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Lalitpur News: सरगना को कोर्ट में पेश न करने पर डीएम व सीएमएस से मांगा जवाब
Sun, 16 Jul 2023 01:09 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
Updated Sun, 16 Jul 2023 01:09 AM IST
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बच्चा चोरी होने का दोष सिद्ध होने के बाद महिला हुई थी बेहोश, इलाज के लिए भेजा गया था जिला अस्पताल
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। न्यायालय ने सरकारी अस्पताल से बच्चा चोरी करने वाली गैंग की सरगना को गैगस्टर एक्ट में दोषी करार दिया गया था। दोष सिद्ध होते ही सरगना बेहोश हो गई थी। उसे शनिवार को सजा सुनाई जानी थी, लेकिन अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के चलते न तो अभियुक्त के चिकित्सकीय रिपोर्ट न्यायालय में भेजी गई, न ही उसे पेश किया गया। इसे न्यायालय की अवमानना मानते हुए, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (आवश्यक वस्तु अधिनियम) लोकेश कुमार ने जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से जवाब मांगा।
शासकीय अधिवक्ता कृष्ण बिहारी ने बताया कि शुक्रवार को सरकारी अस्पताल से नवजात बच्चों का चुराने वाले गिरोह की सरगना महिला व उसके सदस्यों पर लगे दोष सही पाए गए। इस पर शनिवार को सजा सुनाना था। दोष सिद्ध होने के बाद सरगना महिला व सदस्यों को न्यायायिक हिरासत में लिया जाना था, तभी महिला सरगना बेहोश हो गई। कोर्ट ने आरोपी महिला को पुलिस अभिरक्षा में इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा। चिकित्सकों ने शनिवार को सजा की सुनवाई के दौरान न तो महिला को कोर्ट भेजा न ही उसकी स्वास्थ संबंधी कोई सूचना भी कोर्ट में दाखिल की गई है। कोर्ट ने इस मामले में डीएम व सीएमस से जवाब मांगा है।
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ललितपुर। न्यायालय ने सरकारी अस्पताल से बच्चा चोरी करने वाली गैंग की सरगना को गैगस्टर एक्ट में दोषी करार दिया गया था। दोष सिद्ध होते ही सरगना बेहोश हो गई थी। उसे शनिवार को सजा सुनाई जानी थी, लेकिन अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के चलते न तो अभियुक्त के चिकित्सकीय रिपोर्ट न्यायालय में भेजी गई, न ही उसे पेश किया गया। इसे न्यायालय की अवमानना मानते हुए, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (आवश्यक वस्तु अधिनियम) लोकेश कुमार ने जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से जवाब मांगा।
शासकीय अधिवक्ता कृष्ण बिहारी ने बताया कि शुक्रवार को सरकारी अस्पताल से नवजात बच्चों का चुराने वाले गिरोह की सरगना महिला व उसके सदस्यों पर लगे दोष सही पाए गए। इस पर शनिवार को सजा सुनाना था। दोष सिद्ध होने के बाद सरगना महिला व सदस्यों को न्यायायिक हिरासत में लिया जाना था, तभी महिला सरगना बेहोश हो गई। कोर्ट ने आरोपी महिला को पुलिस अभिरक्षा में इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा। चिकित्सकों ने शनिवार को सजा की सुनवाई के दौरान न तो महिला को कोर्ट भेजा न ही उसकी स्वास्थ संबंधी कोई सूचना भी कोर्ट में दाखिल की गई है। कोर्ट ने इस मामले में डीएम व सीएमस से जवाब मांगा है।
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