हीलचेयर के लिए स्थान निर्धारित किया है। लेकिन, मौके पर न तो स्ट्रेचर और न ही व्हीलचेयर रहती है। ऐसे में मरीजों को परेशान होना पड़ता है।
अस्पताल में मरीजों को स्ट्रेचर उपलब्ध कराया जाता है। संबंधित कर्मियों से जानकारी की जाएगी।-डॉ. मीनाक्षी सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला महिला चिकित्सालय