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बिल के साथ देनी होगी आईडी
lalitpur
Updated Fri, 21 Apr 2017 12:04 AM IST
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बिजली लाइन
- फोटो : demo pic
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बिजली बकाएदारों पर लगे सरचार्ज को शतप्रतिशत माफ करने की एमनेस्टी योजना शासन द्वारा लागू तो कर दी गई है, लेकिन योजना का प्रचार प्रसार नहीं होने के कारण उपभोक्ताओं के पंजीकरण की रफ्तार काफी धीमी चल रही है।
पांच दिनों में पूूरे जनपद में अब तक मात्र 290 एमनेस्टी योजना के तहत उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराया है। जबकि जनपद में ही करीब 75 हजार उपभोक्ताओं पर अस्सी करोड़ रुपये से अधिक बकाएदारी चल रही है। प्र्रदेश शासन की मंशानुरूप वर्षों से बकाएदार चले आ रहे उपभोक्ताओं से शत-प्रतिशत बकाएदारी वसूलने के लिए पहली बार एमनेस्टी योजना लागू की है। इसके तहत सौ विद्युत बिलों पर लगने वाला सरचार्ज सौ फीसदी माफ किया जा रहा है। यह योजना 15 अप्रैल से लागू भी कर दी गई है। साथ ही उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन द्वारा उक्त योजना को सफल बनाने के लिए योजना का प्रचार प्रसार करना के लिए भी बिजली अधिकारियों को निर्देशित किया है, ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ता योजना के तहत लाभान्वित होकर बिजली बकाएदारी अदा कराई जा सके और विद्युत विभाग भी अटकी पड़ी राजस्व वसूली पूरी कर सकेगा।
जनपद में शहर, ग्रामीण, तालबेहट और महरौनी में कुल चार उपखंड कार्यालय के अंतर्गत करीब 75 हजार उपभोक्ताओं पर कुुल 80 करोड़ की बकाएदारी चल रही है। जिन पर करीब 25 करोड़ रुपये तक का सरचार्ज माफ हो सकेगा। जबकि अकेले शहर में ही लगभग सात हजार से अधिक उपभोक्ताओं पर कुल 29 करोड़ का बकाया है, जिस पर करीब सात करोड़ रुपये सरचार्ज माफ होगा। एमनेस्टी स्कीम को शुरू हुए पांच दिन हो चुके हैं, लेकिन विभाग द्वारा योजना के प्रचार-प्रसार की योजना तैयार नहीं की गई है। जितने उपभोक्ता पहले बिलों को भरने के लिए बिलिंग काउंटरों पर पहुंच रहे थे, उतने ही उपभोक्ता अब भी काउंटरों के माध्यम से बिलों का भुगतान कर रहे हैं। इसके साथ ही अब विभागीय कर्मचारियों द्वारा एमनेस्टी के पंजीकरण के लिए उपभोक्ताओं से बिलों के साथ ही आईडी प्रूफ भी मांगा जा रहा है।
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जिससे कई बार उपभोक्ताओं को आईडी के लिए वापस घर लौटना होता है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि दलालों की दखल अंदाजी कम हो सके। ऐसे में बिजली विभाग द्वारा चारों उपखंड कार्यालय के अंतर्गत अब तक कुल 290 पंजीकरण ही कराए जा सके हैं। जबकि बिलों का भुगतान किया जाना फिलहाल बाकी है। जिसके तहत शहरी क्षेत्र में सात हजार बकाएदारों के सापेक्ष कुल 69 पंजीकरण ही कराए गए हैं। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 221 पंजीकरण हो सके हैं।
एमनेस्टी पंजीकरण के लिए किसी दूसरे का बिल होने पर आईडी ली जा रही है, ताकि सही उपभोक्ता की पहचान हो सके। योजना को अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित करने के लिए प्रचार प्रसार तेज किया जाएगा।
गौरव कुमार, अधिशासी अभियंता विद्युत।
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पांच दिनों में पूूरे जनपद में अब तक मात्र 290 एमनेस्टी योजना के तहत उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराया है। जबकि जनपद में ही करीब 75 हजार उपभोक्ताओं पर अस्सी करोड़ रुपये से अधिक बकाएदारी चल रही है। प्र्रदेश शासन की मंशानुरूप वर्षों से बकाएदार चले आ रहे उपभोक्ताओं से शत-प्रतिशत बकाएदारी वसूलने के लिए पहली बार एमनेस्टी योजना लागू की है। इसके तहत सौ विद्युत बिलों पर लगने वाला सरचार्ज सौ फीसदी माफ किया जा रहा है। यह योजना 15 अप्रैल से लागू भी कर दी गई है। साथ ही उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन द्वारा उक्त योजना को सफल बनाने के लिए योजना का प्रचार प्रसार करना के लिए भी बिजली अधिकारियों को निर्देशित किया है, ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ता योजना के तहत लाभान्वित होकर बिजली बकाएदारी अदा कराई जा सके और विद्युत विभाग भी अटकी पड़ी राजस्व वसूली पूरी कर सकेगा।
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जनपद में शहर, ग्रामीण, तालबेहट और महरौनी में कुल चार उपखंड कार्यालय के अंतर्गत करीब 75 हजार उपभोक्ताओं पर कुुल 80 करोड़ की बकाएदारी चल रही है। जिन पर करीब 25 करोड़ रुपये तक का सरचार्ज माफ हो सकेगा। जबकि अकेले शहर में ही लगभग सात हजार से अधिक उपभोक्ताओं पर कुल 29 करोड़ का बकाया है, जिस पर करीब सात करोड़ रुपये सरचार्ज माफ होगा। एमनेस्टी स्कीम को शुरू हुए पांच दिन हो चुके हैं, लेकिन विभाग द्वारा योजना के प्रचार-प्रसार की योजना तैयार नहीं की गई है। जितने उपभोक्ता पहले बिलों को भरने के लिए बिलिंग काउंटरों पर पहुंच रहे थे, उतने ही उपभोक्ता अब भी काउंटरों के माध्यम से बिलों का भुगतान कर रहे हैं। इसके साथ ही अब विभागीय कर्मचारियों द्वारा एमनेस्टी के पंजीकरण के लिए उपभोक्ताओं से बिलों के साथ ही आईडी प्रूफ भी मांगा जा रहा है।
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जिससे कई बार उपभोक्ताओं को आईडी के लिए वापस घर लौटना होता है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि दलालों की दखल अंदाजी कम हो सके। ऐसे में बिजली विभाग द्वारा चारों उपखंड कार्यालय के अंतर्गत अब तक कुल 290 पंजीकरण ही कराए जा सके हैं। जबकि बिलों का भुगतान किया जाना फिलहाल बाकी है। जिसके तहत शहरी क्षेत्र में सात हजार बकाएदारों के सापेक्ष कुल 69 पंजीकरण ही कराए गए हैं। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 221 पंजीकरण हो सके हैं।
एमनेस्टी पंजीकरण के लिए किसी दूसरे का बिल होने पर आईडी ली जा रही है, ताकि सही उपभोक्ता की पहचान हो सके। योजना को अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित करने के लिए प्रचार प्रसार तेज किया जाएगा।
गौरव कुमार, अधिशासी अभियंता विद्युत।