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अमरपुर मंडी की शर्तें कठिन, किराया भी अधिक
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 02 May 2017 01:28 AM IST
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mandi
- फोटो : demo
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बुंदेलखंड पैकेज के अंतर्गत बनाई गई अमरपुर गल्ला मंडी की दुकानों का किराया अधिक और शर्तें कठिन होने के चलते अभी तक एक भी आवेदन नहीं आया। आवेदन जमा करने का आज अंतिम दिन है। मंडी में तीन श्रेणी की 336 दुकानों का नीलामी प्रक्रिया से आवंटन होना है। इनकी कीमतें अधिक होना भी प्रमुख वजह मानी जा रही है। कृषि उत्पादन मंडी समिति के तय किराए पर व्यापारी दुकानें नहीं लेना चाहते हैं।
इलाइट चौराहा से आगे नवीन गल्ला मंडी में साढ़े चार सौ कच्चे व पक्के आढ़तियों द्वारा दलहनी जिंस का व्यापार वर्षों से किया जा रहा है। पिछली केंद्र सरकार द्वारा बुंदेलखंड पैकेज के अंतर्गत अमरपुर में नवीन गल्लामंडी का निर्माण करीब 60 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। इसके तहत अब कृषि मंडी उत्पादन समिति द्वारा अमरपुर मंडी में दुकानों की आवंटन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए मंडी समिति द्वारा 21 अप्रैल को विज्ञप्ति भी जारी कर व्यापारियों से आवेदन मांगे गए। इसके तहत व्यापारियों को 250 रुपए का आवेदन पत्र खरीदना है। मंडी समिति कार्यालय में आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि दो मई है। आवंटन प्रक्रिया के एक दिन पूर्व दुकानों की श्रेणी के अनुसार जमानत राशि भी जमा करनी है। यहां अ श्रेणी के लिए 19.90 लाख रुपए, ब श्रेणी के लिए 12.80 लाख रुपए और स श्रेणी की दुकानों के लिए 7.70 लाख रुपए जमानत राशि निर्धारित की गई है। इसके साथ ही दुकान आवंटन के बाद फर्म या दुकान स्वामी को श्रेणीवार दुकान निर्माण लागत का 1.5 प्रतिशत धनराशि वार्षिक यूजर के रूप में प्रतिवर्ष समिति कार्यालय में जमा करना होगा। इसमें भी हर वर्ष तीन प्रतिशत की दर से वृद्धि की जाएगी।
आवंटन प्रक्रिया की शर्तों के अनुसार आवंटी को बिजली, पानी और अन्य देयक गृहकर आदि का भुगतान खुद करना होगा। इतनी शर्तों के साथ गल्ला व्यापारियों से मांगे गए आवेदनों से व्यापारियों में असंतोष है। इसके लिए व्यापारियों व मंडी समिति के बीच कई दौर के बैठक भी की गई। व्यापारी उक्त शर्तों के आधार पर आवेदन करने से पीछे हट रहे हैं। आज यानि दो मई को आवेदन लेने की अंतिम तिथि है, लेकिन एक मई तक कोई भी आवेदन व्यापारियों द्वारा नहीं खरीदे गए हैं। जबकि तीन मई को नीलामी प्रक्रिया शुरू होनी है, जिसमें खुद जिलाधिकारी के शामिल होने की संभावना जताई गई है।
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नीलामी मंजूर नहीं
मंडी समिति की शर्तों पर दुकानों की नीलामी मंजूर नहीं है। अभी तक व्यापारियों को दुकानों का टैक्स जमा करना होता था, लेकिन अब आगे की प्रक्रिया के तहत दुकानों के लागत के अनुसार हर वर्ष राशि जमा करनी होगी। जिसके लिए वह कतई तैयार नहीं है।
- रामस्वरूप साहू, गल्ला व्यापारी।
दुकान के बदले मिले दुकान
व्यापारी को अमरपुर मंडी में नीलामी प्रक्रिया महंगी पड़ेगी। नई मंडी में दुकान के बदले दुकान आवंटित कराई जाए। तभी वह अपना व्यापार अमरपुर स्थित नई गल्ला मंडी में शुरू करेंगे।
राहुल जैन, गल्ला व्यापारी।
नई मंडी में दुकानों की लागत अधिक रखी गई है, साथ ही जो अन्य वार्षिक यूजर चार्ज लगाया जाना है उसमें भी प्रति वर्ष तीन प्रतिशत की वृद्धि गलत है। मंडी प्रशासन से दुकान की जमानत राशि का दस प्रतिशत जमा कराया जाना चाहिए। मंडी प्रशासन से लगातार वार्ता की जा रही है।
- अशोक अनौरा, अध्यक्ष गल्ला व्यापार मंडी।
आज अंतिम मौका
