{"_id":"685eedfaa71e415d170def82","slug":"amazing-situation-lalitpur-depot-buses-were-sent-to-other-districts-even-before-they-could-run-in-the-district-lalitpur-news-c-131-1-ltp1004-137984-2025-06-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: गजब हाल... ललितपुर डिपो की बसें जिले में चलने से पहले ही अन्य जनपदों के लिए कर दीं रवाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: गजब हाल... ललितपुर डिपो की बसें जिले में चलने से पहले ही अन्य जनपदों के लिए कर दीं रवाना
विज्ञापन
- ललितपुर डिपो के लिए 17 बसें आवंटित की गई थीं
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिले में रोडवेज बस संचालन को झटका लगता नजर आ रहा है। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने डिपो के नाम से 17 बसें आवंटित की थीं, जिससे बसों के संचालन की आस हो गई थी। लेकिन, विभागीय अधिकारियों ने बसों का संचालन ललितपुर में शुरू होने से पहले ही बसों को अन्य जनपदों के लिए रवाना कर दीं हैं। ऐसे में अब बसों के संचालन की उम्मीद लगा रहे लोगों को झटका लग गया है।
जनपद में ग्रामीण क्षेत्रों में रोडवेज बस संचालन के लिए सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से मुलाकात की थी, जिस पर परिवहन मंत्री ने ललितपुर में रोडवेज बसों के संचालन के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए थे। लंबे समय से लंबित पड़ी परमिट की प्रक्रिया शुरू की गई थी। जिला प्रशासन ने जिला परिवहन समिति में परमिटों की संस्तुति की थी। क्षेत्रीय परिवहन समिति की बैठक में ललितपुर के लिए 17 परमिट जारी हो गए थे। परमिट मिलते ही उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने 17 मिनी बसें भी ललितपुर डिपो के नाम से आवंटित की गई थी। इससे उम्मीद हो गई थी, कि अब यातायात व्यवस्था सुदृढ़ होगी।
लेकिन, विभागीय अधिकारी की मनमानी के चलते ललितपुर डिपो की बसों का संचालन शुरू होने से पहले ही अन्य जनपदों के लिए रवाना कर दी हैं। ललितपुर डिपो की पांच बसें उरई कानपुर के लिए चल रही हैं तो वहीं शुक्रवार को तीन बसें झांसी से उरई के लिए संचालित हो गई हैं। इससे अब ललितपुर में बस संचालन की उम्मीद कम होती नजर आ रही है। विभागीय अधिकारी एक के बाद एक लगातार बसों का संचालन अन्य जनपद के लिए कर रहे हैं। इस संबंध में सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने बताया कि इस मामले में क्षेत्रीय प्रबंधक से बात कर शीघ्र बसों का संचालन कराया जाएगा।
विज्ञापन
-- -
पूर्व में भी आई थीं 20 लोहिया बसें
ललितपुर डिपो की बसों को अन्य जनपदों में चलाने का यह पहला मामला नहीं है। वर्ष 2015 में 20 लोहिया ग्रामीण बसें मिली थीं, जो झांसी से ललितपुर के ग्रामीण क्षेत्रों तक चलती थीं, लेकिन अधिकारियों की मनमानी की भेंट चढ़ गईं। अधिकारियों ने एक के बाद एक लगातार बसों का संचालन बंदकर अन्य जनपदों में संचालन शुरू किया था। वर्तमान में महज दो तक सीमित रह गया है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिले में रोडवेज बस संचालन को झटका लगता नजर आ रहा है। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने डिपो के नाम से 17 बसें आवंटित की थीं, जिससे बसों के संचालन की आस हो गई थी। लेकिन, विभागीय अधिकारियों ने बसों का संचालन ललितपुर में शुरू होने से पहले ही बसों को अन्य जनपदों के लिए रवाना कर दीं हैं। ऐसे में अब बसों के संचालन की उम्मीद लगा रहे लोगों को झटका लग गया है।
जनपद में ग्रामीण क्षेत्रों में रोडवेज बस संचालन के लिए सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से मुलाकात की थी, जिस पर परिवहन मंत्री ने ललितपुर में रोडवेज बसों के संचालन के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए थे। लंबे समय से लंबित पड़ी परमिट की प्रक्रिया शुरू की गई थी। जिला प्रशासन ने जिला परिवहन समिति में परमिटों की संस्तुति की थी। क्षेत्रीय परिवहन समिति की बैठक में ललितपुर के लिए 17 परमिट जारी हो गए थे। परमिट मिलते ही उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने 17 मिनी बसें भी ललितपुर डिपो के नाम से आवंटित की गई थी। इससे उम्मीद हो गई थी, कि अब यातायात व्यवस्था सुदृढ़ होगी।
विज्ञापन
लेकिन, विभागीय अधिकारी की मनमानी के चलते ललितपुर डिपो की बसों का संचालन शुरू होने से पहले ही अन्य जनपदों के लिए रवाना कर दी हैं। ललितपुर डिपो की पांच बसें उरई कानपुर के लिए चल रही हैं तो वहीं शुक्रवार को तीन बसें झांसी से उरई के लिए संचालित हो गई हैं। इससे अब ललितपुर में बस संचालन की उम्मीद कम होती नजर आ रही है। विभागीय अधिकारी एक के बाद एक लगातार बसों का संचालन अन्य जनपद के लिए कर रहे हैं। इस संबंध में सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने बताया कि इस मामले में क्षेत्रीय प्रबंधक से बात कर शीघ्र बसों का संचालन कराया जाएगा।
विज्ञापन
पूर्व में भी आई थीं 20 लोहिया बसें
ललितपुर डिपो की बसों को अन्य जनपदों में चलाने का यह पहला मामला नहीं है। वर्ष 2015 में 20 लोहिया ग्रामीण बसें मिली थीं, जो झांसी से ललितपुर के ग्रामीण क्षेत्रों तक चलती थीं, लेकिन अधिकारियों की मनमानी की भेंट चढ़ गईं। अधिकारियों ने एक के बाद एक लगातार बसों का संचालन बंदकर अन्य जनपदों में संचालन शुरू किया था। वर्तमान में महज दो तक सीमित रह गया है।