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अतिक्रमण का अड्डा बना टंडन कांपलेक्स
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Sun, 18 Oct 2015 12:58 AM IST
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ललितपुर। नगर पालिका द्वारा नियमों को ताक पर रखकर बनाया गया राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन कांपलेक्स वर्षों बाद दुकानदारों को हैंडओवर नहीं हो सका है। लेकिन, कांपलेक्स के बाहर अतिक्रमणकारियों का कब्जा है। विद्युत विभाग ने अस्थायी दुकानदारों को विद्युत कनेक्शन दे दिए हैं, जिससे विभाग की मंशा जाहिर होती है।
नगर पालिका के पिछले अध्यक्ष के कार्यकाल में राजर्षि पुरुषोत्तमदास टंडन पुस्तकालय को स्थानांतरित कर उसके स्थान पर शापिंग कांपलेक्स बनाया गया। लेकिन, इसमें वाहन रखने के लिए न तो पार्किंग की व्यवस्था की गई थी और न ही अन्य सुविधाएं। दो मंजिला इस कांपलेक्स में 28 दुकानें हैं। कांपलेक्स में खामियों की वजह से वह दुकानदारों को हैंडओवर नहीं हो सका। हैंडओवर नहीं होने से इस कांपलेक्स में तीन दुकानदारों ने ही दुकानें ली थीं, लेकिन दुकानों के सामने अतिक्रमण होने की वजह से अब तक दुकानदारों ने अपनी दुकानों में सामान तक नहीं रखा है। हैरानी की बात तो यह है कि इन तीन दुकानों के आधार पर दुकानों के सामने अतिक्रमण करने वालों ने विद्युत विभाग से कनेक्शन तक ले लिया है। बिना जांच करके दिए गए इन कनेक्शन से दुकानदार फ्रिज, टीवी और जूस की मशीन सहित अन्य उपकरण चलाते चले आ रहे हैं। यहां से विद्युत विभाग के अफसर भी निकलते हैं और नगर पालिका के जिम्मेदार भी, लेकिन कोई इस ओर ध्यान नहीं देता है अथवा जानबूझकर ध्यान देना नहीं चाहता है।
वहीं, कांपलेक्स के बेसमेंट में पानी भर जाने से दुकानदारों ने इसी में कचरा डालना शुरू कर दिया। ऐसे में वर्तमान में यह बेसमेंट दलदल बन गया है। इसमें इतनी गंदगी है कि कीचड़ से सड़ांध उठ रही है। यहां के पानी की जांच की जाए तो डेंगू के लार्वा भी आसानी से मिल जाएंगे। लेकिन, जिम्मेदारों का ध्यान इस ओर नहीं है। उन्होंने न तो पानी निकलवाया और ही साफ-सफाई की। कांपलेक्स के अंदर गंदगी ही गंदगी पसरी है तो बाहर अतिक्रमण पसरा हुआ है।
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हर माह दिया जाता है पैसा
राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन कांपलेक्स के बाहर रोड पर दुकान लगाने वाले एक व्यापारी ने अतिक्रमण हटवाने वालों की ही पोल खोल दी। उसने कहा कि प्रति माह पैसा दिया जाता है, तब जाकर दुकानें लगी है। ऐसे में उनकी दुकान हटाना आसान नहीं है।
किसी की दुकान, किसी का कनेक्शन
कांपलेक्स में दुकान जिसके नाम आवंटित है, उसके स्थान पर फुटपाथी दुकानदार ने कनेक्शन ले रखा है। अन्य दुकानदारों के भी यही हाल हैं। विद्युत विभाग के जिम्मेदारों ने बिना जांच पड़ताल किए कनेक्शन दे दिया है।
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नगर पालिका के पिछले अध्यक्ष के कार्यकाल में राजर्षि पुरुषोत्तमदास टंडन पुस्तकालय को स्थानांतरित कर उसके स्थान पर शापिंग कांपलेक्स बनाया गया। लेकिन, इसमें वाहन रखने के लिए न तो पार्किंग की व्यवस्था की गई थी और न ही अन्य सुविधाएं। दो मंजिला इस कांपलेक्स में 28 दुकानें हैं। कांपलेक्स में खामियों की वजह से वह दुकानदारों को हैंडओवर नहीं हो सका। हैंडओवर नहीं होने से इस कांपलेक्स में तीन दुकानदारों ने ही दुकानें ली थीं, लेकिन दुकानों के सामने अतिक्रमण होने की वजह से अब तक दुकानदारों ने अपनी दुकानों में सामान तक नहीं रखा है। हैरानी की बात तो यह है कि इन तीन दुकानों के आधार पर दुकानों के सामने अतिक्रमण करने वालों ने विद्युत विभाग से कनेक्शन तक ले लिया है। बिना जांच करके दिए गए इन कनेक्शन से दुकानदार फ्रिज, टीवी और जूस की मशीन सहित अन्य उपकरण चलाते चले आ रहे हैं। यहां से विद्युत विभाग के अफसर भी निकलते हैं और नगर पालिका के जिम्मेदार भी, लेकिन कोई इस ओर ध्यान नहीं देता है अथवा जानबूझकर ध्यान देना नहीं चाहता है।
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वहीं, कांपलेक्स के बेसमेंट में पानी भर जाने से दुकानदारों ने इसी में कचरा डालना शुरू कर दिया। ऐसे में वर्तमान में यह बेसमेंट दलदल बन गया है। इसमें इतनी गंदगी है कि कीचड़ से सड़ांध उठ रही है। यहां के पानी की जांच की जाए तो डेंगू के लार्वा भी आसानी से मिल जाएंगे। लेकिन, जिम्मेदारों का ध्यान इस ओर नहीं है। उन्होंने न तो पानी निकलवाया और ही साफ-सफाई की। कांपलेक्स के अंदर गंदगी ही गंदगी पसरी है तो बाहर अतिक्रमण पसरा हुआ है।
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हर माह दिया जाता है पैसा
राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन कांपलेक्स के बाहर रोड पर दुकान लगाने वाले एक व्यापारी ने अतिक्रमण हटवाने वालों की ही पोल खोल दी। उसने कहा कि प्रति माह पैसा दिया जाता है, तब जाकर दुकानें लगी है। ऐसे में उनकी दुकान हटाना आसान नहीं है।
किसी की दुकान, किसी का कनेक्शन
कांपलेक्स में दुकान जिसके नाम आवंटित है, उसके स्थान पर फुटपाथी दुकानदार ने कनेक्शन ले रखा है। अन्य दुकानदारों के भी यही हाल हैं। विद्युत विभाग के जिम्मेदारों ने बिना जांच पड़ताल किए कनेक्शन दे दिया है।