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कोरोना संक्रमित मरीजों को डिस्चार्ज होने पर घर नहीं छोड़ेगी एंबुलेंस
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जिला चिकित्सालय परिसर में खड़ीं एंबुलेंस
- फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। अब कोरोना संक्रमित मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद एबुंलेंस से घर नहीं छोड़ा जाएगा। शासन के निर्देश पर इस व्यवस्था में बदलाव हो गया है। अब मरीज को अपने साधन से ही घर जाना पड़ेगा।
जनपद में कोरोना वायरस का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। यहां पर सामान्य मरीजों को भर्ती कर उपचार की सुविधा है। तालबेहट में 138 पंलग की सुविधा है। इसके अलावा गल्ला मंडी में भी 120 पंलग स्थापित किए गए हैं।
अब तक कोरोना संक्रमित मरीज की सूचना मिलने पर मरीजों को सुविधा के अनुसार एंबुलेंस से लाया जाता था और स्वस्थ्य होने पर अस्पताल से डिस्चार्ज होने पर एंबुलेंस से ही घर भेजा रहा था। लगातार बढ़ रहे मरीजों और अन्य मरीजों को इससे होने वाली असुविधा को देखते हुए शासन ने इसमें थोड़ा बदलाव कर दिया है। अब कोरोना संक्रमित मरीज को अस्पताल से डिस्चार्ज होने पर एंबुलेंस से घर छोड़ने की सुविधा बंद कर दी गई है। अब संक्रमित मरीज को कोविड-19 के एल-1 अस्पताल व अटैच अस्पतालों से डिस्चार्ज होने पर घर जाने के लिए वाहन की व्यवस्था स्वयं ही करनी पड़ेगी। ऐसे में कई मरीजों को घर तक पहुंचने में दिक्कत हो सकती है।
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प्राइवेट वाहन चालक ऐसे मरीजों वाहनों में बैठाकर सफर कराने में संकोच कर रहे हैं। इससे मरीजों को वाहन की सुविधा नहीं मिल पा रही है। कइयों को तो पैदल ही सफर तय करना पड़ेगा। कोरोना के बढ़ते प्रकोप को लेकर लोग संक्रमित के संपर्क में आए लोगों से भी दूरियां बना रहे हैं।
संक्रमित व्यक्ति सात दिन के बाद संक्रमण नहीं फैला सकता है। सात दिन बाद संक्रमित व्यक्ति में वायरस कमजोर पड़ जाता है। इससे अन्य लोगों को संक्रमण का खतरा नहीं रहता है। लेकिन, ऐसे में लोगों को मुंह पर मास्क बांधना आवश्यक है।
- डॉ. अमित चतुर्वेदी, वरिष्ठ फिजीशियन, जिला अस्पताल
शासन के निर्देश पर संक्रमित मरीज के अस्पताल से डिस्चार्ज होने पर एंबुलेंस से घर छोड़ने की सुविधा बंद कर दी गई है।
- डॉ. प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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जनपद में कोरोना वायरस का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। यहां पर सामान्य मरीजों को भर्ती कर उपचार की सुविधा है। तालबेहट में 138 पंलग की सुविधा है। इसके अलावा गल्ला मंडी में भी 120 पंलग स्थापित किए गए हैं।
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अब तक कोरोना संक्रमित मरीज की सूचना मिलने पर मरीजों को सुविधा के अनुसार एंबुलेंस से लाया जाता था और स्वस्थ्य होने पर अस्पताल से डिस्चार्ज होने पर एंबुलेंस से ही घर भेजा रहा था। लगातार बढ़ रहे मरीजों और अन्य मरीजों को इससे होने वाली असुविधा को देखते हुए शासन ने इसमें थोड़ा बदलाव कर दिया है। अब कोरोना संक्रमित मरीज को अस्पताल से डिस्चार्ज होने पर एंबुलेंस से घर छोड़ने की सुविधा बंद कर दी गई है। अब संक्रमित मरीज को कोविड-19 के एल-1 अस्पताल व अटैच अस्पतालों से डिस्चार्ज होने पर घर जाने के लिए वाहन की व्यवस्था स्वयं ही करनी पड़ेगी। ऐसे में कई मरीजों को घर तक पहुंचने में दिक्कत हो सकती है।
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प्राइवेट वाहन चालक ऐसे मरीजों वाहनों में बैठाकर सफर कराने में संकोच कर रहे हैं। इससे मरीजों को वाहन की सुविधा नहीं मिल पा रही है। कइयों को तो पैदल ही सफर तय करना पड़ेगा। कोरोना के बढ़ते प्रकोप को लेकर लोग संक्रमित के संपर्क में आए लोगों से भी दूरियां बना रहे हैं।
संक्रमित व्यक्ति सात दिन के बाद संक्रमण नहीं फैला सकता है। सात दिन बाद संक्रमित व्यक्ति में वायरस कमजोर पड़ जाता है। इससे अन्य लोगों को संक्रमण का खतरा नहीं रहता है। लेकिन, ऐसे में लोगों को मुंह पर मास्क बांधना आवश्यक है।
- डॉ. अमित चतुर्वेदी, वरिष्ठ फिजीशियन, जिला अस्पताल
शासन के निर्देश पर संक्रमित मरीज के अस्पताल से डिस्चार्ज होने पर एंबुलेंस से घर छोड़ने की सुविधा बंद कर दी गई है।
- डॉ. प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी