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अंत्योदय कार्ड धारकों के भी बना दिए नए कार्ड
ब्यूरो
Updated Wed, 06 Jan 2016 02:11 AM IST
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ललितपुर। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अनाज वितरण की तिथि भले ही तय कर दी गई हो, परंतु विभिन्न दुकानों से जुड़े अधिकतर उपभोक्ता योजना से अनजान हैं। कोई चयन की जानकारी नहीं होने से परेशान है, तो कई उपभोक्ताओं को नए राशन कार्ड में गड़बड़ियां हैं। अंत्योदय कार्ड धारकों के भी कार्ड बना दिए गए हैं।
इस योजना के दायरे में आने वाले पात्र परिवारों को दो रुपए किलो गेहूं व तीन रुपए किलो चावल देने का प्रावधान है। पिछले महीनों में पात्रता तय करते हुए परिवारों से आवेदन कराए गए थे। शहरी क्षेत्र के परिवारों में कुष्ठ रोग से प्रभावित, एड्स रोग से पीड़ित, अनाथ, परित्यक्त महिलाएं, कचरा ढोने वाले, स्वच्छकार, ऐसे परिवार जिनकी आय का स्रोत भिक्षा वृत्ति, घरेलू कामकाज, जूता- चप्पल की मरम्मत, फेरी लगाने वाले, खोमचे वाले, रिक्शा चालक, ऐसे परिवार जिनकी छत पक्की न हो, परिवार में कोई बालिग पुरुष न हो, गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवार, अनुसूचित जाति, जन जाति, अन्य वर्गों के भूमिहीन मजदूर, कुली, पल्लेदार, आवासहीन परिवार आदि को पात्रता के दायरे में रखा गया है।
इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र के परिवारों की भी पात्रता तय की गई है। पांच जनवरी से योजना शुरू होनी थी, लेकिन अब सात जनवरी से योजना के तहत खाद्यान्न का वितरण होगा। लेकिन, योजना के वितरित राशन कार्डों में तमाम गड़बड़ियां उजागर हो रही हैं। किसी के राशन कार्ड में फोटो या पता गलत है, तो किसी का अंत्योदय कार्ड होने के बाद भी नया राशन कार्ड जारी कर दिया गया है।
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यही नहीं, कोटेदार को विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची में भी गड़बड़ियां हैं। सूची में लोगों को अपना नाम देखने में समस्या आ रही है। कारण, नाम के आगे मुहल्ले का नाम नहीं लिखा गया है। कई कोटेदारों की दुकानों पर पात्रों की सूची भी चस्पा नहीं की गई है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई हैं।
कोटे की दुुकानों से सूची नदारद
सूचना केंद्र के पास स्थित एक दुकान पर पात्रों की सूची चस्पा नहीं की गई है। यह तो बानगी है इस तरह अनेक दुकानों पर सूची नहीं लगाई गई है। पूर्ति निरीक्षक अशोक कुमार ने मुहल्ला गांधीनगर नईबस्ती में बिहारी की दुकान, राजेश की दुकान के अलावा सिविल लाइन स्थित पुरुषोत्तम सोनी की दुकान का निरीक्षण किया।
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इस योजना के दायरे में आने वाले पात्र परिवारों को दो रुपए किलो गेहूं व तीन रुपए किलो चावल देने का प्रावधान है। पिछले महीनों में पात्रता तय करते हुए परिवारों से आवेदन कराए गए थे। शहरी क्षेत्र के परिवारों में कुष्ठ रोग से प्रभावित, एड्स रोग से पीड़ित, अनाथ, परित्यक्त महिलाएं, कचरा ढोने वाले, स्वच्छकार, ऐसे परिवार जिनकी आय का स्रोत भिक्षा वृत्ति, घरेलू कामकाज, जूता- चप्पल की मरम्मत, फेरी लगाने वाले, खोमचे वाले, रिक्शा चालक, ऐसे परिवार जिनकी छत पक्की न हो, परिवार में कोई बालिग पुरुष न हो, गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवार, अनुसूचित जाति, जन जाति, अन्य वर्गों के भूमिहीन मजदूर, कुली, पल्लेदार, आवासहीन परिवार आदि को पात्रता के दायरे में रखा गया है।
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इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र के परिवारों की भी पात्रता तय की गई है। पांच जनवरी से योजना शुरू होनी थी, लेकिन अब सात जनवरी से योजना के तहत खाद्यान्न का वितरण होगा। लेकिन, योजना के वितरित राशन कार्डों में तमाम गड़बड़ियां उजागर हो रही हैं। किसी के राशन कार्ड में फोटो या पता गलत है, तो किसी का अंत्योदय कार्ड होने के बाद भी नया राशन कार्ड जारी कर दिया गया है।
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यही नहीं, कोटेदार को विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची में भी गड़बड़ियां हैं। सूची में लोगों को अपना नाम देखने में समस्या आ रही है। कारण, नाम के आगे मुहल्ले का नाम नहीं लिखा गया है। कई कोटेदारों की दुकानों पर पात्रों की सूची भी चस्पा नहीं की गई है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई हैं।
कोटे की दुुकानों से सूची नदारद
सूचना केंद्र के पास स्थित एक दुकान पर पात्रों की सूची चस्पा नहीं की गई है। यह तो बानगी है इस तरह अनेक दुकानों पर सूची नहीं लगाई गई है। पूर्ति निरीक्षक अशोक कुमार ने मुहल्ला गांधीनगर नईबस्ती में बिहारी की दुकान, राजेश की दुकान के अलावा सिविल लाइन स्थित पुरुषोत्तम सोनी की दुकान का निरीक्षण किया।