अमरपुर मंडी में दुकानों तीन श्रेणियों में कुल 336 दुकानों की नीलामी के लिए प्रक्रिया जारी है। आज दो मई को आवेदन जमा करने अंतिम तिथि है। दुकानों के लिए कोई आवेदन जमा नहीं करने पर नीलामी नहीं होती है, तो जिला प्रशासन स्तर से आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा।
- अनिल कुमार, मंडी सचिव।
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इलाइट चौराहा से आगे नवीन गल्ला मंडी में साढ़े चार सौ कच्चे व पक्के आढ़तियों द्वारा दलहनी जिंस का व्यापार वर्षों से किया जा रहा है। पिछली केंद्र सरकार द्वारा बुंदेलखंड पैकेज के अंतर्गत अमरपुर में नवीन गल्लामंडी का निर्माण करीब 60 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। इसके तहत अब कृषि मंडी उत्पादन समिति द्वारा अमरपुर मंडी में दुकानों की आवंटन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए मंडी समिति द्वारा 21 अप्रैल को विज्ञप्ति भी जारी कर व्यापारियों से आवेदन मांगे गए। इसके तहत व्यापारियों को 250 रुपए का आवेदन पत्र खरीदना है। मंडी समिति कार्यालय में आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि दो मई है। आवंटन प्रक्रिया के एक दिन पूर्व दुकानों की श्रेणी के अनुसार जमानत राशि भी जमा करनी है। यहां अ श्रेणी के लिए 19.90 लाख रुपए, ब श्रेणी के लिए 12.80 लाख रुपए और स श्रेणी की दुकानों के लिए 7.70 लाख रुपए जमानत राशि निर्धारित की गई है। इसके साथ ही दुकान आवंटन के बाद फर्म या दुकान स्वामी को श्रेणीवार दुकान निर्माण लागत का 1.5 प्रतिशत धनराशि वार्षिक यूजर के रूप में प्रतिवर्ष समिति कार्यालय में जमा करना होगा। इसमें भी हर वर्ष तीन प्रतिशत की दर से वृद्धि की जाएगी।
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आवंटन प्रक्रिया की शर्तों के अनुसार आवंटी को बिजली, पानी और अन्य देयक गृहकर आदि का भुगतान खुद करना होगा। इतनी शर्तों के साथ गल्ला व्यापारियों से मांगे गए आवेदनों से व्यापारियों में असंतोष है। इसके लिए व्यापारियों व मंडी समिति के बीच कई दौर के बैठक भी की गई। व्यापारी उक्त शर्तों के आधार पर आवेदन करने से पीछे हट रहे हैं। आज यानि दो मई को आवेदन लेने की अंतिम तिथि है, लेकिन एक मई तक कोई भी आवेदन व्यापारियों द्वारा नहीं खरीदे गए हैं। जबकि तीन मई को नीलामी प्रक्रिया शुरू होनी है, जिसमें खुद जिलाधिकारी के शामिल होने की संभावना जताई गई है।
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नीलामी मंजूर नहीं
मंडी समिति की शर्तों पर दुकानों की नीलामी मंजूर नहीं है। अभी तक व्यापारियों को दुकानों का टैक्स जमा करना होता था, लेकिन अब आगे की प्रक्रिया के तहत दुकानों के लागत के अनुसार हर वर्ष राशि जमा करनी होगी। जिसके लिए वह कतई तैयार नहीं है।
- रामस्वरूप साहू, गल्ला व्यापारी।
दुकान के बदले मिले दुकान
व्यापारी को अमरपुर मंडी में नीलामी प्रक्रिया महंगी पड़ेगी। नई मंडी में दुकान के बदले दुकान आवंटित कराई जाए। तभी वह अपना व्यापार अमरपुर स्थित नई गल्ला मंडी में शुरू करेंगे।
राहुल जैन, गल्ला व्यापारी।
नई मंडी में दुकानों की लागत अधिक रखी गई है, साथ ही जो अन्य वार्षिक यूजर चार्ज लगाया जाना है उसमें भी प्रति वर्ष तीन प्रतिशत की वृद्धि गलत है। मंडी प्रशासन से दुकान की जमानत राशि का दस प्रतिशत जमा कराया जाना चाहिए। मंडी प्रशासन से लगातार वार्ता की जा रही है।
- अशोक अनौरा, अध्यक्ष गल्ला व्यापार मंडी।
आज अंतिम मौका
अमरपुर मंडी में दुकानों तीन श्रेणियों में कुल 336 दुकानों की नीलामी के लिए प्रक्रिया जारी है। आज दो मई को आवेदन जमा करने अंतिम तिथि है। दुकानों के लिए कोई आवेदन जमा नहीं करने पर नीलामी नहीं होती है, तो जिला प्रशासन स्तर से आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा।
- अनिल कुमार, मंडी सचिव।