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सरकारी अनाज रखने को गल्ला मंडी के कराए खाली चबूतरे
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ललितपुर। जिले में क्रय केंद्रों से खरीदे गए गेहूं के भंडारण के लिए नवीन गल्ला मंडी के चबूतरे खाली कराए जा रहे हैं। गोदाम फुल होने के बाद अब इन चबूूतरों पर गेहूं रखवाया जाना है। इससे पहले इन चबूतरों पर व्यापारी अपना माल रखे हुए थे।
गेहूं की खरीद बंद होने के उपरांत अब अधिकारियों ने भंडारण पर ध्यान केंद्रित कर लिया है। गोदाम फुल होने के उपरांत गल्ला मंडी के चबूतरों पर अनाज रखवाया जा रहा है। इससे पहले गल्ला मंडी के चबूतरे व्यापारी अपना माल लगे हुए थे, उन्हें खाली कराया गया है। एक अप्रैल से 22 जून तक चली खरीद में 90146 मीट्रिक गेहूं खरीदा गया है, जबकि जिले में भंडारण की क्षमता 75000 मीट्रिक टन ही है। अमरपुर मंडी गोदाम में 15000 मीट्रिक टन, अमरपुर मंडी चबूतरा 9000 मीट्रिक टन, बुढ़वार गोदाम 30000 मीट्रिक टन, ककरुआ गोदाम में 5000 मीट्रिक टन, नवीन गल्ला मंडी के वेेयर हाउस में 10000 मीट्रिक टन, नवीन गल्ला मंडी चबूतरा में 6000 मीट्रिक टन गेहूं रखने की व्यवस्था है। इस तरह 15000 मीट्रिक टन गेहूं अतिरिक्त हो गया है। जिस कारण बड़ी मात्रा में गेहूं समितियों की गोदामों में रखा हुआ है। बारिश से पहले इसके सुरक्षित भंडारण के प्रयास विभागीय अफसरों की ओर से किए जा रहे हैं, जिसके तहत गल्ला मंडी के चबूतरों को खाली कराया गया है।
खरीदे गए गेहूं में से 90 प्रतिशत का सुरक्षित भंडारण का काम पूरा हो गया है। अवशेष गेहूं के भंडारण का काम चल रहा है। बारिश से पहले इस काम का पूर्ण कर लिया जाएगा।
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- राकेश कुमार त्रिपाठी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
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गेहूं की खरीद बंद होने के उपरांत अब अधिकारियों ने भंडारण पर ध्यान केंद्रित कर लिया है। गोदाम फुल होने के उपरांत गल्ला मंडी के चबूतरों पर अनाज रखवाया जा रहा है। इससे पहले गल्ला मंडी के चबूतरे व्यापारी अपना माल लगे हुए थे, उन्हें खाली कराया गया है। एक अप्रैल से 22 जून तक चली खरीद में 90146 मीट्रिक गेहूं खरीदा गया है, जबकि जिले में भंडारण की क्षमता 75000 मीट्रिक टन ही है। अमरपुर मंडी गोदाम में 15000 मीट्रिक टन, अमरपुर मंडी चबूतरा 9000 मीट्रिक टन, बुढ़वार गोदाम 30000 मीट्रिक टन, ककरुआ गोदाम में 5000 मीट्रिक टन, नवीन गल्ला मंडी के वेेयर हाउस में 10000 मीट्रिक टन, नवीन गल्ला मंडी चबूतरा में 6000 मीट्रिक टन गेहूं रखने की व्यवस्था है। इस तरह 15000 मीट्रिक टन गेहूं अतिरिक्त हो गया है। जिस कारण बड़ी मात्रा में गेहूं समितियों की गोदामों में रखा हुआ है। बारिश से पहले इसके सुरक्षित भंडारण के प्रयास विभागीय अफसरों की ओर से किए जा रहे हैं, जिसके तहत गल्ला मंडी के चबूतरों को खाली कराया गया है।
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खरीदे गए गेहूं में से 90 प्रतिशत का सुरक्षित भंडारण का काम पूरा हो गया है। अवशेष गेहूं के भंडारण का काम चल रहा है। बारिश से पहले इस काम का पूर्ण कर लिया जाएगा।
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- राकेश कुमार त्रिपाठी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी