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Lalitpur News: प्राचीन कुओं की नहीं हो सकी सफाई
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पाली (ललितपुर)। बरसात प्रारंभ हो गई है, लेकिन नगर पंचायत की लापरवाही के कारण अब तक कुओं की सफाई नहींं हो पाई। जबकि, बरसात के पूर्व की कार्ययोजना तैयार करा ली गई थी।
नगर पंचायत पाली में कई प्राचीन कुएं हैं, इनकी साफ-सफाई हर वर्ष मानसून आने से पहले होती थी, लेकिन इस बार नगर पंचायत ने इसमें कोई रुचि नहीं दिखाई। हजारिया विश्वनाथ महादेव मंदिर के पास चंदेलकालीन चंदर बावड़ी है। 100 फीट से ज्यादा गहरी होने के बावजूद भीषण गर्मी के चलते यह सूख चुकी है। बावड़ी के अंदर जाने के लिए इसके चारों तरफ से एक सैकड़ा से ज्यादा सीढ़ियां हैं। पत्थरों से निर्मित इस बावड़ी की दीवारों पर कहीं पीपल तो कहीं बरगद के पेड़ उग आए हैं। अगर इनकी समय से कटाई नहीं हुई तो यह प्राचीन बावड़ी को भारी क्षति पहुंचा सकते हैं। बावड़ी की तलहटी में भी काफी कचरा जमा है।
चार वर्ष पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष रामकुमार चौरसिया व वार्ड सभासद रानी पटवारी ने इस प्राचीन बावड़ी पर भगवान शिव की विशालकाय प्रतिमा स्थापित किए जाने का प्रस्ताव पास कराया था। दो वर्ष पूर्व इसका बजट आया था, लेकिन संबंधित ठेकेदार ने इस कार्य को बीच में ही रोक दिया। प्रतिमा स्थापित होने के नाम पर अब तक केवल बावड़ी पर लोहे की रेलिंग ही बिछी नजर आती है।
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नगर पंचायत पाली में कई प्राचीन कुएं हैं, इनकी साफ-सफाई हर वर्ष मानसून आने से पहले होती थी, लेकिन इस बार नगर पंचायत ने इसमें कोई रुचि नहीं दिखाई। हजारिया विश्वनाथ महादेव मंदिर के पास चंदेलकालीन चंदर बावड़ी है। 100 फीट से ज्यादा गहरी होने के बावजूद भीषण गर्मी के चलते यह सूख चुकी है। बावड़ी के अंदर जाने के लिए इसके चारों तरफ से एक सैकड़ा से ज्यादा सीढ़ियां हैं। पत्थरों से निर्मित इस बावड़ी की दीवारों पर कहीं पीपल तो कहीं बरगद के पेड़ उग आए हैं। अगर इनकी समय से कटाई नहीं हुई तो यह प्राचीन बावड़ी को भारी क्षति पहुंचा सकते हैं। बावड़ी की तलहटी में भी काफी कचरा जमा है।
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चार वर्ष पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष रामकुमार चौरसिया व वार्ड सभासद रानी पटवारी ने इस प्राचीन बावड़ी पर भगवान शिव की विशालकाय प्रतिमा स्थापित किए जाने का प्रस्ताव पास कराया था। दो वर्ष पूर्व इसका बजट आया था, लेकिन संबंधित ठेकेदार ने इस कार्य को बीच में ही रोक दिया। प्रतिमा स्थापित होने के नाम पर अब तक केवल बावड़ी पर लोहे की रेलिंग ही बिछी नजर आती है।
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